NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एक व्यक्ति नहीं बल्कि सामूहिक प्रयास से मिली है केरल की जीत : माकपा
केरल में माकपा के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) ने राज्य विधानसभा की 140 में से 99 सीटें हासिल करके चार दशक से चली आ रही हर पांच साल पर सत्ता परिवर्तन की परिपाटी को भी ध्वस्त कर दिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 May 2021
 माकपा

नयी दिल्ली: देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में दो मई को चुनाव परिणाम आए। इसमें से एक महत्वपूर्ण राज्य केरल भी था, जहाँ इस बार के चुनाव परिणाम ऐतिहासिक है क्योंकि वहां लगभग चार दशक बाद किसी सत्तधारी दल या गठबंधन की वापसी हुई है।  केरल को एक पैंडुलम स्टेट कहा जाता था यानि यहाँ हर पांच वर्ष में सत्ता परिवर्तन होता रहा है। लेकिन इस बार लेफ्ट डेमोक्रटिक गठबंधन की जीत ने इस परंपरा को तोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

केरल में वाम के जीत के कई प्रमुख कारण थे, लेकिन मुख्यतौर पर उनका मज़बूत वैचारिक संगठनात्मक मज़बूती दूसरा माहमारी और प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़ और तूफानों से राज्य की सुरक्षा और उनका प्रबंधन कौशल ने इस जीत में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।   हालाँकि  केरल विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चे की लगातार दूसरी बार जीत का श्रेय कई राजनीतिक टिप्पणीकारों की तरफ से भले ही मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को दिया जा रहा है।  लेकिन माकपा ने इसे सिरे से खारिज़ करते हुए पार्टी के मुखपत्र ‘पीपुल्स डेली’ के संपादकीय में कहा है कि ‘व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास’ से यह ऐतिहासिक विजय मिली है।

मुखपत्र के संपादक और माकपा के पूर्व महासचिव प्रकाश करात इस संपादकीय में विजयन को ‘सुप्रीम लीडर’ (सर्वोच्च नेता) या ‘स्ट्रांग मैन’ (सशक्त व्यक्ति) कहे जाने पर आपत्ति जताते हुए प्रतीत होते हैं।

केरल में माकपा के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) ने राज्य विधानसभा की 140 में से 99 सीटें हासिल करके चार दशक से चली आ रही हर पांच साल पर सत्ता परिवर्तन की परिपाटी को भी ध्वस्त कर दिया।

इस प्रचंड जीत के साथ विजयन केरल में तीसरे ऐसे मुख्यमंत्री हो गए हैं जिनकी अगुवाई में लगातार दो चुनाव जीते गए तथा वह राज्य के पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्हें पांच साल का एक कार्यकाल पूरा करने के बाद लगातार दूसरा कार्यकाल मिला है।

संपादकीय में कहा गया है, ‘‘मीडिया के एक हिस्से और कुछ राजनीतिक टिप्पणीकारों द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि इस ऐतिहासिक जीत को व्यक्तित्व और पिनराई विजयन की भूमिका तक सीमित कर दिया जाए। उनके मुताबिक, एक ‘सुप्रीम लीडर’ या ‘स्ट्रांग मैन’ का उदय ही एलडीएफ की सफलता का मुख्य कारण है। वे दावा करते हैं कि सरकार और पार्टी में एक व्यक्ति का वर्चस्व है।’’

इसमें आगे कहा गया है, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि मुख्यमंत्री के रूप में पिनराई विजयन ने नए मानदंड स्थापित किए हैं। बहरहाल, यह जीत व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास का परिणाम है।’’

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )  

Kerala
CPIM
LDF
Pinarayi Vijayan

Related Stories

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन मामले को सुनियोजित रूप से ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर के विवाद में बदला गयाः सीपीएम

झारखंड : हेमंत सरकार को गिराने की कोशिशों के ख़िलाफ़ वाम दलों ने BJP को दी चेतावनी

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम


बाकी खबरें

  • otting massacre
    अजय सिंह
    2021: हिंसक घटनाओं को राजसत्ता का समर्थन
    31 Dec 2021
    दिखायी दे रहा है कि लिंचिंग और जेनोसाइड को सामाजिक-राजनीतिक वैधता दिलाने की कोशिश की जा रही है। इसमें भाजपा और कांग्रेस की मिलीभगत लग रही है। वर्ष 2021 को इसलिए भी याद किया जायेगा।
  • dharm sansad
    स्मृति कोप्पिकर
    तबाही का साल 2021: भारत के हिस्से में निराशा, मगर लड़ाई तब भी जारी रहनी चाहिए
    31 Dec 2021
    साम्प्रदायिक विद्वेष और दलित विरोधी हिंसा के चलते हमारी स्थिति पहले भी बहुत ख़राब थी, लेकिन मौजूदा स्थिति कहीं ज़्यादा ख़राब है। नफ़रत 2021 की हमारी नयी पहचान बन गयी और भारत सरकते हुए बहुत नीचे चला…
  • BAJRANG DAL
    रवि शंकर दुबे
    बजरंग दल को नए साल के जश्न से भी परेशानी, काशी की गलियों में नोटिस लगाकर दी धमकी
    31 Dec 2021
    विश्व हिंदू परिषद हर दिन नई धमकियाँ दे रहा है। इस बार विहिप ने धमकी दी है कि अगर नए साल का जश्न मनाया गया तो ठीक नहीं होगा, साथ ही इस दल ने पब और होटल पर संगीन आरोप मढ़ दिए हैं।
  • dharm sansad
    सत्यम श्रीवास्तव
    असल सवाल इन धर्म संसदों के औचित्य का है
    31 Dec 2021
    सवाल हरिद्वार या रायपुर में एक या अनेक लेकिन एक जैसे कथित संतों द्वारा बदतमीज़ी और उकसाने वाले बयानों का नहीं है बल्कि असल सवाल इन कथित धर्म सांसदों के आयोजनों के औचित्य का है।
  • protest
    रौनक छाबड़ा
    हरियाणा: यूनियन का कहना है- नाकाफी है खट्टर की ‘सौगात’, जारी रहेगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल
    31 Dec 2021
    8 दिसंबर से जारी हड़ताल की कार्रवाई के चलते राज्य भर के सभी 22 जिलों में लगभग 26,000 आंगनबाड़ी केंद्रों में कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License