NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नागालैंड की घटना पर सीएम रियो ने कहा, 'आफ़्स्पा कठोर है, इसे हटाना ज़रूरी!'
मोन ज़िले के ओटिंग में सुरक्षा बलों की फ़ायरिंग में 14 नागरिकों की मौत के बाद से राज्य में ग़ुस्सा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Dec 2021
Neiphiu Rio

नगालैंड में 14 नागरिकों की सेना द्वारा फायरिंग में हुई मौत के बाद से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस बीच नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियु रियो ने कहा है कि सुरक्षा बल विशेष अधिकार क़ानून यानी आफ़्स्पा को हटाना ज़रूरी है, यह कठोर है। दुनिया भर में इसकी निंदा की जाती है।

रियो ने यह नगालैंड के मोन जिले के ओटिंग में सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए 14 नागरिकों की अंतिम क्रिया के दौरान कहा है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि केंद्र यह कहता रहा है कि नगालैंड से अफस्पा (AFSPA)  को हटाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि "केंद्र ने कहा है कि वह नगालैंड से अफस्पा नहीं हटा सकता। नगालैंड में AFSPA के निरंतर कार्यान्वयन का कोई मतलब नहीं है। राज्य में शांति है ”।

नगालैंड के मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर से अफ्सपा को वापस लेने की मांग नए सिरे से हो रही है। नगालैंड में कई नागरिक समाज संगठनों ने भी आफ़्स्पा को वापस लेने की अपनी मांग को फिर से शुरू किया है।

फोरम फॉर नगा रिकंसिलिएशन (FNR) ने कहा कि आफ़्स्पा, अपने स्वभाव से, "शांति विरोधी" है और राज्य सरकार को इसे निरस्त करने और नागरिक क्षेत्रों से सशस्त्र बलों को हटाने की सिफारिश करनी चाहिए।

नगा मदर्स एसोसिएशन (NMA) के अध्यक्ष अबेउ मेरु ने कहा, "... आफ़्स्पा के तहत जारी सैन्यीकरण और हत्याओं के खिलाफ हमारे विरोध की आवाज सुनी जाए।"

सुरक्षा बल के जवानों पर हुआ मामला दर्ज

नगालैंड पुलिस ने सोमवार को सेना के 21वें पैरा स्पेशल फोर्स के खिलाफ असैन्य नागरिकों पर गोलीबारी में कथित संलिप्तता के लिए हत्या का मामला दर्ज किया, जबकि कई आदिवासी संगठनों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई के विरोध में बंद का आह्वान किया।

अधिकारियों ने बताया कि मोन कस्बे में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण है।

इस बीच, नगालैंड के मोन जिले में आम नागरिकों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में मरने वालों की संख्या को लेकर सोमवार को भ्रम की स्थिति बनी रही।

शीर्ष आदिवासी संगठन, कोन्यक यूनियन ने दावा किया कि घटना में 17 लोग मारे गए, लेकिन बाद में संगठन ने मृतकों की संख्या को संशोधित कर 14 कर दिया।

हालांकि, पुलिस शुरू से दावा करती रही कि शनिवार और रविवार को हुई गोलीबारी की अलग-अलग घटनाओं में 14 लोग मारे गए।

नगालैंड पुलिस ने सेना के 21वें पैरा स्पेशल फोर्स के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की है। आईपीसी की धारा 302, 307 और 34 के तहत हत्या, हत्या के प्रयास और सभी के सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कई व्यक्तियों द्वारा किए गए आपराधिक कृत्य से संबंधित मामला दर्ज किया गया है।

शिकायत में जिले के तिजिट पुलिस थाने ने कहा, ''चार दिसंबर को करीब साढ़े तीन बजे कोयला खदान के मजदूर एक वाहन से तिरु से अपने पैतृक गांव ओटिंग लौट रहे थे। ऊपरी तिरु और ओटिंग के बीच लोंगखाओ पहुंचने पर, सुरक्षा बलों ने बिना किसी उकसावे के वाहन पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसके परिणामस्वरूप कई ग्रामीणों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।"

शिकायत में यह भी कहा गया कि घटना के समय कोई पुलिस गाइड नहीं था और न ही सुरक्षा बलों ने गाइड की मांग की थी।    

इस बीच इस मामले के विरोध में नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन (एनएसएफ) द्वारा सोमवार को बुलाया गया छह घंटों का बंद छात्रों व सुरक्षाबलों के बीच मामूली झड़प के बावजूद शांतिपूर्ण तरीके से बीत गया। 

