NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
विश्व भर के साम्राज्यवाद-विरोधियों ने असांज के साथ एकजुटता व्यक्त की
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के मौके पर "अमानवीय परिस्थितियों को समाप्त" करने की मांग करने के लिए साम्राज्यवाद-विरोधी समूहों द्वारा विश्व भर में एकजुटता व्यक्त की गई।
पीपल्स डिस्पैच
10 Dec 2020
विश्व भर के साम्राज्यवाद-विरोधियों ने असांज के साथ एकजुटता व्यक्त की

दुनिया भर से साम्राज्यवाद विरोधी संगठनों ने विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को अपना समर्थन व्यक्त किया है। इंटरनेशनल वीक ऑफ एंटी इम्पीरियलिज्म के वैश्विक गठबंधन भाग द्वारा कॉल फॉर एक्शन का आह्वान 10 दिसंबर को जारी एक संयुक्त बयान में किया गया था। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के मौके पर इस कॉल फॉर एक्शन में संगठनों ने यूनाइटेड किंगडम के बेल्मार्श जेल में असांजे के साथ "अमानवीय व्यवहार" को समाप्त करने की मांग की है।

एक्टिविस्ट को ब्रिटिश सरकार को एक खुले पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है जिसमें मांग की गई है कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। इस पत्र में यूके में और बेल्मार्श जेल में COVID-19 के प्रकोप को देखते हुए उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता व्यक्त किया गया है। इस पत्र में लिखा गया है, "उनके खिलाफ कानूनी मामला सामान्य हित के खिलाफ सरकारी संस्थानों के राजनीतिक उपयोग का एक उदाहरण है।"

इसके अलावा, जेल के अंदर दर्जनों कैदियों और जेलकर्मियों के संक्रमित होने की आशंका है, जिनमें से असांजे के होम ब्लॉक में अधिक हैं। उनका परिवार जेल अधिकारियों और सरकार से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहता रहा है क्योंकि उनके COVID-19 से संक्रमण होने का अधिक खतरा है।

असांजे को फिलहाल बेल्मार्श जेल में अपने प्रत्यर्पण के मुकदमे के फैसले का इंतजार है जहां उन्हें 11 अप्रैल 2019 से क़ैद करके रखा गया है। जनवरी 2021 तक फैसला सुनाए जाने की उम्मीद है। अगर अमेरिका के लिए प्रत्यर्पित किया जाता है तो उन्हें जासूसी के आरोपों का सामना करना पड़ेगा जिसमें कुल मिलाकर 170 साल की कैद की सजा का प्रावधान है।

अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, मानवाधिकार रक्षकों और नागरिक स्वतंत्रता कार्यकर्ताओं ने न केवल संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लंबे समय से प्रत्यर्पण के प्रयास की निंदा की है, बल्कि उनके साथ किए गए व्यवहार की भी निंदा की है जिसे कई लोगों ने मनोवैज्ञानिक यातना जैसा बताया है।

8 दिसंबर को असांजे ने एक दशक का कारावास पूरा किया जो कि 2010 में स्वीडिश प्रत्यर्पण मामले में उनकी पहली गिरफ्तारी से शुरू हुआ था और बाद में वर्ष 2011 में कुछ समय की स्वतंत्रता के साथ इक्वाडोर के दूतावास में उनको रखा गया था। 11 दिसंबर को वे बेलमार्श में 20 महीने की कारावास को पूरा करेंगे।

United kingdom
Imperialism
Julian Assange
International Human Rights Day

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

एक किताब जो फिदेल कास्त्रो की ज़ुबानी उनकी शानदार कहानी बयां करती है

युद्ध, खाद्यान्न और औपनिवेशीकरण

ब्रिटेन की कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण की अनुमति दी

नवउदारवादी व्यवस्था में पाबंदियों का खेल

साम्राज्यवाद अब भी ज़िंदा है

ज़ोर पकड़ती  रिहाई की मांग के बीच जूलियन असांज नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

हिंदुत्व नहीं, बल्कि नए दृष्टिकोण वाला सामाजिक विज्ञान ही दिमाग को उपनिवेश से मुक्त कर सकता है

वे उन्हें मार रहे हैं : असांज की 'स्लो डेथ' खसोगी की याद दिलाती है


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License