NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
विभिन्न पक्षों से आलोचना के बाद दिल्ली के अस्पताल में नर्सों को मलयालम बोलने से रोकने वाला आदेश लिया वापस
केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने कहा  'मलयालम भारत की आधिकारिक भाषाओं में शुमार है। प्रशासन ने काफी देर से इस निदंनीय परिपत्र को वापस लिया जोकि हमारे देश के सांस्कृतिक एवं लोकतांत्रिक ढांचे के खिलाफ था।'
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Jun 2021
 नर्स
'प्रतीकात्मक फ़ोटो'

दिल्ली के सरकारी गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल में नर्सों को मलयालम बोलने से रोकने वाले आदेश दिया गया। जिसका केरल में सत्तसीन वामपंथी दल भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) की दिल्ली राज्य कमेटी ने और केरल के मुख्यमंत्री ने कड़ा विरोध जताया और इसे 'देश की विविधता पर हमला' करार दिया। 

अस्पताल ने नर्सिंग कर्मचारियों को मलयालम भाषा में बात न करने के लिए कहने वाले आदेश को आलोचना के बाद रविवार को वापस ले लिया और कहा कि मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने इस विवादास्पद परिपत्र के मामले में गोविंद बल्लभ पंत स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जीआईपीएमईआर) को एक ज्ञापन जारी किया है।

दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में से एक गोविंद बल्लभ पंत स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान द्वारा जारी परिपत्र में नर्सों से कहा गया था कि वे संवाद के लिए केवल हिंदी और अंग्रेजी का उपयोग करें, अन्यथा ‘‘कड़ी कार्रवाई’’ का सामना करने के लिए तैयार रहें।
फोटो

केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने रविवार को दिल्ली के एक अस्पताल में नर्सों को मलयालम बोलने से रोकने वाले आदेश की निंदा की और इस मामले को 'देश की विविधता पर हमला' करार दिया। जबकि इससे पहले भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) की दिल्ली राज्य कमेटी गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल के नर्सिंग सुपरिटेंडेंट के द्वारा जारी आदेश की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए तुरंत इस आदेश को रद्द करने की मांग दिल्ली सरकार से किया था।

माकपा दिल्ली इकाई के सचिव के एम तिवारी द्वारा जारी के बयाना में कहा गया कि  यह आदेश न सिर्फ असंवैधानिक है, बल्कि भाषायी वर्चस्ववाद से प्रेरित है। दिल्ली के किसी भी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ मरीजों के साथ हिंदी और अंग्रेजी में ही संवाद करते हैं। लेकिन यह आदेश आपस में भी मलयालम का प्रयोग वर्जित करने का आदेश मानसिक रूप से दिवालिया या भाषायी पूर्वाग्रह से युक्त है।  माकपा की दिल्ली राज्य कमेटी  ने मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा और कहा उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस चिट्ठी का संज्ञान लेकर तुरंत कार्यवाही करेंगे।

हालांकि, उन्होंने विभिन्न पक्षों से आलोचना के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा इस आदेश को वापस लेने के कदम की सराहना की।

विजयन ने फेसबुक पर कहा, 'मलयालम भारत की आधिकारिक भाषाओं में शुमार है। प्रशासन ने काफी देर से इस निदंनीय परिपत्र को वापस लिया जोकि हमारे देश के सांस्कृतिक एवं लोकतांत्रिक ढांचे के खिलाफ था।'

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

delhi hospitals
Govind Ballabh Pant Hospital
CPIM
Pinarayi Vijayan

Related Stories

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन मामले को सुनियोजित रूप से ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर के विवाद में बदला गयाः सीपीएम

झारखंड : हेमंत सरकार को गिराने की कोशिशों के ख़िलाफ़ वाम दलों ने BJP को दी चेतावनी

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम

जम्मू-कश्मीर: अधिकारियों ने जामिया मस्जिद में महत्वपूर्ण रमज़ान की नमाज़ को रोक दिया


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    फादर स्टेन स्वामी की हिरासत में मौत 'हमेशा के लिए दाग': संयुक्त राष्ट्र समूह
    21 Mar 2022
    संयुक्त राष्ट्र वर्किंग ग्रुप ने मनमानी हिरासत पर भारत सरकार से उन परिस्थितियों की प्रभावी जांच करने को कहा जिनके कारण फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु हुई थी
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    कांग्रेस का असल संकट और 'आप' के भगत अम्बेडकर
    20 Mar 2022
    कांग्रेस का असल संकट क्या है? 18 और 23 असंतुष्ट नेताओं के ग्रुप वैचारिक दबाव-समूह हैं या चुनावी राजनीति में अपने-अपने स्वार्थ के अखाड़ेबाज? पंजाब में अपनी शानदार चुनावी सफलता के बाद आम आदमी पार्टी(आप…
  • itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या लाभार्थी थे भाजपा की जीत की वज़ह?
    20 Mar 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में नीलांजन बात करते हैं समाजशास्त्री हिलाल अहमद से. वे बात करते हैं देश के बदलते चरित्र की.
  • Kanwal Bharti
    राज वाल्मीकि
    भेदभाव का सवाल व्यक्ति की पढ़ाई-लिखाई, धन और पद से नहीं बल्कि जाति से जुड़ा है : कंवल भारती 
    20 Mar 2022
    आपने 2022 में दलित साहित्य के समक्ष चुनौतियों की बात पूछी है, तो मैं कहूँगा कि यह चुनौती अब ज्यादा बड़ी है। हालांकि स्थापना का संघर्ष अब नहीं है, परन्तु विकास और दिशा की चुनौती अभी भी है।
  • Aap
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रीय पार्टी के दर्ज़े के पास पहुँची आप पार्टी से लेकर मोदी की ‘भगवा टोपी’ तक
    20 Mar 2022
    हर हफ़्ते की ज़रूरी ख़बरों को एक पिटारे में एक बार फिर लेकर हाज़िर हैं अनिल जैन
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License