NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
संगीत
भारत
जाने माने गीतकार-कवि पूवाचल खादर का निधन
मलयालम में कई हिट गीतों की रचना कर चुके खादर ने पांच दशक के अपने कॅरियर में करीब 400 फिल्मों में 1500 गीत लिखें हैं।
भाषा
22 Jun 2021
जाने माने गीतकार-कवि पूवाचल खादर का निधन

तिरुवनंतपुरम: मलयालम सिनेमा में 1970 और 1980 के दशक में कई सदाबहार लोकप्रिय रूमानी और दर्द भरे नगमों की रचना करने वाले प्रख्यात गीतकार-कवि पूवाचल खादर का यहां मंगलवार को कोविड-19 की जटिलताओं के कारण निधन हो गया। वह 73 वर्ष के थे।

उनके परिवार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यहां के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उनका कोविड-19 और गंभीर निमोनिया का उपचार चल रहा था और इसी दौरान दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। मलयालम में कई हिट गीतों की रचना कर चुके खादर ने पांच दशक के अपने कॅरियर में करीब 400 फिल्मों में 1500 गीत लिखें हैं।

खादर के लिखे गीतों में ‘‘पूमानामे (निराकुट्टू), ‘‘अनुरागिनी इथा एन’’ (ओरु कुडाक्कीझील), ‘‘इथो जनमा कल्पनायिल’’ (पालंगल), ‘‘नाथा नी वरुम’’ (चामाराम) और कई अन्य शामिल हैं।

तिरुवनंतपुरम के पास पूवाचल जैसी छोटी जगह पर 25 दिसंबर 1948 को जन्मे खादर फिल्मों का हिस्सा बनने से पहले बतौर इंजीनियर सरकारी सेवा में थे। 1972 में एक फिल्म में गीत लिखकर वह मशहूर हुए और दशकों तक फिल्मों का हिस्सा रहे। उन्होंने के जे यसुदास, पी जयचंद्रन, एस जानकी और कई संगीतकारों के लिए गीत लिखे।

Poovachal Khader
Poovachal Khader passes away

Related Stories


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!
    27 Mar 2022
    पुनर्प्रकाशन : यही तो दिन थे, जब दो बरस पहले 2020 में पूरे देश पर अनियोजित लॉकडाउन थोप दिया गया था। ‘इतवार की कविता’ में पढ़ते हैं लॉकडाउन की कहानी कहती कवि-पत्रकार मुकुल सरल की कविता- ‘लॉकडाउन—2020’।
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    लीजिए विकास फिर से शुरू हो गया है, अब ख़ुश!
    27 Mar 2022
    ये एक सौ तीस-चालीस दिन बहुत ही बेचैनी में गुजरे। पहले तो अच्छा लगा कि पेट्रोल डीज़ल की कीमत बढ़ नहीं रही हैं। पर फिर हुई बेचैनी शुरू। लगा जैसे कि हम अनाथ ही हो गये हैं। जैसे कि देश में सरकार ही नहीं…
  • सुबोध वर्मा
    28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?
    27 Mar 2022
    मज़दूर और किसान आर्थिक संकट से राहत के साथ-साथ मोदी सरकार की आर्थिक नीति में संपूर्ण बदलाव की भी मांग कर रहे हैं।
  • अजय कुमार
    महंगाई मार गई...: चावल, आटा, दाल, सरसों के तेल से लेकर सर्फ़ साबुन सब महंगा
    27 Mar 2022
    सरकारी महंगाई के आंकड़ों के साथ किराना दुकान के महंगाई आकड़ें देखिये तो पता चलेगा कि महंगाई की मार से आम जनता कितनी बेहाल होगी ?
  • जॉन पी. रुएहल
    क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?
    27 Mar 2022
    अपने सैन्य गठबंधन, सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) के जरिये संभावित हस्तक्षेप से रूस को एक राजनयिक जीत प्राप्त हो सकती है और अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उसके पास एक स्वीकार्य मार्ग प्रशस्त…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License