NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
1.70 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान: ‘देर आयद, दुरुस्त आयद’, लेकिन कितना दुरुस्त?
कोरोना संकट : कुल 1.7 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का क्रियान्वयन तत्काल प्रभाव से होगा, नकदी एक अप्रैल से डालनी शुरू होगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Mar 2020
Nirmala Sitharaman

दिल्ली: कहा जाता है कि ‘देर आयद, दुरुस्त आयद’, लेकिन कितना दुरुस्त ये अभी अगले दो-तीन दिनों में पता लगेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कारोना वायरस महामारी और उसके आर्थिक प्रभाव से निपटने को लेकर बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.70 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की। यह राशि जरूरतमंदों की सहायता के लिये दी जा रही है। 

यह घोषणा अपने आप में सराहनीय है, लेकिन सबकुछ बंद हो जाने के बीच यह मदद वास्तविक ज़रूरतमंद तक किस तरह पहुंच पाती है, ये देखने वाली बात होगी। और इसे सतर्कता से जांचना होगा।

वित्त मंत्री ने राहत पैकेज में सभी श्रेणी के लोगों की सहायता को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया है।

उन्होंने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिये जुटे डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिये 50 लाख रुपये के बीमा कवर की घोषणा भी की है।   

वहीं मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये की गई है। इससे पांच करोड़ परिवारों को लाभ होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 8.69 करोड़ किसानों को अप्रैल के पहले सप्ताह में दो-दो हजार रुपये का अग्रिम भुगतान करेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि राशन की दुकानों से 80 करोड़ परिवारों को 5 किलो गेहूं या चावल के साथ एक किलो दाल तीन महीने के लिये मुफ्त दी जायेगी। 

सीतारमण ने तीन करोड़ गरीब वृद्धों, गरीब विधवाओं तथा गरीब दिव्यांगों को एक-एक हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिये 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन से निपटने के लिये आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज को अंतिम रूप दिया गया है।
कुल 1.7 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का क्रियान्वयन तत्काल प्रभाव से होगा। हालांकि नकदी मदद एक अप्रैल से मिलेगी।

सरकार अगले तीन महीने तक उन प्रतिष्ठानों के लिये नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का भविष्य निधि योगदान जमा करेगी, जिनमें 90 प्रतिशत कर्मचारी 15 हजार रुपये के वेतन वाले हैं। 
 
आर्थिक राहत पैकेज की मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश पैकेज के मुख्य बिंदू इस प्रकार हैं:    

:कोरोना वायरस के संक्रमण में लोगों के इलाज में लगे डॉक्टरों, पारामेडिकल कर्मियों, चिकित्सा सेवा कर्मियों को 50 लाख रुपये प्रति परिवार का बीमा कवर दिया जायेगा। 

:राशन की दुकानों से 80 करोड़ परिवारों को अतिरिक्त 5 किलो गेहूं या चावल के साथ एक किलो दाल तीन महीने तक मुफ्त उपलब्ध कराई जायेगी।  

:जरूरतमंदों की मदद के लिये प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.70 लाख करोड़ रुपये की घोषणा।

:प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत 8.69 करोड़ किसानों को अप्रैल के पहले सप्ताह में दो-दो हजार रुपये की अग्रिम किस्त का भुगतान।

:मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये, पांच करोड़ परिवारों को होगा लाभ।

:तीन करोड़ गरीब वृद्धों, गरीब विधवाओं तथा गरीब दिव्यांगों को एक-एक हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा।

:20 करोड़ जनधन खाताधारक महिलाओं को अगले तीन महीने तक प्रति माह मिलेंगे 500 रुपये।

:उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अगले तीन महीने तक मुफ्त मिलेगा रसोई गैस सिलिंडर, 8.3 करोड़ गरीब परिवारों को होगा लाभ।

:63 लाख महिला स्वयंसेवी समूहों के लिए रहन- मुक्त कर्ज दोगुना कर 20 लाख रुपये किया गया, सात करोड़ परिवारों को होगा लाभ।

:कई कंपनियों के लिये अगले तीन महीने तक नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का भविष्य निधि योगदान जमा करेगी सरकार।

:कर्मचारियों को भविष्य निधि खाते से 75 प्रतिशत जमा राशि अथवा तीन महीने के वेतन में जो भी कम हो उसे निकालने की अनुमति।

:कुल 1.7 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का क्रियान्वयन तत्काल प्रभाव से होगा, नकदी एक अप्रैल से डालनी शुरू होगी।
 
(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Coronavirus
COVID-19
Corona Crisis
Coronavirus Epidemic
Nirmala Sitharaman
Relief package
modi sarkar

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • प्रियंका शंकर
    रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नॉर्वे में नाटो का सैन्य अभ्यास कितना महत्वपूर्ण?
    19 Mar 2022
    हालांकि यूक्रेन में युद्ध जारी है, और नाटो ने नॉर्वे में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है, जो अभ्यास ठंडे इलाके में नाटो सैनिकों के युद्ध कौशल और नॉर्वे के सैन्य सुदृढीकरण के प्रबंधन की जांच करने के…
  • हर्षवर्धन
    क्रांतिदूत अज़ीमुल्ला जिन्होंने 'मादरे वतन भारत की जय' का नारा बुलंद किया था
    19 Mar 2022
    अज़ीमुल्ला ख़ान की 1857 के विद्रोह में भूमिका मात्र सैन्य और राजनीतिक मामलों तक ही सिमित नहीं थी, वो उस विद्रोह के एक महत्वपूर्ण विचारक भी थे।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: महंगाई-बेरोजगारी पर भारी पड़ी ‘नमक पॉलिटिक्स’
    19 Mar 2022
    तारा को महंगाई परेशान कर रही है तो बेरोजगारी का दर्द भी सता रहा है। वह कहती हैं, "सिर्फ मुफ्त में मिलने वाले सरकारी नमक का हक अदा करने के लिए हमने भाजपा को वोट दिया है। सरकार हमें मुफ्त में चावल-दाल…
  • इंदिरा जयसिंह
    नारीवादी वकालत: स्वतंत्रता आंदोलन का दूसरा पहलू
    19 Mar 2022
    हो सकता है कि भारत में वकालत का पेशा एक ऐसी पितृसत्तात्मक संस्कृति में डूबा हुआ हो, जिसमें महिलाओं को बाहर रखा जाता है, लेकिन संवैधानिक अदालतें एक ऐसी जगह होने की गुंज़ाइश बनाती हैं, जहां क़ानून को…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश विधानसभा निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित, उठे सवाल!
    19 Mar 2022
    मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित कर दिया गया। माकपा ने इसके लिए शिवराज सरकार के साथ ही नेता प्रतिपक्ष को भी जिम्मेदार ठहराया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License