एनएसएफ अध्यक्ष केगवायहुन तेप और महासचिव सिपुनी एनजी फिलो ने यहां एनएसएफ सम्मेलन कक्ष में सोमवार को मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह बंद नागरिकों की हत्या के विरोध तथा पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता दिखाने के लिये आहूत किया गया था। 

उन्होंने कहा कि एनएसएफ की संघ इकाइयों द्वारा संबंधित अधिकार क्षेत्र में बंद आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि कहीं से किसी भी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है और आमतौर पर नगा सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक एकजुटता में खड़े थे।

उन्होंने कहा, “इस बंद का एक मात्र उद्देश्य हमारे दुख, गुस्से और हमारी भावनाओं को प्रकट करना था…नगा लोग स्वतंत्र लोग हैं और हमारे पास जो है, उसकी रक्षा करने का हमें पूरा अधिकार है।”

बता दें कि आज गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में इस घटना पर बात की और कहा कि ग़लत पहचान की वजह से नागरिकों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि सेना को जानकारी मिली थी कि इस गाँव में चरमपंथी छुपे हुए हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

Nagaland
Neiphiu Rio
AFSPA

Related Stories

क्या AFSPA को आंशिक तौर पर हटाना होगा पर्याप्त ?

मणिपुर चुनाव : मणिपुर की इन दमदार औरतों से बना AFSPA चुनाव एजेंडा

मणिपुरः जो पार्टी केंद्र में, वही यहां चलेगी का ख़तरनाक BJP का Narrative

मणिपुर चुनावः जहां मतदाता को डर है बोलने से, AFSPA और पानी संकट पर भी चुप्पी

मणिपुर में भाजपा AFSPA हटाने से मुकरी, धनबल-प्रचार पर भरोसा

मणिपुर चुनाव: भाजपा के 5 साल और पानी को तरसती जनता

नगालैंडः “…हमें चाहिए आज़ादी”

मणिपुर चुनाव: आफ्सपा, नशीली दवाएं और कृषि संकट बने  प्रमुख चिंता के मुद्दे

2021: हिंसक घटनाओं को राजसत्ता का समर्थन

नगा संगठनों ने अफस्पा की अवधि बढ़ाये जाने की निंदा की


बाकी खबरें

  • International Women's Day
    सोनिया यादव
    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: महिलाओं के संघर्ष और बेहतर कल की उम्मीद
    08 Mar 2022
    श्रम आंदोलन से उपजे इस आयोजन के केंद्र में प्रदर्शन की अहमियत रही है, लिहाज़ा आज महिलाओं के संघर्ष ने एक लंबा सफ़र तय किया है और इसमें उनका अपने ह़क़ और हुक़ूक के लिए आवाज़ बुलंद करना, सड़कों पर धरने…
  • School teachers
    पीपुल्स डिस्पैच
    हंगरी: देशभर के स्कूल शिक्षकों ने बड़े विरोध प्रदर्शन के लिए कसी कमर
    08 Mar 2022
    विक्टर ओरबान की अगुवाई वाली हंगरी की रूढ़िवादी सरकार कोविड-19 संकट का हवाला देते हुए स्कूलों में अनिवार्य शिक्षण सेवाओं को लेकर एक विशेष फ़रमान जारी करते हुए शिक्षकों की हड़ताल को प्रतिबंधित करने की…
  • Atoms for Peace
    एम. के. भद्रकुमार
    ईरान पर विएना वार्ता गंभीर मोड़ पर 
    08 Mar 2022
    ईरान उन देशों में से एक है जिसमें अमेरिका के "डॉलर रूपी हथियार" का मुकाबला करने के लिए "परमाणु रूपी हथियार" का सहारा लेने की कई संभावनाएं मौजूद हैं।
  • women's day
    राज वाल्मीकि
    दलित और आदिवासी महिलाओं के सम्मान से जुड़े सवाल
    08 Mar 2022
    यदि हमारे भारतीय समाज से लैंगिक-ग़ैर बराबरी और जातिवाद का ख़ात्मा हो जाए, जो कि वैज्ञानिक शिक्षा से संभव है, तभी इस देश की दलित और आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार समाप्त हो सकेगा।
  • कुमुदिनी पति
    महिला दिवस विशेष : लड़ना होगा महिला अधिकारों और विश्व शांति के लिए
    08 Mar 2022
    अंतराष्ट्रीय महिला दिवस एक औपचारिकता मात्र न बन कर रह जाए इसके लिए औरतों को लगातार सजग रहना होगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License