NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
"गोली नहीं बोली चाहिए" : निर्मला देशपांडे
इस वर्ष 2019 का निर्मला देशपांडे आग़ाज़-ए-दोस्ती अवार्ड राष्ट्रीय सेवा परियोजना के समन्वयक संजय राय तथा मेहज़बीन भट्ट को दिया गया जो देशभर के युवाओं में विभिन्न जन चेतना अभियानों और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आंदोलन और समाज सेवा के विभिन्न कार्य कर रहे हैं।
प्रदीप सिंह
19 Oct 2019
Gandhian
गांधीवादी सुब्बाराव संजर राय को स्मृति चिंह्न देते हुए 

“निर्मला देशपांडे का व्यक्तित्व बहुआयामी था। उन्होंने अपने विचारों एवं कार्यों से गांधी-विनोबा के जोड़ने के कार्यो को किया। वे अपने शत्रु से भी मैत्री भाव चाहती थीं इसीलिये गांधी विचार के मूल तत्व संवाद को इन्होंने ‘गोली नहीं बोली चाहिए’ का रूप देकर विपरीत परिस्थितियों में भी शांति सद्भाव का काम किया।” 

ये विचार प्रसिद्ध गांधीवादी डॉ. एसएन सुब्बाराव के हैं। वे प्रसिद्ध गांधीसेवक एवं शांति सैनिक निर्मला देशपांडे की 90वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली में स्थित गांधी शांति प्रतिष्ठान में  आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन ‘गांधी ग्लोबल फ़ैमिली', 'निर्मला देशपांडे संस्थान’ एवं ‘आग़ाज़ ए दोस्ती’ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।

इंडिया-पाकिस्तान सोल्जर्स इनिशियेटिव फ़ॉर पीस के मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) एमए नाइक ने विषय को आगे बढ़ाते हुए कहा कि “युद्ध मे बड़ी तकलीफ़ होती है। दीदी निर्मला जी ने सही सोचा कि क्यों न युद्ध प्रशिक्षित व युद्धरत सैनिक ही शांति की बात सोचे। उनकी प्रेरणा से हमने पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों, सैनिकों व उनके बच्चों से बातचीत की और वहां भी हमें अमन की चाहत ही देखने को मिली। मतलब वे वहां ख़ुश रहें और हम यहां।

जो भारी राशि दोनों देश अपनी-अपनी सुरक्षा पर ख़र्च करते हैं यदि उसमें से कुछ बचा कर देश पर ख़र्च करें तो भूख, ग़रीबी और बेरोज़गारी काफ़ी हद तक मिट सकती है। मैंने बन्दूक उठाई, लड़ाई की पर अब शांति के लिये जो कुछ भी कर सकता हूं, वो करूंगा। निर्मला देशपांडे ने इस दिशा में बहुत कुछ किया है। 'गोली नहीं बोली चाहिये' यह एक वाक्य ही पूरे विश्व मे शांति स्थापित कर सकता है।”

चित्रकार हिना चक्रवर्ती ने कहा कि उनकी बाल्यावस्था से युवाकाल की यात्रा निर्मला देशपांडे के सान्निध्य में ही बीती है। उन्होंने उनके अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि इन लोगों की एक-एक बात प्रेरणादायी है जिसे सभी को सीखना चाहिए।

r 3_1.jpg

गांधी शांति प्रतिष्ठान में  कुमार प्रशांत

गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कुमार प्रशांत ने कहा कि उन्होंने तथा निर्मला दीदी ने अनेक वर्षों तक विभिन्न क्षेत्रों में मिल कर काम किया है। और महसूस किया कि यदि कोई संवेदनशील व्यक्ति जो लेखक, कार्यकर्ता और साथ-साथ विनोबा जी का शिष्य भी है तो यदि वह समाज में काम करता है तो तो बहुत सारी नई प्रतिभाओं को खोज निकालता है। निर्मला जी ने कहा कि गोली नहीं बोली चाहिए। बोली में ताक़त कहां से आई, जब वह निष्पक्ष व निर्लोभ होकर सच के साथ काम करता है तो बोली गोली का मुकाबला करती है। आज ऐसा दौर है जब देश मे बोली बन्द कर दी गयी है। उन्होंने आह्वान किया कि आज बोलने का समय है ताकि अन्याय और असहिष्णुता का मुकाबला किया जा सके।

गांधी स्मारक निधि के अध्यक्ष रामचन्द्र राही ने निर्मला जी के साथ अपने द्वारा किये गए कार्यो की जानकारी दी व बताया कि उन्होंने भारत-चीन हमले के बाद से ही लगातार मिल कर काम किया है। उन्होंने संत विनोबा भावे को उद्धरित करते हुए कहा कि “यह विचार पर हमला है और इसलिये विचार का बदला विचार से लिया जाना चाहिए।” हम शांति स्थापना के लिये उसके सैनिक बन कर स्थान-स्थान पर गए और भूदान और ग्रामदान का काम किया परन्तु इसके बावजूद हमारी स्पष्ट सोच थी कि हम विचार की सत्ता स्थापित करना चाहते है।

इसके लिये यह ज़रूरी नहीं कि हम एक ही तरह से सोचें मगर हमारी बुनियाद सत्य और अहिंसा की रही और इसी आधार पर विचार की सत्ता स्थापित करने के प्रयास रहे। तभी निर्मला जी जैसे लोग हिम्मत से कहते हैं कि लड़ने के लिये नही बल्कि मैत्री करने आये है और इसी बलबूते सत्ता और धन की ताक़त का मुकाबला विचार से किया।

r 4_1.jpg

गांधी शांति प्रतिष्ठान में दर्शक

साउथ एशिया फ़र्टेर्निटी के अध्यक्ष सत्यपाल ग्रोवर ने अपने वक्तव्य में कहा कि निर्मला जी एक कुशल वक्ता ही नहीं अपितु प्रबुद्ध लेखिका भी थीं। हम लोगों ने विनोबा जी के आह्वान पर अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के लिये अर्पित कर दिया तथा गोली नही बोली चाहिये के विचार के लिये काम किया।

