NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
डाकपत्र से मतदान की आयु सीमा कम करने का विरोध, चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग
कांग्रेस ने आयोग को दिए गए प्रतिवेदन में यह दावा किया गया है कि इस निर्णय को लेकर विधि मंत्रालय ने चुनाव कराने संबंधी नियम -1961 में जो संशोधन किया है उसमें कई कानूनी खामियां हैं।
भाषा
03 Jul 2020
डाकपत्र से मतदान की आयु सीमा कम करने का विरोध

कांग्रेस ने कोरोना महामारी के चलते वरिष्ठ नागरिकों के लिए डाकपत्र से मतदान की सुविधा देने के संदर्भ में आयु सीमा घटाकर 65 साल करने के फैसले का विरोध करते हुए शुक्रवार को निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि वह इस निर्णय एवं इससे जुड़े संशोधन को वापस लेने का निर्देश दे।

विपक्षी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल, कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और रणदीप सुरजेवाला की ओर से आयोग को दिए गए प्रतिवेदन में यह दावा किया गया है कि इस निर्णय को लेकर विधि मंत्रालय ने चुनाव कराने संबंधी नियम -1961 में जो संशोधन किया है उसमें कई कानूनी खामियां हैं।

कांग्रेस ने कहा, ‘‘जिस तरह से ये निर्णय लिया गया है उससे साफ जाहिर होता है कि इसमें कोई दिमाग नहीं लगाया गया और संबंधित पक्षों के साथ कोई विचार-विमर्श नहीं किया गया।’’

उसने यह आरोप भी लगाया कि इस व्यवस्था से मतदान की गोपनीयता भंग होने का खतरा है, जबकि किसी भी संवैधानिक लोकतंत्र में मतदान की गोपनीयता बहुत महत्वपूर्ण है।

विपक्षी पार्टी ने कहा कि बेहतर विकल्प यह होगा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग मतदान बूथ बनाए जाएं जिससे संक्रमण का न्यूनतम खतरा होगा।

उसने आग्रह किया, ‘‘निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत दी गई शक्तियों का उपयोग करे और इस निर्णय तथा नियम में संशोधन को वापस लेने का निर्देश दे।’’

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में डाक मतपत्र के लिए मतदाताओं की आयु सीमा कम कर दी गयी है।

विधि मंत्रालय ने अक्टूबर 2019 में चुनाव कराने के नियमों में संशोधन किया था और दिव्यांगों तथा 80 साल या इससे अधिक उम्र के लोगों को लोकसभा और विधानसभा चुनावों में डाक मतपत्र से मतदान की अनुमति प्रदान की थी। अब मंत्रालय ने 19 जून को जारी ताजा संशोधन में 65 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोगों को डाक मतपत्र के इस्तेमाल की अनुमति दी है।

भारत में कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद बिहार पहला राज्य है जहां विधानसभा चुनाव होने हैं और इस राज्य के मतदाता उक्त संशोधित नियम का सबसे पहले लाभ उठाएंगे।

Coronavirus
postal letter
election commission of India
Congress
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • BIRBHUMI
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है
    30 Mar 2022
    शायद पहली बार टीएमसी नेताओं ने निजी चर्चा में स्वीकार किया कि बोगटुई की घटना से पार्टी की छवि को झटका लगा है और नरसंहार पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री के लिए बेहद शर्मनाक साबित हो रहा है।
  • Bharat Bandh
    न्यूज़क्लिक टीम
    देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के द्वारा आवाह्न पर किए गए दो दिवसीय आम हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और…
  • IPTA
    रवि शंकर दुबे
    देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'
    29 Mar 2022
    किसानों और मज़दूरों के संगठनों ने पूरे देश में दो दिवसीय हड़ताल की। जिसका मुद्दा मंगलवार को राज्यसभा में गूंजा। वहीं हड़ताल के समर्थन में कई नाटक मंडलियों ने नुक्कड़ नाटक खेलकर जनता को जागरुक किया।
  • विजय विनीत
    सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी
    29 Mar 2022
    "मोदी सरकार एलआईसी का बंटाधार करने पर उतारू है। वह इस वित्तीय संस्था को पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती है। कारपोरेट घरानों को मुनाफा पहुंचाने के लिए अब एलआईसी में आईपीओ लाया जा रहा है, ताकि आसानी से…
  • एम. के. भद्रकुमार
    अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई
    29 Mar 2022
    इज़रायली विदेश मंत्री याइर लापिड द्वारा दक्षिणी नेगेव के रेगिस्तान में आयोजित अरब राजनयिकों का शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक परिघटना है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License