NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार में लागू नहीं होगा एनआरसी? मुख्यमंत्री के वायदे पर भी लोगों को भरोसा नहीं
संसद के दोनों सदनों में जेडीयू द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम का समर्थन करने पर उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने पार्टी छोड़ने का प्रस्ताव दिया था।
मोहम्मद इमरान खान
17 Dec 2019
NRC in Bihar
Image Courtesy: Money Control

दो दिन पहले बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वायदा किया कि बिहार में एनआरसी लागू नहीं किया जाएगा। लेकिन फिर भी लोगों को इस वायदे पर बहुत ज्यादा यकीन नहीं है। जेडीयू ने जब संसद के दोनों सदनों में बिल का समर्थन किया था, तो प्रशांत किशोर ने इस्तीफा देने की पेशकश की थी।

फुलवारीशरीफ के रहने वाले पूर्व सरकारी कर्मचारी अफरोज आलम के मुताबिक, 'कौन नीतीश कुमार पर विश्वास करेगा। वो जाने-माने पलटूराम हैं। पिछले महीने वो एनआरसी का विरोध कर रहे थे जब जेडीयू ने संसद में सीएबी का समर्थन किया, तब क्या वो सो रहे थे।'

रिक्शा चालक मोहम्मद मुन्ना का कहना है कि नीतीश कुमार के पास अब लोगों का विश्वास नहीं रह गया है। उन्होंने ने सवाल करते हुए पूछा,'हमने उनकी पार्टी को वोट दिया था, लेकिन उन्होंने बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया। हम उनपर कैसे भरोसा करें?'

पटना में माइक्रो-फायनेंस सोसाइटी सहूलियत के उपाध्यक्ष अरशद अजमल ने कहा, 'मुख्यमंत्री राज्य के लोगों से कुछ नहीं कह रहे हैं; इसलिए लोगों में निराशा है।'

उन्होंने आगे कहा कि जब से जेडीयू ने सीएबी का समर्थन किया है, तबसे उनके मुखर समर्थक मुस्लिम भी उनके साथ दिखने से बच रहे हैं। कोशी नव निर्माण मंच के संयोजक महेंद्र यादव के मुताबिक़, 'हम उनके वायदे को गंभीरता से कैसे लें, क्योंकि नीतीश ने ही सार्वजनिक तौर पर घोषणा की थी कि भारत आरएसएस मुक्त होगा। उन्होंने कहा था कि मिट्टी में मिल जाएंगे, लेकिन बीजेपी से हाथ नहीं मिलाएंगे।'

गया के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता दानिश अहमद खान ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'नीतीश कुमार लोगों को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। एनआरसी केंद्रसूची का विषय है। कोई भी राज्य सरकार इससे इंकार नहीं कर सकती। जब वो संसद में विधेयक पर वोटिंग कर रहे थे, तब उन्होंने अपनी इच्छा बता दी थी।'

दानिश का आरोप है कि नीतीश कई भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे हैं, जिनमें मुजफ्फरपुर में हुए शेल्टर होम रेप केस से लेकर कई करोड़ों का सृजन घोटाला शामिल है। इसलिए उन्होंने विधेयक का समर्थन किया है।

पर्यावरण कार्यकर्ता रंजीव ने न्यूजक्लिक को बताया कि यह कुछ नहीं है, बस बिहार विधानसभा चुनावों के पहले एक जुमला है। उन्होंने कहा, 'अब वक्त बदल चुका है। पहले जेडीयू राम मंदिर, धारा 370, तीन तलाक जैसे मुद्दों की आलोचना करती थी। पर अब पार्टी ने विवादित CAB का समर्थन किया है, जबकि कई पार्टी नेता इसके खिलाफ हैं।'

पार्टी के महासचिव केसी त्यागी और बिहार के दो मंत्री अशोक चौधरी और श्याम रजक ने एनआरसी का विरोध किया है। चौधरी ने पूछा कि 'एनआरसी असम में लागू नहीं किया जा सकता तो बिहार में कैसे लागू किया जा सकता है? हम लोगों को भरोसा दिलाते हैं कि एनआरसी राज्य में लागू नहीं किया जाएगा।'

सोमवार को भी राज्य में नागरिकता संशोधन अधिनियम और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन हुए। वामपंथी पार्टियों ने 19 दिसंबर को राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है। वहीं 21 दिसंबर को आरजेडी इस विवादित कानून के खिलाफ बंद का आयोजन करेगी। लेकिन विरोध प्रदर्शनों से इत्तेफाक न रखते हुए वरिष्ठ बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि एनआरसी को बिहार समेत पूरे देश में लागू करवाया जाना चाहिए।

अंग्रेजी में लिखा मूल आलेख आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

No NRC in Bihar? People Apprehensive Despite CM’s ‘Assurance’

Citizenship Amendment Act
BJP
Bihar
JD-U
NRC
CAB
CAB Protests
Nitish Kumar
Prashant Kishor

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,568 नए मामले, 97 मरीज़ों की मौत 
    15 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.08 फ़ीसदी यानी 33 हज़ार 917 हो गयी है।
  • tree
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु के चाय बागान श्रमिकों को अच्छी चाय का एक प्याला भी मयस्सर नहीं
    15 Mar 2022
    मामूली वेतन, वन्यजीवों के हमलों, ख़राब स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य कारणों ने बड़ी संख्या में चाय बागान श्रमिकों को काम छोड़ने और मैदानी इलाक़ों में पलायन करने पर मजबूर कर दिया है।
  • नतालिया मार्क्वेस
    अमेरिका में रूस विरोधी उन्माद: किसका हित सध रहा है?
    15 Mar 2022
    संयुक्त राज्य अमेरिका का अपनी कार्रवाइयों के सिलसिले में सहमति बनाने को लेकर युद्ध उन्माद की आड़ में चालू पूर्वाग्रहों को बढ़ाने का एक लंबा इतिहास रहा है।
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    डिजिटल फाइनेंस: कैशलेस होती दुनिया में बढ़ते फ़्रॉड, मुश्किलें भी आसानी भी..
    15 Mar 2022
    हर साल 15 मार्च के दिन विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष कंज़्यूमर इंटरनेशनल के 100 देशों में फैले हुए 200 कंज़्यूमर समूहों ने "फेयर डिजिटल फाइनेंस" को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस की थीम…
  •  Scheme Workers
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों आंदोलन की राह पर हैं स्कीम वर्कर्स?
    14 Mar 2022
    हज़ारों की संख्या में स्कीम वर्कर्स 15 मार्च यानि कल संसद मार्च करेंगी। आखिर क्यों हैं वे आंदोलनरत ? जानने के लिए न्यूज़क्लिक ने बात की AR Sindhu से।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License