इस अवसर पर हरिजन सेवक संघ के उपाध्यक्ष लक्ष्मीदास ने कहा कि निर्मला जी गांधी-विनोबा विचार से परिपूर्ण थी और वे इसलिए महान बनी कि उन्होंने इस विचार को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया। शब्द अमर है इसलिए पता नही कौन सी बात कब किसी के जीवन को परिवर्तित कर दे। उन्होंने छात्रों को मुखातिब होते हुए कहा कि “हम सब आज़ाद है परंतु हमारी आज़ादी वहां खत्म हो जाती है जहां दूसरे की नाक शुरू होती है। और यही सब हमे गांधी, विनोबा, निर्मला जी व सुब्बाराव जी सीखा रहे हैं और इसी को बढ़ाने की हम सब की जिम्मेवारी है।”

r 1_0.jpg

गांधी शांति प्रतिष्ठान में  राम मोहन राय

कार्यक्रम को प्रारंभ करते हुए ‘गांधी ग्लोबल फैमिली-निर्मला देशपांडे संस्थान’ के महासचिव राम मोहन राय ने दीदी निर्मला देशपांडे के जीवन यात्रा का परिचय दिया। और कहा कि वे एक सच्ची गांधीसेवक थीं इसलिये वे निर्भयता से हिंसा व आतंक के विरूद्ध शांति सद्भावना का काम करती थीं। यदि आज वे होतीं तो वे कश्मीर के लोगों की नागरिक आज़ादी के लिये कश्मीर में सत्याग्रह कर रही होतीं।

कार्यक्रम संयोजक रवि नितेश ने सभी अतिथियों का परिचय देते हुए स्वागत किया। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों में आम नागरिक की भूमिका को इंगित किया तथा वर्तमान सन्दर्भ में निर्मला देशपांडे की प्रासंगिकता को बताया।

 इस वर्ष 2019 का निर्मला देशपांडे आग़ाज़ ए दोस्ती अवार्ड राष्ट्रीय सेवा परियोजना के समन्वयक संजय राय तथा मेहज़बीन भट्ट को दिया गया जो देशभर के युवाओं में विभिन्न जन चेतना अभियानों और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आंदोलन और समाज सेवा के विभिन्न कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रवेश त्यागी व उनकी नाट्य टीम ने राष्ट्रीय एकता के अनेक सामूहिक गीत प्रस्तुत किये।  

Movement against social evils
Gandhian ideology
Nirmala Deshpande
Sanjay Rai
Mehzbeen Bhatt

Related Stories

गांधी की अहिंसा को तिलांजलि देता नया भारत!

सद्भभावना दिवस: ...क्योंकि किसानों के दिल में बस गए हैं गांधी

बार-बार, तरह-तरह से मारा जा रहा है गांधी को : प्रो. सुधीर चंद्र

गांधी रोज़ मरते हैं बस हम देखते नहीं

गांधी : हमारे हुक्मरान ने तुम्हारा चश्मा तो लिया पर तुम्हारी चश्म का क्या?

गांधी : जनसाधारण की अंतरचेतना के प्रतिबिंब

बापू के नाम उनकी 150वीं जयंती पर पत्र

"सांप्रदायिकता साम्राज्यवादी ताक़तों का सबसे मज़बूत हथियार"

सच कहना ही आज सबसे बड़ा काम : कुमार प्रशांत

समावेशी राष्ट्रीयता के पक्षधर थे गांधी


बाकी खबरें

  • अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर : रणनीतिक ज़ोजिला टनल के 2024 तक रक्षा मंत्रालय के इस्तेमाल के लिए तैयार होने की संभावना
    30 Mar 2022
    प्रोजेक्ट हैंडलर्स के मुताबिक़, ज़ोजिला टनल सहित पांचों टनल का काम सर्दियों के दौरान तेज़ किया गया है। यह रूट तय समय से एक साल पहले सितंबर 2025 में ही इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाएगा।
  • SC
    भाषा
    उच्चतम न्यायालय में चार अप्रैल से प्रत्यक्ष रूप से होगी सुनवाई
    30 Mar 2022
    शीर्ष अदालत में बुधवार को मामलों पर सुनवाई शुरू होने से पहले प्रधान न्यायाधीश ने यह घोषणा की।
  • Cartoonclick
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: चुनाव ख़तम-खेल शुरू...
    30 Mar 2022
    कहावत है कि ‘खेल ख़तम-पैसा हज़म’, लेकिन राजनीति के संदर्भ में इसे यूं भी कहा जा सकता है कि ‘चुनाव ख़तम-खेल शुरू...’ जी हां, तभी तो पांच राज्यों में चुनाव ख़त्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दामों में आग
  • sabarmati ashram
    तुषार गांधी
    मैंने क्यों साबरमती आश्रम को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है?
    30 Mar 2022
    साबरमती आश्रम महज़ बापू और बा का स्मारक ही नहीं है, बल्कि यह आज़ादी को लेकर किये गए हमारे अनूठे अहिंसक जनांदोलन, यानी सत्याग्रह का भी एक स्मारक है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,233 नए मामले, 31 मरीज़ों की मौत
    30 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 14 हज़ार 704 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License