NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ओला बीनी की प्री-ट्रायल सुनवाई दो सप्ताह तक स्थगित
बिना किसी पर्यवेक्षक के ये सुनवाई 16 दिसंबर को फिर से शुरू होने वाली है।
पीपल्स डिस्पैच
04 Dec 2020
Ola Bini

इक्वाडोर की एक अदालत ने डिजिटल प्राइवेसी राइट्स एक्टिविस्ट और सॉफ्टवेयर डेवलपर ओला बीनी मामले की प्री-ट्रायल सुनवाई स्थगित कर दी है। गुरुवार 3 दिसंबर की सुनवाई जिसे प्री-ट्रायल सुनवाई की शुरुआत माना जा रहा था इसे सुनवाई के दौरान कई मामले अचानक सामने आने के बाद 16 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, अदालत को कथित तौर पर कई तकनीकी मुद्दों का सामना करना पड़ा और बीनी के लिए नियुक्त अनुवादक उपलब्ध नहीं थे। बीनी ने यह भी कहा था कि जोसे चेरी डवालोस के नेतृत्व में उनकी रक्षा टीम ने इक्वाडोर सरकार और अभियोजन पक्ष द्वारा अपने अधिकारों के उल्लंघन के सबूतों की एक प्रति प्रस्तुत की थी। अदालत ने सुनवाई स्थगित करने के कारणों में से एक के रूप में प्रस्तुत किए गए सबूतों को देखने के लिए आवश्यक समय का हवाला दिया।

सुनवाई के बाद प्रेस से बात करते हुए जोसे चेरी डवालोस ने कहा कि "उनके मुवक्किल के खिलाफ कानूनी आघात हुआ जिसमें इनकम्यूनिकेडो डिटेंशन, रक्षा का अधिकार और जानकारी के बिना डिटेंशन शामिल है।"

इक्वाडोर दूतावास से लंदन में जूलियन असांजे की गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद अप्रैल 2019 में बीनी को पहली बार गिरफ्तार किया गया था। कथित तौर पर उन्हें कानूनी मदद लेने की अनुमति नहीं थी और न ही उन्हें एक दिन तक हिरासत में लिए गए आरोपों के बारे में बताया गया था। इस गिरफ्तारी के काफी दिनों के बाद उन पर आरोप लगाए गए।

डिफेंस द्वारा बीनी के मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाए जाने के बाद उनके मामले को स्थापित न्यायिक और कानूनी प्रक्रियाओं के कई उल्लंघन के साथ जोड़ दिया गया था क्योंकि उनके मामले की सुनवाई करने वाले न्यायाधीश को पिछले साल सितंबर महीने में कानूनी कर्तव्य का निर्वाह के लिए अयोग्यता की चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।

Ola Bini
Ecuador
Digital privacy rights

Related Stories

इक्वाडोर के नारीवादी आंदोलनों का अप्रतिबंधित गर्भपात अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प

इक्वाडोर के लोग राष्ट्रपति लासो की आर्थिक नीतियों के ख़िलाफ़ लामबंद

इंटरकल्चरल एजुकेशन लॉ लागू करने की मांग को लेकर इक्वाडोर के शिक्षक भूख हड़ताल पर

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

दुनिया भर की: अमेरिकी महाद्वीप में समाजवादी व्यवस्थाओं का इम्तिहान

दक्षिणपंथी गुइलर्मो लास्सो ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता

विजेता वाम उम्मीदवार ने इक्वाडोर में दूसरे दौर के राष्ट्रपति चुनावों में बाधा डालने की योजना की चेतावनी दी

इक्वाडो : राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में एंड्रेस अराउज के प्रतिद्वंद्वी को लेकर अनिश्चितता बरक़रार

इक्वाडोर में 11 अप्रैल को राष्ट्रपति चुनावों के दूसरे दौर का मतदान

पैसा पूरी दुनिया के लोकतांत्रिक व्यवस्था को तबाह कर रहा है!


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर मामला : आशीष मिश्रा को ज़मानत देने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले को उच्चतम न्यायालय ने किया खारिज
    18 Apr 2022
    मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण और न्यायमूर्ति सूर्यकांत व न्यायमूर्ति हिमा कोहली की विशेष पीठ ने आरोपी को एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने को भी कहा। मिश्रा की जमानत रद्द करवाने के लिये दायर किसानों की…
  • बी. सिवरामन
    कर्नाटक में बदनाम हुई भाजपा की बोम्मई सरकार, क्या दक्षिण भारत होगा- “भाजपा मुक्त”
    18 Apr 2022
    भाजपा की मूल संस्था, आरएसएस ने जल्द ही समझ लिया है कि भ्रष्टाचार का कैंसर सभी भाजपा राज्य सरकारों में फैल रहा है। इसके प्रभाव से बचने के लिए ध्रुवीकरण की राजनीति को और अधिक टाइट किया जा रहा है। 
  • media
    सुहित के सेन
    डराये-धमकाये जा रहे मीडिया संगठन, लेकिन पलटकर लड़ने की ज़रूरत
    18 Apr 2022
    अगर मीडिया अपनी ज़मीन पर खड़ा रहे, तो भारत में लोकतंत्र का संकट कम विकट होगा, ख़ासकर जिस समय हुकूमत की तरफ़ से या उसके संरक्षण में पत्रकारों पर हमला किया जा रहा हो।
  • सत्यम् तिवारी
    हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 
    18 Apr 2022
    ऊना ज़िले के मुबारकपुर गाँव में हुई धर्म संसद में यति नरसिंहानंद ने की मुसलमानों की लक्षित हत्या की बात, रागिनी तिवारी ने खुद को कहा लेडी गोडसे और यह सब हुआ पुलिस की मौजूदगी में।
  • सत्यम् तिवारी
    रुड़की : हनुमान जयंती पर भड़की हिंसा, पुलिस ने मुस्लिम बहुल गांव में खड़े किए बुलडोज़र
    18 Apr 2022
    भगवानपुर के डाडा जलालपुर गांव में शोभायात्रा में मस्जिद के बाहर गाली भरे गाने चलाने के बाद हिंसा भड़की जिसके बाद पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के 11 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया। मुसलमानों के शुद्धिकरण की बात…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License