NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ट्रांसजेंडर लोगों को मासिक पेंशन देगी ओडिशा सरकार
करीब 5,000 ट्रांसजेंडर लोगों को उनकी आयु के आधार पर 500 से 900 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। इस योजना के तहत पंजीकरण के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करना होगा।
भाषा
04 Jul 2020
ट्रांसजेंडर
image courtesy : Times of India

भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने जरूरतमंदों को मासिक पेंशन देने वाली समाज कल्याण योजना में ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को भी शामिल करने का फैसला किया है।

सामाजिक सुरक्षा और दिव्यांग जन सशक्तीकरण (एसएसईपीडी) मंत्री अशोक पांडा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब 5,000 ट्रांसजेंडर लोगों को उनकी आयु के आधार पर 500 से 900 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी।

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बेसहारा बुजुर्गों, दिव्यांग जन और विधवाओं को वित्तीय मदद देने वाली मधु बाबू पेंशन योजना के लाभार्थियों में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को भी शामिल किए जाने को मंजूरी दे दी है।

उन्होंने कहा कि यह फैसला 2019 विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ बीजद के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों के मद्देनजर किया गया है।

पांडा ने कहा कि इस योजना के तहत पंजीकरण के लिए ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के इस फैसले से करीब 5,000 ट्रांसजेंडरों को लाभ होगा।’’

ट्रांसजेंडर लोगों के संघों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।

पांडा ने बताया कि ओडिशा सरकार ने कोविड-19 संकट के मद्देजनर इस योजना के मौजूदा 48 लाख लाभार्थियों को एक-एक हजार रुपये की एक बार अतिरिक्त सहायता देने का भी फैसला किया है।

Odisha
transgender
Odisha Government
Pension to transgender

Related Stories

लाखपदर से पलंगपदर तक, बॉक्साइड के पहाड़ों पर 5 दिन

ओडिशा के क्योंझर जिले में रामनवमी रैली को लेकर झड़प के बाद इंटरनेट सेवाएं निलंबित

विज्ञापन में फ़ायदा पहुंचाने का एल्गोरिदम : फ़ेसबुक ने विपक्षियों की तुलना में "बीजेपी से लिए कम पैसे"  

स्पेशल रिपोर्ट: पहाड़ी बोंडा; ज़िंदगी और पहचान का द्वंद्व

उत्तराखंड: मानसिक सेहत गंभीर मामला लेकिन इलाज के लिए जाएं कहां?

आरटीआई अधिनियम का 16वां साल: निष्क्रिय आयोग, नहीं निपटाया जा रहा बकाया काम

ओडिशा माली पर्वत खनन: हिंडाल्को कंपनी का विरोध करने वाले आदिवासी एक्टिविस्टों को मिल रहीं धमकियां

माली पर्वत बचाओ: अपनी जमीन बचाने के लिए एक और संघर्ष की तैयारी में ओडिशा के आदिवासी

स्टील से भी सख्त: ओडिशा के ग्रामीण दशकों से अपनी जमीन का रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं

ओडिसा: जबरन जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रही आदिवासी महिला नेता को किया नज़रबंद


बाकी खबरें

  • श्रुति एमडी
    किसानों, स्थानीय लोगों ने डीएमके पर कावेरी डेल्टा में अवैध रेत खनन की अनदेखी करने का लगाया आरोप
    18 May 2022
    खनन की अनुमति 3 फ़ीट तक कि थी मगर 20-30 फ़ीट तक खनन किया जा रहा है।
  • मुबाशिर नाइक, इरशाद हुसैन
    कश्मीर: कम मांग और युवा पीढ़ी में कम रूचि के चलते लकड़ी पर नक्काशी के काम में गिरावट
    18 May 2022
    स्थानीय कारीगरों को उम्मीद है कि यूनेस्को की 2021 की शिल्प एवं लोककला की सूची में श्रीनगर के जुड़ने से पुरानी कला को पुनर्जीवित होने में मदद मिलेगी। 
  • nato
    न्यूज़क्लिक टीम
    फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने
    17 May 2022
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के विस्तार के रूप में फिनलैंड-स्वीडन के नेटो को शामिल होने और तुर्की के इसका विरोध करने के पीछे के दांव पर न्यूज़क्लिक के प्रधान…
  • सोनिया यादव
    मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!
    17 May 2022
    देश में मैरिटल रेप को अपराध मानने की मांग लंबे समय से है। ऐसे में अब समाज से वैवाहिक बलात्कार जैसी कुरीति को हटाने के लिए सर्वोच्च अदालत ही अब एकमात्र उम्मीद नज़र आती है।
  • ज्ञानवापी मस्जिद विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कथित शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित रखने को कहा, नई याचिकाओं से गहराया विवाद
    विजय विनीत
    ज्ञानवापी मस्जिद विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कथित शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित रखने को कहा, नई याचिकाओं से गहराया विवाद
    17 May 2022
    सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी मामले की सुनवाई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने की। कोर्ट ने कथित शिवलिंग क्षेत्र को सुरक्षित रखने और नमाज़ जारी रखने के आदेश दिये हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License