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नोएडा के सामूहिक बलात्कार कांड ने सबको हिलाया, चार गिरफ़्तार
इस कांड के बाद उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का वादा कर सत्ता में आने वाली बीजेपी की योगी आदित्यनाथ सरकार इस मोर्चे पर बुरी तरह विफल रही है।  
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Nov 2019
noida poilce
गौतमबुद्ध नगर पुलिस, प्रतीकात्मक फाइल फोटो। साभार : dailypioneer

नोएडा में एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले ने सबको हिलाकर रख दिया है। आरोपियों ने लड़की के साथ बलात्कार के दौरान बेहद बर्बरता भी की, जिससे दिल्ली के निर्भयाकांड की यादें ताज़ा हो गई हैं। इसी के साथ उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का वादा कर सत्ता में आने वाली बीजेपी की योगी आदित्यनाथ सरकार इस मोर्चे पर बुरी तरह विफल रही है।  

फिलहाल शुक्रवार दोपहर तक का अपडेट यह है कि युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने शुक्रवार को चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौतमबुध नगर वैभव कृष्ण ने बताया कि नोएडा के छिजारसी गांव में रहने वाली 20 वर्षीय युवती नौकरी ढूंढ़ रही थी। तभी एक कंपनी में नौकरी करने वाले युवक रवि से उसकी जान पहचान हो गई। उक्त युवक ने उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। बुधवार शाम युवक ने युवती से नौकरी के लिए जरूरी कागजात मांगे थे।

उन्होंने बताया कि शाम को युवती कागजात लेकर एफएनजी रोड के पास एक पार्क में पहुंची। पार्क सुनसान था,युवक और युवती वहां पर बैठकर बातचीत कर रहे थे। तभी दो युवक वहां पहुंचे और युवती के साथ छेड़खानी करने लगे।

दोनों युवकों ने युवती के दोस्त को डरा धमका कर वहां से भगा दिया और अपने तीन-चार अन्य दोस्तों को वहां बुला लिया। इसके बाद पार्क के पास सुनसान खेत में ले जाकर छह युवकों ने युवती से सामूहिक दुष्कर्म किया।

उन्होंने बताया कि युवती के विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ जमकर मारपीट भी की। करीब एक घंटे बाद सभी आरोपी वहां से फरार हो गए।

उन्होंने बताया कि युवती किसी तरह पुलिस चौकी पहुंची और घटना की जानकारी उन्हें दी। पुलिस ने युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसके शरीर और चेहरे पर चोट के निशान हैं। वह अब भी जिला अस्पताल में भर्ती है।

एसएसपी ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने उमेश, बृज किशोर व प्रीतम को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा युवती को पार्क में बुलाने वाले उसके दोस्त रवि को भी गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में कुछ अन्य लोग फरार हैं, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
"बहुत हुआ नारी पर वार, अबकी बार बीजेपी सरकार" जैसे नारों के साथ

2014 में केंद्र के बाद बीजेपी 2017 में यूपी में सत्ता में आई थी, लेकिन कानून-व्यवस्था के अन्य मोर्चों के साथ योगी सरकार महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी नाकाम रही।  

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध पूरे देश में सबसे ज़्यादा हैं। वर्ष 2017 में यूपी में महिलाओं के प्रति कुल 56011 अपराध दर्ज हुए जबकि पूरे देश में उस वर्ष ऐसे कुल 3.60 लाख अपराध दर्ज किए गए थे। वर्ष 2015 में प्रदेश में महिलाओं के प्रति कुल 35908 और 2016 में 49262 अपराध दर्ज किए गए थे। इनमें से 2524 मामले दहेज हत्या, 12600 घरेलू हिंसा और 15,000 अपहरण के मामले थे। 2017 में प्रदेश में बलात्कार के कुल 4246 मामले दर्ज हुए।
(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

इसे पढ़ें : एनसीआरबी: मॉब लिचिंग के आंकड़े गायब, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध में बढ़ोतरी

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