NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
विपक्षी नेताओं ने लॉकडाउन में सेंट्रल विस्टा के निर्माण कार्य के लिए सरकार पर साधा निशाना 
लॉकडाउन के बावजूद 'आवश्यक वस्तु' घोषित कर दिल्ली में संसद के नये भवन और अन्य सरकारी महलों के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है. आखिर हमारी सरकार की प्राथमिकता क्या है? लोगों की जान बचाना या नये-नये 'राजमहल' बनवाना?
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
29 Apr 2021
विपक्षी नेताओं ने लॉकडाउन में सेंट्रल विस्टा के निर्माण कार्य के लिए सरकार पर साधा निशाना 

नयी दिल्ली: देश में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है।  पुरे देश में त्रहिमाम है, खासकर दिल्ली की हालत बेहद नाज़ुक है, लोगो को ऑक्सीजन और ज़रूरी दवाइयाँ नहीं मिल पा रही है।  इसके आभाव में लोगो अपनी जाने गंवा रहे है। आदलत भी इस परिस्थति के लिए  रोजाना केंद्र और दिल्ली सरकार को लताड़ रहा है।  माहमारी को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में  लॉकडाउन लगाया गया है।  ऐसे में केंद्र सरकार का ध्यान जहाँ लोगो की जान बचाने पर होना चाहिए वहां वो नए संसद भवन को एक जरूरी काम के दायरे में रखा है।  दिल्ली में लगे लॉकडाउन के दौरान मजदूरों की सुचारू आवाजाही के लिए सरकार द्वारा अपनी महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के निर्माण कार्य को "आवश्यक सेवाओं" के दायरे में लाने के लिए विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा। लेकिन सरकार को इनसे कोई फ़र्क पड़ता नहीं दिख रहा है।  

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया, "सेंट्रल विस्टा- जरूरी नहीं। दूरदृष्टि वाली केंद्र सरकार -आवश्यक।’’

इस परियोजना के तहत नए संसद भवन का निर्माण कार्य और राजपथ का पुनरुद्धार किया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस ने 19 अप्रैल को सीपीडब्ल्यूडी के अनुरोध के बाद परियोजना में लगे वाहनों की आवाजाही के लिए अपनी मंजूरी दे दी थी।

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने इस परियोजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम विपक्ष के लोग सेंट्रल विस्टा परियोजना की आलोचना क्यों कर रहे हैं? यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण परियोजना है! मोदी के नए कार्यालय के बगल में मोर का एक बगीचा होना चाहिए और शाह को अपने तीन ‘पालतुओं’ के लिए अपने कार्यालय के बगल में एक बरामदा होना चाहिए!"

उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘"यही वजह है कि सेंट्रल विस्टा परियोजना की आवश्यकता है। हम, मूर्ख विपक्ष, चाहते हैं कि सेंट्रल विस्टा पर खर्च किए जाने वाले 20,000 करोड़ रुपये भारत के 80 प्रतिशत लोगों को टीका लगाने पर खर्च किए जाएं।’’

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने लॉकडाउन के दौरान भी निर्माण कार्य जारी रखने के लिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘ "वे जुड़वां की निर्मम जोड़ी हैं। वे हमारा एमपीलैड कोष जारी नहीं कर रहे हैं जिसके माध्यम से हम अपने निर्वाचन क्षेत्रों में मदद कर सकते हैं। सेंट्रल विस्टा और नया संसद भवन प्रतीक्षा कर सकता था, किंतु मोदी जी कोविड से लड़ने के लिए अधिक कोष दीजिए हमारा एमपीलैड कोष जारी करिए।’’

मसले पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश भी सवाल उठा रहे है।  उन्होंने अपने साप्ताहिक कार्यक्रम में कहा पिछले कुछ दिनों से देश में कोरोना से रोजाना तीन हजार से ज्यादा लोगों के मरने की खबरें आ रही हैं. राष्टीय राजधानी से लेकर देश के कोने-कोने में लोगों को अस्पताल में जगह नही मिल रही है. ऑक्सीजन नहीं मिल रही है. दूसरी तरफ Lockdown के बावजूद 'आवश्यक वस्तु' घोषित कर दिल्ली में संसद के नये भवन और अन्य सरकारी महलों के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है. आखिर हमारी सरकार की प्राथमिकता क्या है? लोगों की जान बचाना या नये-नये 'राजमहल' बनवाना?

आइए सुनते है पूरा विडयो क्या कहना है उर्मिलेश का -

Central Vista
opposition parties
COVID-19
Lockdown
BJP
Modi government

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: इस बार किसकी सरकार?
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में सात चरणों के मतदान संपन्न होने के बाद अब नतीजों का इंतज़ार है, देखना दिलचस्प होगा कि ईवीएम से क्या रिजल्ट निकलता है।
  • moderna
    ऋचा चिंतन
    पेटेंट्स, मुनाफे और हिस्सेदारी की लड़ाई – मोडेरना की महामारी की कहानी
    09 Mar 2022
    दक्षिण अफ्रीका में पेटेंट्स के लिए मोडेरना की अर्जी लगाने की पहल उसके इस प्रतिज्ञा का सम्मान करने के इरादे पर सवालिया निशान खड़े कर देती है कि महामारी के दौरान उसके द्वारा पेटेंट्स को लागू नहीं किया…
  • nirbhaya fund
    भारत डोगरा
    निर्भया फंड: प्राथमिकता में चूक या स्मृति में विचलन?
    09 Mar 2022
    महिलाओं की सुरक्षा के लिए संसाधनों की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन धूमधाम से लॉंच किए गए निर्भया फंड का उपयोग कम ही किया गया है। क्या सरकार महिलाओं की फिक्र करना भूल गई या बस उनकी उपेक्षा कर दी?
  • डेविड हट
    यूक्रेन विवाद : आख़िर दक्षिणपूर्व एशिया की ख़ामोश प्रतिक्रिया की वजह क्या है?
    09 Mar 2022
    रूस की संयुक्त राष्ट्र में निंदा करने के अलावा, दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों में से ज़्यादातर ने यूक्रेन पर रूस के हमले पर बहुत ही कमज़ोर और सतही प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा दूसरों…
  • evm
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: नतीजों के पहले EVM को लेकर बनारस में बवाल, लोगों को 'लोकतंत्र के अपहरण' का डर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में ईवीएम के रख-रखाव, प्रबंधन और चुनाव आयोग के अफसरों को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। उंगली गोदी मीडिया पर भी उठी है। बनारस में मोदी के रोड शो में जमकर भीड़ दिखाई गई, जबकि ज्यादा भीड़ सपा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License