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पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
तान्या वाधवा
31 Jan 2022
mexico
25 जनवरी को सैकड़ों पत्रकारों ने पत्रकारों के ख़िलाफ़ देश भर में हो रही हिंसा को ख़त्म करने की मांग करते हुए पूरे मेक्सिको में प्रदर्शन किया। फ़ोटो: लुइस एनरिक ओलिवारेस / फ़ोटो रिपोर्टेरोस मेक्सिको

25 जनवरी को इस महीने तीन साथी पत्रकारों की हत्या के विरोध में सैकड़ों पत्रकार मैक्सिको भर में सड़कों पर उतर आये। पत्रकारों, मानवाधिकारों और सामाजिक संगठनों के लोग इस लामबंदी में शामिल हुए। उन्होने अपने सहयोगियों के लिए इंसाफ़, पत्रकारों के ख़िलाफ़ हो रही हिंसा और किये जा रहे अपराधों को लेकर सज़ा नहीं दिये जाने की मांग करते हुए देश भर के 65 शहरों में जुलूस निकाले और प्रदर्शन किये। मेक्सिको में मीडियाकर्मियों की हत्याओं के ख़िलाफ़ चला यह देशव्यापी विरोध हाल के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में से एक था।

काले कपड़े पहने और हाथ में मोमबत्तियां थामें और हाल के वर्षों में मारे गये दर्जनों पत्रकारों की तस्वीरें लिए ज़्यादातर प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक चौक-चौराहों, पार्कों और सरकारी कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किये। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस से उन पत्रकारों की सुरक्षा के बढ़ाये जाने का आग्रह किया,जिन्हें धमकी दी जा रही है और पत्रकारों की हुई हत्या की जांच में तेज़ी लाने की मांग  की। राजधानी मेक्सिको सिटी में प्रदर्शनकारी गृह मंत्रालय के बाहर जमा हो गये। उन्होंने इस मंत्रालय के मुख्यालय के सामने के गेट को मारे गये पत्रकारों की तस्वीरों से पाट दिया।

इससे पहले भी बाजा कैलिफ़ोर्निया राज्य के तिजुआना और मेक्सिकैली शहरों में 24 जनवरी को दर्जनों मीडियाकर्मियों ने इन हत्याओं के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने यह विरोध प्रदर्शन  करते हुए मांग की थी कि स्टेट अटॉर्नी जनरल का कार्यालय पत्रकारों और पत्रकारिता के ख़िलाफ़ हुए अपराधों की रौशनी में इन हत्याओं की जांच करे।

हत्याओं का सिलसिला

पंद्रह दिनों से भी कम समय में तीन पत्रकारों-तिजुआना में 23 जनवरी को लूर्डेस माल्डोनाडो, 17 जनवरी को मार्गारीटो मार्टिनेज और तिजुआना में 10 जनवरी को वेराक्रूज़ में जोस गैंबोआ की हुई हत्या से यह विरोध शुरू हुआ था। रविवार को शाम 7:00 बजे रिपोर्टर लूर्डेस माल्डोनाडो की उनकी कार के भीतर सांता फ़े के पास स्थित उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। फ़ोटो जर्नलिस्ट मार्गारीटो मार्टिनेज को भी दिन दहाड़े उस समय गोली मार दी गयी थी, जब वह कैमिनो वर्डे के पास वाले अपने घर के बाहर अपनी कार में सवार हो रहे थे। इस बीच दो सप्ताह पहले इंफ़ोरेगियो न्यूज़ वेबसाइट के निदेशक जोस गैंबोआ की फ़्लोरस्टा के पास चाकू मारकर हत्या कर दी गयी थी।

माल्डोनाडो भ्रष्टाचार और राजनीति को कवर किया करती थीं। उन्होंने अनुचित बर्ख़ास्तगी को लेकर पूर्व गवर्नर और सीनेटर जैम बोनिला की मीडिया कंपनी, प्राइमर सिस्तेमा डी नोटिसियास (PSN) के ख़िलाफ़ मुकदमा दायर किया था। उन्होंने मार्च 2019 में यह आशंका जतायी थी कि इस चल रहे मुकदमे के चलते उनकी जान को ख़तरा है, और इसके लिए उन्होंने सरकार से सुरक्षा मुहैया कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद उन्हें बाजा  कैलिफ़ोर्निया प्रोटेक्शन प्रोग्राम फ़ॉर जर्नलिस्ट्स एंड ह्यूमन राइट्स डिफ़ेंडर्स के तहत सुरक्षा मुहैया करायी गयी, लेकिन यह सुरक्षा स्थायी नहीं थी। मारे जाने से कुछ ही दिन पहले उन्होंने अपना मुकदमा जीत लिया था और पीएसएन को उन्हें 24,250 डॉलर मुआवज़े के रूप में देने के लिए मजबूर होना पड़ा था। बोनिला सत्तारूढ़ मुरैना पार्टी के सदस्य हैं। राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज़ ओब्रेडोर (AMLO) ने 25 जनवरी को माल्डोनाडो की हत्या की गहन जांच का आदेश दे दिया था।

