NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिकी प्रतिनिधि के दक्षिण कोरिया दौरे में 'उत्तर कोरिया के साथ वार्ता' की चर्चा प्रमुखता से पाई गई
उत्तर कोरिया के साथ तनावपूर्ण शांति प्रक्रिया पर तवज्जो नहीं देने की अमेरिकी कोशिशों के बावजूद शीर्ष आरओके अधिकारियों के साथ अमेरिकी दूत की बैठकों में उत्तर कोरिया बहुत प्रमुखता से आया।
पीपल्स डिस्पैच
09 Jul 2020
उत्तर कोरिया के साथ वार्ता

उत्तर कोरिया के साथ बातचीत फिर से शूरू करने के दक्षिण कोरिया के प्रयास के साथ दक्षिण कोरिया के लिए शीर्ष संयुक्त राज्य अमेरिकी दूत (आरओके) का उच्च-स्तरीय दौरा समाप्त होने वाला है। अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट स्टीफन बिगुन की तीन दिवसीय बैठक गुरुवार 9 जुलाई को आरओके के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सुह हून के साथ समाप्त हो गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब अांतरिक-कोरियाई संबंधों में करवाहट व्याप्त है।

गुरुवार को आरओके के अध्यक्ष मून जेई-इन के कार्यालय ने एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि "उत्तर कोरिया के साथ बातचीत को फिर से शुरू करने के महत्व को बिगुन ने ज़ोर दिया।"

अमेरिका ने बिगुन के दौरे में उत्तर कोरिया के महत्व को लगातार तवज्जो न देने का प्रयास किया। बिगुन और उत्तर कोरिया दोनों ने जल्द ही कभी भी वार्ता को आगे बढ़ाने के किसी भी इरादे से इनकार किया है। लेकिन सियोल पहुंचने के दिन अमेरिकी प्रतिनिधि ने संकेत दिया कि ट्रम्प प्रशासन बातचीत के लिए "उदार" है।

बिगुन इससे पहले ट्रम्प प्रशासन के विभिन्न यूएस-नॉर्थ कोरिया शिखर सम्मेलन में कार्य स्तर की वार्ता का पक्ष ले रहे थे। वह अब ज़ोर देकर कहते हैं कि वह दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के साथ व्यापक मामलों पर चर्चा करने के लिए सियोल में है। लेकिन रिपोर्टों में कहा गया है कि सिओल में अधिकारियों को उम्मीद है कि इस वार्ता में उत्तर कोरिया प्रमुखता से भाग लेगा।

हाल ही में दोनों कोरिया के बीच की सैन्य सीमा जिसे डिमिलिटराइज्ड ज़ोन (डीएमजेड) कहा जाता है वह बड़े झड़पों का गवाह बना है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में दोनों पक्षों को सीमा पार से उल्लंघन का दोषी पाया गया है। इसके बाद उत्तर कोरिया ने डीएमजेड में उत्तर-विरोधी प्रोपगैंडा को नियंत्रित करने में दक्षिण की अक्षमता को लेकर आलोचना किया है। इसने बाद में मई महीने में अंतर-सरकारी संचार संपर्क को समाप्त कर दिया था। उत्तर कोरिया से फरार के साथ साथ दक्षिण कोरियाई विरोध में रूढ़िवादियों द्वारा इस प्रोपगैंडा को बढ़ाने का प्रयास किया गया।

आंतरिक-कोरियाई संबंधों के टूटने से पहले अमेरिका-उत्तर कोरिया की वार्ता असफल हुई थी। उत्तर कोरिया अपनी सरकार के ख़िलाफ़ यूएस प्रायोजित यूएन प्रस्तावों के बाद वार्ता से हट गया था और इसने दक्षिण के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास किया था। इसके बाद अमेरिकी प्रतिबंधों को फिर से लागू किया गया।

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बातचीत का अंतिम दौर अक्टूबर 2019 में स्वीडन में किया गया था। ये शिखर सम्मेलन और इससे पहले का सम्मेलन कोई भी परिणाम देने में विफल रहा क्योंकि उत्तर कोरिया ने शिकायत की कि अमेरिका ने परमाणु हथियार हटाने की कार्रवाई के बदले में अपनी तरफ से कोई ठोस प्रतिबद्धता की पेशकश नहीं की।

South Korea
America
US
UN

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने रूस को शीर्ष मानवाधिकार संस्था से निलंबित किया

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?


बाकी खबरें

  • राजेंद्र शर्मा
    मुस्कुराहट वाला नफ़रती बोल, नफ़रती नहीं होता
    28 Mar 2022
    कटाक्ष: जरा सोचिए, नये इंडिया को ऐेसे किसी भी कदम की कितनी ज़रूरत थी, जो देश में खुशी बढ़ाए, देश के खुशी सूचकांक को ऊपर उठाए। जब से विश्व खुशी सूचकांक में भारत खिसक कर 136वें नंबर पर पहुंचा है।
  • लाल बहादुर सिंह
    "जनता और देश को बचाने" के संकल्प के साथ मज़दूर-वर्ग का यह लड़ाकू तेवर हमारे लोकतंत्र के लिए शुभ है
    28 Mar 2022
    इस ऐतिहासिक हड़ताल से यह भरोसा पैदा होता है कि लड़ाकू मज़दूर, किसानों तथा छात्र-नौजवानों के साथ मिलकर जनता के सच्चे प्रतिपक्ष का निर्माण करेंगे तथा कारपोरेट हिंदुत्व के राष्ट्रीय विनाश के अभियान पर…
  • शोला लवाल
    अफ़्रीकी देश अपनी मुद्रायें यूरोप से क्यों छपवाते हैं
    28 Mar 2022
    आज़ादी के दशकों बाद भी कम से कम 40 अफ़्रीकी देश यूके, फ़्रांस और जर्मनी में अपनी मुद्रा छपवाते हैं,यह स्थिति दरअस्ल उनकी आत्मनिर्भरता पर सवाल उठाती है। इस लेख में डीडब्ल्यू ने इसी बात की पड़ताल किया…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,270 नए मामले, 31 मरीज़ों की मौत
    28 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.04 फ़ीसदी यानी 15 हज़ार 859 हो गयी है।
  • भाषा
    ऑस्कर में ‘ड्राइव माय कार’ को मिला सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म का पुरस्कार
    28 Mar 2022
    फिल्म को इससे पहले ‘गोल्डन ग्लोब’ और ‘बाफ्टा’ पुरस्कार में भी सम्मानित किया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License