NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिव्यांग लड़की की याचिका पर उच्चतम न्यायालय का केंद्र, एमसीआई को नोटिस
याचिका में कहा गया है कि सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी प्रमाण पत्र याचिकाकर्ता के खिलाफ दिव्यांगता की प्रकृति को लेकर पक्षपातपूर्ण है, क्योंकि चिकित्सक पेशेवर के तौर पर वह सभी काम करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं और मेडिकल कॉलेज में नामांकन की हकदार हैं।
भाषा
13 Mar 2021
 सफदरजंग अस्पताल
Image Courtesy : Amarujala

नयी दिल्ली:उच्चतम न्यायालय ने एक दिव्यांग लड़की की याचिका पर केंद्र और भारतीय चिकित्सा परिषद् (एमसीआई) से जवाब मांगा है। लड़की ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए याचिका दायर की है।

न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट की पीठ ने सरकार, भारतीय चिकित्सा परिषद् और अन्य को नोटिस जारी कर याचिका पर उनसे जवाब मांगा।

राजस्थान निवासी शशि कुमारी की याचिका पर उच्चतम न्यायालय सुनवाई कर रहा था। उन्होंने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी है, जिसने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में सफल होने के बावजूद एमबीबीएस पाठ्यक्रम में नामांकन की उनकी याचिका खारिज कर दी थी।

याचिका में कहा गया है कि सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी प्रमाण पत्र याचिकाकर्ता के खिलाफ दिव्यांगता की प्रकृति को लेकर पक्षपातपूर्ण है, क्योंकि चिकित्सक पेशेवर के तौर पर वह सभी काम करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं और मेडिकल कॉलेज में नामांकन की हकदार हैं।

इसमें कहा गया है कि याचिकाकर्ता दिव्यांगों के अधिकार कानून 2016 के मुताबिक 48 फीसदी दिव्यांग है और कानून के मुताबिक शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की हकदार है।

याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वकील गौरव कुमार बंसल ने कहा कि एमसीआई की पाबंदियों के कारण दिव्यांग छात्रों को चिकित्सा विज्ञान में कॅरियर बनाने की अनुमति नहीं दी जाती है।

उन्होंने कहा कि काफी साक्ष्य हैं कि इस तरह के दिव्यांग छात्र चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई करने में सक्षम हैं।

Supreme Court
Handicapped
Safdarjung Hospital

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में फिर लौटा चमकी बुखार, मुज़फ़्फ़रपुर में अब तक दो बच्चों की मौत
    16 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर के अस्पतालों में हर दिन चमकी बुखार के लक्षण वाले बच्चे आ रहे हैं।
  • पीपुल्स डिस्पैच
    द.अफ्रीकाः स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना बाद की कटौती का विरोध कर रहे हैं
    16 Apr 2022
    दक्षिण अफ्रीका के कई प्रांतों में स्वास्थ्य संस्थानों में काम करने वाले श्रमिकों ने अपने रोजगारों के नुकसान और सेवाओं के पुनर्गठन के खतरों का सामना करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और औद्योगिक…
  • सोनिया यादव
    यूपी: अब झांसी में अवैध खनन की रिपोर्टिंग करने गए पत्रकार पर हमला, कहां है कानून व्यवस्था? 
    16 Apr 2022
    प्रदेश में पत्रकारों के ख़िलाफ़ जिस तरह से मार-पीट और मुक़दमे दर्ज हो रहे हैं उससे तो यही लगता है कि आने वाले दिनों में राज्य में पत्रकारिता और पत्रकारों की दशा और खराब हो सकती है।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: ये बुलडोजरिस्तान हमारा, हम को प्राणों से है प्यारा!
    16 Apr 2022
    सच तो यह है कि बुलडोजर, मोदी जी के नये भारत की निशानी है। दिखाने में सेक्युलर और घर-दुकान गिराने में, छांट-छांटकर चलने वाला। बाबा का, मामा का या और किसी भी भगवाधारी का बुलडोजर जब चलता है, पुराना…
  • रमा तेलतुंबड़े आंबेडकर
    दो साल से कैद आनंद तेलतुंबड़े के जीवन के सबसे मार्मिक पल
    16 Apr 2022
    आनंद ने न्यायपालिका से अपने खिलाफ़ लगाए गए घृणित और गलत आरोपों को रद्द करने की गुहार लगाई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License