मार्टिनेज अपराध और हिंसा पर रिपोर्टिंग किया करते थे। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया घरनों के साथ काम किया था। उन्हें हाल ही में जान से मारने की कई धमकियां मिली थीं, और उन्होंने सुरक्षा मुहैया कराने वाले कार्यक्रम में दाखिल होने का फ़ैसला भी किया था।

गैम्बोआ अक्सर वेराक्रूज़ राज्य में सुरक्षा के मुद्दों पर रिपोर्ट किया करते थे। वह इस राज्य में चल रहे संगठित अपराध और हो रही हत्याओं को लेकर किसी भी तरह के क़दम नहीं उठा पाने की सरकारी विफलता के आलोचक थे।

राष्ट्रव्यापी निंदा

पीरियोडिस्टस यूनिडोस, द असेंबली ऑफ़ जर्नलिस्ट वर्कर्स "टेनमोस क्यू हबलर", मैक्सिको सिटीज़ ह्यूमन राइट कमिशन, और बाजा कैलिफ़ोर्नियाज़ ह्यूमन राइट कमीशन जैसे विभिन्न मीडिया यूनियनों और मानवाधिकार संगठनों ने यह कहते हुए इन हत्याओं की निंदा की है कि पत्रकारों को उनके काम के चलते मार दिया गया है और उन्होंने अधिकारियों से इन हत्याओं की जांच कराने और अपराधियों पर मुकदमा चलाने की मांग की। कई लोगों ने इन हत्याओं को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सूचना पाने के अधिकार पर हमले के रूप में निंदा की है।

पीरियोडिस्टस यूनिडोस संगठन के सदस्य एलेजांद्रो मेलेंडेज़ ने एल पेस के साथ बातचीत में कहा "जिन पत्रकारों की हत्या कर दी जा रही है, वे अक्सर उन भ्रष्ट राजनेताओं के ख़िलाफ़ लड़ने वाले पत्रकार हैं, जिनके तार अपराधियों से जुड़े होते हैं।" उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि "जब तक सरकार क्राइम रिपोर्टरों का समर्थन नहीं करती, तब तक आपराधिक ढांचे ख़त्म नहीं होंगे।"

मेक्सिको में पत्रकारिता

पत्रकारिता करने के लिहाज़ से मेक्सिको को सबसे ख़तरनाक देशों में से एक माना जाता है। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RWF) ने प्रेस की स्वतंत्रता में मेक्सिको को (180 देशों के बीच)143वें स्थान पर रखा है। अभिव्यक्ति की आज़ादी की हिफ़ाज़त करने वाले अंतर्राष्ट्रीय संगठन आर्टिकल 19 के मुताबिक़, इस साल अब तक तीन पत्रकार और 2021 में सात पत्रकार मारे गये थे। मौजूदा राष्ट्रपति के शासन काल में 28 पत्रकार मारे गये हैं और साल 2000 से अब तक 148 (136 पुरुष और 12 महिला) पत्रकार मारे जा चुके हैं।

मेक्सिको के आंतरिक मंत्रालय की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि कम से कम 495 पत्रकार इस समय केंद्र सरकार के प्रोटेक्शन मैकेनिज़्म फ़ॉर ह्यूमन राइट्स डिफ़ेंडर्स एंड जर्नलिस्ट्स के संरक्षण व्यवस्था के तहत  संरक्षित हैं। इस ह्यूमन राइट यूनिट और मैकेनिज़्म के प्रमुख एनरिक इराज़ोक ने 26 जनवरी को बताया कि 2018 में शुरू हुई एएमएलओ की हुक़ूमत की शुरुआत में इस मैकेनिज़्म के तहत 758 लोग संरक्षित थे। आज इस तरह के संरक्षण में 1,508 लोग हैं, जिनमें 495 पत्रकार और 1,013 मानवाधिकार रक्षक शामिल हैं। ज़्यादातर लाभार्थी पत्रकार मेक्सिको सिटी, ग्युरेरो, पुएब्ला, सोनोरा, तमुलिपास, क्विंटाना रू और वेराक्रूज़ से हैं।

साभार : पीपल्स डिस्पैच 

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