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दिल्ली : कुछ इलाकों में फिर से हिंसा, मरने वालों की संख्या बढ़ कर सात हुई
अभी भी दिल्ली के तमाम इलाकों में तनाव बना हुआ है और स्थिति पल-पल में बन और बिगड़ रही है। खजूरी से करावल नगर जाने वाले रास्ते पे कल शाम की हिंसा के बाद आज सुबह भी बड़े पैमाने पर हिंसा हुई।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Feb 2020
Delhi VIolence

दिल्ली : उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसक घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़ कर सात हो गई है। पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। संशोधित नागरिकता कानून को लेकर सोमवार को हुई हिंसा में जान गंवाने वाले सात लोगों में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतनलाल शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार तक हिंसा में जान गंवाने वालों की संख्या चार थी। मंगलवार को यह संख्या बढ़ कर सात हो गई है।

दूसरी ओर पूर्वोत्तर दिल्ली के कुछ इलाकों में मंगलवार को फिर से हिंसा हुई जहां भीड़ ने पथराव किया और बंद दुकानों में तोड़फोड़ की। पूर्वोत्तर दिल्ली में तनाव व्याप्त है।

खजूरी से करावल नगर जाने वाले रास्ते पे कल शाम की हिंसा के बाद आज सुबह भी बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। बताया जा रहा है कि इस रोड़ पर सुबह से तकरीबन कम से कम 30 से अधिक गाड़ियों में आग लगा दी गई है। इसके साथ ही कुछ दुकानों में भी आगजनी की गई है। इन सब सबसे बड़ी बात यह है कि ये सब पुलिस की मौजूदगी में किया गया है।

अभी भी करवाल नगर रोड़ पे बड़ी संख्या में सीएए समर्थक लोग हाथ में डंडे, रॉड और तलवार लिए हुए दिख रहे हैं। लेकिन पुलिस या सुरक्षा बल की तरफ़ से इन्हे हटाने की कोशिश नहीं हो रही है।

आपको बता दे कि इस रोड़ पे जहां हिंसा हुई है वहां सीआरपीएफ, RAF के बटालियनों के रुकने के लिए स्टेशन है। इसके साथ ही खजूरी थाना जहां एसीपी स्तर के अधिकारी बैठते हैं वो भी है लेकिन इन सबके बावजूद सोमवार दोपहर से यहां हिंसा का तांडव हो रहा है। लेकिन पुलिस बल इस पर काबू नहीं पा पा रहा है। कल से इस इलाके में घूमने से एक बात दिख रही है कि पुलिस अपने काम को करने में असफल है।

सोमवार देर शाम तक वहां गाड़ी वालों को रोककर जय श्रीराम बोलने के लिए बोला गया और नहीं बोलने पे उन्हे बुरी तरह से पीटा गया था। इसके साथ ही रात में खजूरी की श्रीराम कालोनी में शांतिपूर्ण तरीके से बीते कई दिनों से सीएए के ख़िलाफ़ चल रहे दिन रात के धरने पर भी पत्थरबाज़ी की गई। फिलहाल अभी इस इलाक़े में किसी भी तरह की पत्थरबाज़ी या हिंसा नहीं हो रही है। लेकिन इस पूरे इलाक़े में स्थति बहुत तनावपूर्ण बनी हुई है।

ख़बर है कि मंगलवार सुबह से जारी हिंसा के बीच मौजपुर चौक पर महिलाओं ने कई दुकानों में तोड़फोड़ की। मारुति सुज़ुकी के शो रूम और टायर फैक्ट्री के साथ ही भजनपुरा के कई दुकानों में तोड़फोड़ और आग लगा दी गई है। इसी के साथ भीड़ ने मौजपुर में ही एक घड़ी, एक एसी और जूते की दुकान में आग लगा दी।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उत्तर पूर्वी जिले के मौजपुर और ब्रह्मपुरी इलाके में मंगलवार सुबह भी पथराव किया गया, हालांकि इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है। भीड़ ने नर्सिंग होम के बाहर लगे बिजली के खंभे को तोड़ दिया, जिससे कल्याण सिनेमा और घोंडा के कुछ इलाकों की बिजली चली गई। पूर्वी दिल्ली स्थित ब्रह्मपुरी रोड पर सारी दुकानें बंद हैं, साथ ही सार्वजनिक सेवा बिल्कुल बंद है। लोग समूह बनाकर सड़क पर खड़े हैं।
सोनिया विहार में भी लोगो सड़कों पर उतरकर नारेबाज़ी कर रहे हैं। अभी मिली जानकारी के मुताबिक़ सोनिया विहार ज़ीरो पुश्ता पर एक गाड़ी में आग लगा दी गई है। इसके साथ ही सैकड़ों की संख्या में सीएए समर्थक सड़कों पर उतरकर भारत माता की जय, जय श्री राम और इसके साथ ही मुसलमानों के खिलाफ़ भडक़ाऊ नारे लगा रहे हैं।

आपको यह भी बता दें कि मौजपुर में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने एक सभा बुलाई थी जिसमें काफी उत्तेजक बातें की गईं और मांग की गयी थी कि पुलिस तीन दिन के भीतर सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को हटाए, इसके तुरंत बाद दो समूहों के बीच टकराव की ख़बरें आने लगीं और देखते ही देखते दिल्ली का माहौल पूरी तरह बिगड़ गया।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसा के बाद राष्ट्रीय राजधानी में हालात का जायजा लेने के लिए आज मंगलवार को एक बैठक बुलाई। इस बैठक में उप राज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि शाह ने दिल्ली के हालात पर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई है। इससे पहले शाह ने राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए सोमवार रात को भी एक बैठक की थी।

इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि वह दिल्ली के कुछ हिस्सों के हालात को लेकर बेहद चिंतित हैं और इस संबंध में उन्होंने हिंसा प्रभावित इलाकों के सभी दलों के विधायकों के साथ आपात बैठक बुलाई है। गौरतलब है कि दिल्ली के जाफराबाद और मौजपुर में सोमवार को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का समर्थन करने वाले और विरोध करने वाले समूहों के बीच संघर्ष हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कई घरों, दुकानों तथा वाहनों में आग लगा दी और एक-दूसरे पर पथराव किया था।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर सभी से हिंसा छोड़ने की अपील भी की। उन्होंने ट्वीट किया, ‘दिल्ली के कुछ हिस्सों के हालात को लेकर चिंतित हूं। हम सब को एक साथ आकर शांति बहाल करने के प्रयास करने चाहिए। सभी से हिंसा छोड़ने की अपील करता हूं।’ केजरीवाल ने कहा, ‘दिल्ली में हिंसा प्रभावित इलाकों के सभी दलों के विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करूंगा।’

केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और मौके पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किये गये है। हिंसा प्रभावित इलाकों में सीएए समर्थक एवं विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार पथराव हुआ। सड़कों पर ईंट, पत्थर और कांच के टुकड़े बिखरे हैं।

डीएमआरसी ने ट्वीट किया था, 'जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर, गोकलपुरी, जौहरी एनक्लेव और शिव विहार मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिये गए हैं। ट्रेनें वेलकम मेट्रो स्टेशन तक ही जाएंगी।' जाफराबाद और मौजपुर-बाबरपुर स्टेशन 24 घंटे से अधिक समय से बंद हैं।

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