NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
हमें कोरोना ने नहीं, हमारे नेतृत्व ने हराया है!
मोदी जी, इन विराट विफलताओं, इन Acts of omission and commission के लिए इतिहास कभी आपको माफ़ नहीं करेगा, इस देश की अभागी जनता कभी इनको भूल नहीं पाएगी।
लाल बहादुर सिंह
04 Aug 2020
corona

आख़िर, दुनिया के तमाम महामारी विशेषज्ञों की भारत को लेकर की गई सबसे बदतरीन आशंकाएं और भविष्यवाणी अंततः सही साबित हुई! 

भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना हॉटस्पॉट है।

भारत नए कोरोना मामलों के लिहाज़ से अमेरिका को भी पीछे छोड़कर नंबर 1 पर पहुंच गया है। कुल संख्या तो 18 लाख के पार पंहुँच ही चुकी है, देश के गृहमंत्री, 2 राज्यों के मुख्यमंत्री, एक राज्यपाल, अनेक मंत्री, नौकरशाह इस समय पॉज़िटिव हैं। उत्तर प्रदेश में एक काबीना मंत्री की, बिहार के CPI राज्यसचिव, एक MLC की दुःखद मौत हो चुकी है।

जहां दुनिया के सारे देशों में महामारी उतार पर है, वहीं भारत में इसका कोई आदि अंत ही नहीं दिख रहा, पीक (Peak) का कुछ पता नहीं!

1 अरब 30 करोड़ भारतवासी आज असहाय, मौत और ख़ौफ़ के साये में जीने को मजबूर हैं।

आख़िर, इस भयावह स्थिति हमारे देश में ही क्यों आयी, इसके लिए जिम्मेदार कौन है ?

क्या जनता ???

पर, प्रधानमंत्री ने और उनके गृहमंत्री ने स्वयं देश की जनता की बारंबार तारीफ की है कि अकथनीय यातनाएं सहकर भी जनता ने वह सब किया, जो प्रधानमंत्री ने कहा, ताली-थाली बजाने से लेकर दुनिया के सबसे कठोर और लंबे लॉकडाउन का पालन करने तक !

हर देशभक्त, हर देशवासी यह चाहता था कि मोदी जी यह लड़ाई जीतें !

क्योंकि राजनेता मोदी हारते हैं तो भले कोई दल हारता है, कोई जीतता है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जब हारते हैं तो यह देश हारता है, इस देश की 130 करोड़ जनता हारती है !

पर, अफ़सोस यह हो न सका।

आज जब प्रधानमंत्री यह कहते हैं कि,

"सही समय पर लिए गए सही फैसलों (right decisions taken at right time ) के कारण भारत दूसरे देशों की तुलना में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बहुत अच्छी स्थिति में है।"....."हमने कोरोना के खिलाफ लड़ाई को जनान्दोलन में बदल दिया।"...."हमने महामारी से लड़ने के लिए अपने Health इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार किया है।"

तो उनके ये शब्द खोखले और कोरी लफ़्फ़ाज़ी लगते हैं !

सरकारी आंकड़ों के हिसाब से जिन 38 हजार से ऊपर देशवासियों की जान चली गयी-इस महामारी को फैलने से रोक पाने में विफलता के कारण-उन भाई-बहनों के लिए, उनके परिजनों के लिए ये शब्द कोई सांत्वना नहीं, वरन जले पर नमक छिड़कने जैसे हैं!

दूसरे देशों से बार बार तुलना का सन्दर्भ अगर हमारी विराट जनसंख्या है तो चीन की जनसंख्या तो हमसे भी ज्यादा है, वहां आबादी के अनुपात में क्यों मामले और मौतें हमारी तुलना में बेहद कम रहीं? 

उसने कैसे 1 लाख से कम मामलों और 5 हजार से कम मौतों में ही महामारी पर प्रभावी नियंत्रण पा लिया और वुहान से बाहर फैलने नहीं दिया??

अगर तुलना का सन्दर्भ हमारी आर्थिक कमजोरी के कारण स्वस्थ्य-व्यवस्था का पिछड़ापन है, 

तो आज भी वह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता क्यों नहीं बन सका? सरकारों को गिराना/ बनाना, जनता के जीवन की कीमत पर येनकेन प्रकारेण चुनाव कराना आदि प्राथमिक क्यों बना हुआ है? 

मंदिर निर्माण का धार्मिक कार्य धार्मिक लोग करेंगे, वह हमारे राजनैतिक नेतृत्व, प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्यभार क्यों बना हुआ है?

महामारी जब देश के अंदर विदेशों से तेजी से प्रवेश कर रही थी तब समय रहते हवाई अड्डों पर उस पर रोक के प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए,  प्राथमिकता नमस्ते ट्रम्प का आयोजन क्यों बना हुआ था, वह भी उस अमेरिका से जहां बीमारी तेजी से फैल रही थी, सैकड़ों का काफिला यहां बुलाकर और लाखों की भीड़ जुटाकर?

