NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
अब तमिलनाडु के मंदिर में भी महिला से सामूहिक बलात्कार
यूपी के बदायूं में मंदिर में बलात्कार और हत्या की घटना से हर कोई आहत है। अब तमिलनाडु में भी एक मंदिर में बलात्कार का मामला सामने आया है।
भाषा
08 Jan 2021
rape

नागपट्टिनम (तमिलनाडु)। नागपट्टिनम में निर्माण मजदूर के रूप में काम करने वाली 40 वर्षीय विधवा के साथ एक मंदिर में कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने कहा कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार रात इन दोनों लोगों ने अपनी बहन के घर की ओर जा रही विधवा का पीछा किया और कथित तौर पर उसे चाकू की नोक पर मंदिर में घसीटा।

पुलिस ने कहा कि वहां दोनों ने कथित तौर पर आज तड़के तक उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और घटनास्थल से भाग गये। उन्होंने कहा कि महिला को कई चोटें आईं और वह बेहोश हो गई।

उन्होंने कहा कि इलाके में रहने वाले लोगों ने उसे बचाया और उसे नागपट्टिनम जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने कहा कि बलात्कार पीड़िता ने कहा कि दोनों आरोपी शराब के नशे में थे।

उन्होंने कहा कि पूजा स्थल में उसे घसीटने के बाद उन्होंने उसकी पिटाई की, उसके साथ दुष्कर्म किया और घटना के बारे में खुलासा न करने की धमकी दी। दोनों ने उसके पास जो पैसे थे, उन्हें भी ले लिया।

उन्होंने कहा कि आगे की जांच चल रही है। पीड़िता के पति की दो साल पहले मौत हो चुकी है और उसके दो बच्चे हैं।

इसे पढ़ें : बदायूं मामला: मुख्य आरोपी महंत गिरफ़्तार, लेकिन कई सवाल अब भी बरकरार!

Tamilnadu
gang rape
crimes against women
violence against women
women safety

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं


बाकी खबरें

  • पीपल्स डिस्पैच
    कोलंबिया में राष्ट्रीय हड़ताल के दस सप्ताह पूरे हुए
    07 Jul 2021
    पिछले 70 दिनों की राष्ट्रीय हड़ताल और राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दौरान कोलंबियाई सुरक्षा बलों द्वारा कम से कम 84 लोग मारे गए हैं।
  • पीपल्स डिस्पैच
    विरोध के बीच ब्रिटेन के हाउस ऑफ़ कॉमन्स में विवादास्पद पुलिस बिल पारित
    07 Jul 2021
    ब्रिटेन की संसद में प्रस्तावित पुलिस, क्राइम, सेंटेंसिंग एंड कोर्ट बिल के प्रावधान पुलिस को विरोध और सार्वजनिक समारोहों को नियंत्रित करने के लिए अधिक विवेकाधीन अधिकार देंगे।
  • dilip kumar
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत : नहीं रहे हमारे शहज़ादे सलीम, नहीं रहे दिलीप कुमार
    07 Jul 2021
    ‘‘भारतीय सिनेमा का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, वह हमेशा 'दिलीप कुमार से पहले, और दिलीप कुमार के बाद' होगा...”
  • hasdeo aranya
    सुमेधा पाल
    हसदेव अरण्य: केते बेसन पर 14 जुलाई को होने वाली जन सुनवाई को टाले जाने की मांग ज़ोर पकड़ती जा रही है
    07 Jul 2021
    छत्तीसगढ़ के सुरगुजा जिले में गोंड आदिवासी घने जंगलों के बीच में स्थित केते बेसन नामक एक और कोयला ब्लॉक में कार्य-संचालन के खिलाफ अपने प्रतिरोध को जारी रखे हुए हैं।
  • rs
    रज़ा मुजफ़्फ़र भट
    कश्मीर: अगर दिल्ली दूर है, तो मन का मिलना भी अभी बाक़ी है!
    07 Jul 2021
    कश्मीरी रोजाना खलनायकी और उपहास का कारण बनना नहीं चाहते हैं और न ही वे सिरसा या रैना जैसे राजनेताओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने की इच्छा रखते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License