NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ग्रीस में नए श्रमिक-विरोधी सामाजिक सुरक्षा बिल का विरोध
रूढ़िवादी न्यू डेमोक्रेसी (एनडी) सरकार द्वारा नया सामाजिक सुरक्षा बिल संसद में पेश किया गया जो इसके निजीकरण की मांग करता है और जो ग्रीस में सामाजिक सुरक्षा में भारी कटौती करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
पीपल्स डिस्पैच
18 Feb 2020
Workes strike-Greece
ग्रीस में एथेंस सहित 60 से अधिक स्थानों पर मार्च निकाले गए।

ग्रीस के श्रमिक ने मंगलवार 18 फरवरी को सामाजिक सुरक्षा की रक्षा में देशव्यापी हड़ताल में हिस्सा लिया। देश में प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने विशेष रूप से ऑल वर्कर्स मिलिटेंट फ्रंट (पीएएमई) ने सोमवार को ग्रीक संसद में कंजरवेटिव न्यू डेमोक्रेसी (एनडी) सरकार द्वारा कठोर सामाजिक सुरक्षा बिल के खिलाफ हड़ताल का आह्वान किया।

खबरों के मुताबिक, पूरे देश में एथेंस और करीब 60 जगहों पर काफी भीड़ जुटी है। राजनीतिक दल जिनमें यूनान की कम्युनिस्ट पार्टी (केकेके) और विभिन्न युवा व छात्र समूह शामिल हैं उन्होंने इस हड़ताल के साथ एकजुटता व्यक्त की है और मार्च में शामिल हुए।

श्रम मंत्री यियानीस ब्रूटसिस द्वारा पेश किया गया नया बिल सामाजिक सुरक्षा के निजीकरण की मांग करता है, जो प्रमुख और सहायक पेंशन, विकलांगता लाभ, विधवाओं के पेंशन और सिविल सेवकों के लाभ में भारी कटौती करने की बात करता है।

इस हड़ताल को लेकर पीएएमई ने आरोप लगाया है कि समय समय पर सभी सरकारों का उद्देश्य पूंजीपतियों को मुक्त करना है और उनके राज्य को कर्मचारी बीमा के "बोझ" से मुक्त करना है। ऐसा या तो "नियोक्ता" के योगदान को कम करके या बीमा राशि से खिलवाड़ करके और निजी बीमा को बढ़ावा देकर करना है। यही कारण है कि व्यापार समूहों के कार्यों के प्रति वफादार एनडी सरकार इस बीमा विरोधी कानून को आगे बढ़ा रही है।”

साभार : पीपल्स डिस्पैच 

Greece
Workers Strike
Greece protest
Anti-worker social security bill
Labor Minister Yiannis Broutsis

Related Stories

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!

निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल

दिल्ली में मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ हड़ताल की

एमएसआरटीसी हड़ताल 27वें दिन भी जारी, कर्मचारियों की मांग निगम का राज्य सरकार में हो विलय!

ट्रेड यूनियनों के मुताबिक दिल्ली सरकार की न्यूनतम वेतन वृद्धि ‘पर्याप्त नहीं’

ओएफबी: केंद्र के ‘कड़े’ अध्यादेश के ख़िलाफ़ रक्षा महासंघों ने अखिल भारतीय काला दिवस मनाने का फ़ैसला किया


बाकी खबरें

  • RAHANE PUJARA
    भाषा
    रणजी ट्राफी: रहाणे और पुजारा पर होंगी निगाहें
    23 Feb 2022
    अपने फॉर्म से जूझ रहे आंजिक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा अब रणजी ट्रॉफी से वापसी की कोशिश करेंगे। 24 फरवरी को होने वाले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों पर खास नज़र होगी।
  • ibobi singh
    भाषा
    मणिपुर के लोग वर्तमान सरकार से ‘ऊब चुके हैं’ उन्हें बदलाव चाहिए: इबोबी सिंह
    23 Feb 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह ने कहा "मणिपुर के लोग भाजपा से ऊब चुके हैं। वह खुलकर कह नहीं पा रहे। भाजपा झूठ बोल रही है और खोखले दावे कर रही है। उन्होंने अपने किसी भी वादे को…
  • तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: बीजेपी के गढ़ पीलीभीत में इस बार असल मुद्दों पर हो रहा चुनाव, जाति-संप्रदाय पर नहीं बंटी जनता
    23 Feb 2022
    पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): जैसा वायदा किया गया था, क्या किसानों की आय दोगुनी हो चुकी है? क्या लखीमपुर खीरी में नरसंहार के लिए किसानों को न्याय मिल गया है?
  • vaccine
    ऋचा चिंतन
    शीर्ष कोविड-19 वैक्सीन निर्माताओं ने गरीब देशों को निराश किया
    23 Feb 2022
    फ़ाइज़र, मोडेरना एवं जेएंडजे जैसे फार्मा दिग्गजों ने न तो विश्व स्वास्थ्य संगठन के कोवाक्स में ही अपना कोई योगदान दिया और न ही गरीब देशों को बड़ी संख्या में खुराक ही मुहैया कराई है।
  • vvpat
    एम.जी. देवसहायम
    चुनाव आयोग को चुनावी निष्ठा की रक्षा के लिहाज़ से सभी वीवीपीएटी पर्चियों की गणना ज़रूरी
    23 Feb 2022
    हर एक ईवीएम में एक वीवीपैट होता है, लेकिन मतों की गिनती और मतों को सत्यापित करने के लिए काग़ज़ की इन पर्चियों की गिनती नहीं की जाती है। यही वजह है कि लोग चुनावी नतीजों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License