देश में पहला मामला आने के बाद लगभग 2 महीने इसे फैलने से रोकने के लिए,  लॉकडाउन के लिए इंतज़ार क्यों किया गया?  

लॉकडाउन जब किया गया तो बिना किसी सुचिंतित योजना के, इस तरह कि न सिर्फ करोड़ों प्रवासी अकथनीय यातना के शिकार हुए, वरन बाद में जब भोजन और आजीविका के अभाव में उन्हें  घरों को लौटने के लिए मजबूर किया गया, तो भगदड़ मच गई, लॉकडाउन की धज्जियां उड़ती रहीं और वह गाँवों-कस्बों तक फैल गया जहां स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ध्वस्त हैं। 

वहां, देश के उन सर्वाधिक पिछड़े इलाकों में वह दिन दूना रात चौगुना रफ्तार से बढ़ रहा है और कहर बरपा कर रहा है, जहां किसी अभागे-यूपी, बिहार, उड़ीसा, बंगाल,असम, आंध्रा वाले  को मेदांता, नानावटी, अपोलो, AIIMS में इलाज का विशेषाधिकार मिलने वाला नहीं है!

मोदी जी क्या 6 महीने का समय इतना कम होता है?

यदि आपके नेतृत्व में पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को सर्वोच्च और एकमेव प्राथमिकता बनाया गया होता, और सारे सरकारी संसाधन, PM केयर फंड, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से मिली मदद सबको इसके लिए झोंक दिया गया होता, तो आज हम इतने ख़ौफ़नाक मंज़र से रुबरू न होते, इतने असहाय न होते!

मगर, वह हो न सका क्योंकि आपकी प्रथमिकताएँ कल भी अलग थीं, आज भी अलग हैं!

मोदी जी, 

इन विराट विफलताओं, इन Acts of omission and commission के लिए इतिहास कभी आपको माफ़ नहीं करेगा, इस देश की अभागी जनता कभी इनको भूल नहीं पाएगी।

अफ़सोस डॉ. विनोद पॉल जैसे विशेषज्ञ जिनकी खुद की साख (Integrity) संदिग्ध है, कोरोना को नियंत्रित करने में आपकी  तारीफों के पुल बांधकर आपकी साख बचा नहीं पाएंगे! (ये वही डॉ. विनोद पॉल हैं, NITI आयोग के सदस्य और अमित शाह जी के गृहमंत्रालय की High Power Committee के चेयरमैन, जिन्होंने अप्रैल में भविष्यवाणी की थी कि 15 मई को देश में कोरोना के मामले शून्य हो जाएंगे!)

(लेखक इलाहाबाद छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

COVID-19
Coronavirus
Corona in India
Corona cases
modi sarkar
Narendra modi
Fight Against CoronaVirus

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा : क्या रहे जनता के मुद्दे?
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा : क्या रहे जनता के मुद्दे?
    09 Mar 2022
    उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा के चुनाव की चर्चा भले ही मीडिया में कम हुई हो, मगर चुनावी नतीजों का बड़ा असर यहाँ की जनता पर पड़ेगा।
  • Newschakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    Akhilesh Yadav का बड़ा आरोप ! BJP लोकतंत्र की चोरी कर रही है!
    09 Mar 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार Abhisar Sharma बात कर रहे हैं चुनाव नतीजे के ठीक पहले Akhilesh Yadav द्वारा की गयी प्रेस कांफ्रेंस की।
  • विजय विनीत
    EVM मामले में वाराणसी के एडीएम नलिनीकांत सिंह सस्पेंड, 300 सपा कार्यकर्ताओं पर भी एफ़आईआर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले राज्य कई स्थानों पर ईवीएम को लेकर हुए हंगामे के बाद चुनाव आयोग ने वाराणसी के अपर जिलाधिकारी (आपूर्ति) नलिनी कांत सिंह को सस्पेंड कर दिया। इससे पहले बना
  • बिहार विधानसभा में महिला सदस्यों ने आरक्षण देने की मांग की
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार विधानसभा में महिला सदस्यों ने आरक्षण देने की मांग की
    09 Mar 2022
    मौजूदा 17वीं विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या 26 है। 2020 के चुनाव में 243 सीटों पर महज 26 महिलाएं जीतीं यानी सदन में महिलाओं का प्रतिशत महज 9.34 है।
  • सोनिया यादव
    उत्तराखंड : हिमालयन इंस्टीट्यूट के सैकड़ों मेडिकल छात्रों का भविष्य संकट में
    09 Mar 2022
    संस्थान ने एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे चौथे वर्ष के छात्रों से फ़ाइनल परीक्षा के ठीक पहले लाखों रुपये की फ़ीस जमा करने को कहा है, जिसके चलते इन छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License