NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट, कहा हो सकती है बड़ी त्रासदी
दो हफ्ते के भीतर राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन संकट के कारण हुई यह तीसरी घटना है। इससे पहले जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 कोरोना मरीजों और सर गंगाराम अस्पताल में 25 मरीजों की मौत हो गई थी।
भाषा
02 May 2021
दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट, कहा हो सकती है बड़ी त्रासदी
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

नयी दिल्ली : दिल्ली के कुछ अस्पतालों ने अपने खत्म होते ऑक्सीजन भंडारों के बारे में रविवार को अधिकारियों को आपात संदेश भेजे। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच छोटे अस्पताल इस जीवन रक्षक गैस की कमी का लगातार सामना कर रहे हैं।

मधुकर रेनबो चिल्ड्रन अस्पताल ने रविवार को अपने यहां ऑक्सीजन का भंडार समाप्त होने का संदेश दिया और कहा कि चार नवजातों समेत 50 लोगों की जान ‘‘खतरे में है।’’

अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा कि अस्पताल में करीब 80 मरीज हैं, जिनमें कोविड-19 के मरीज भी हैं। उन्होंने कहा कि इसमें 15 नवजात भी हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘वहां चार नवजातों समेत 50 लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं।’’

अस्पताल में तरल ऑक्सीजन के भंडार के लिए टैंक नहीं है और उसकी निर्भरता निजी विक्रेता से ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति पर है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘निरंतर आपूर्ति के अभाव में यह रोजाना की लड़ाई बन गई है। हमें हर दिन करीब 125 ऑक्सीजन सिलेंडरों की जरूरत पड़ती है।’’

अस्पताल ने कहा कि उसे दोपहर करीब डेढ़ बजे सरकारी अधिकारियों की मदद से 20 ऑक्सीजन सिलेंडर मिले।

द्वारका स्थित आकाश हेल्थकेयर ने सरकारी अधिकारियों से मरीजों को किसी दूसरी जगह स्थानांतरित करने की अपील की, ताकि ‘‘उन्हें बचाया जा सके।’’

अस्पताल के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया, ‘‘मदद के लिए गुहार: पूरे दिन कोशिश करने के बाद केवल पांच ऑक्सीजन सिलेंडर मिले, 250 से ज्यादा मरीजों की जान बचाने के लिए 60 मिनट से अधिक नहीं बचे हैं।’’

कालकाजी के ट्राइटन अस्पताल की डॉ दिपाली गुप्ता ने कहा कि वे उनके नवजात शिशुओं संबंधी गहन देखभाल कक्ष (एनआईसीयू) के लिए ऑक्सीजन का प्रबंधन करने में संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हम एक हफ्ते से ऑक्सीजन के संकट से जूझ रहे हैं। जल्द ही निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो बड़ी त्रासदी हो सकती है।’’

आप नेता चड्ढा ने इस पर कहा कि सरकार ने अस्पताल को राजघाट प्रतिक्रिया केंद्र से पांच डी प्रकार के सिलेंडर दिए हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘अस्पताल के अधिकारी इसे लेने आ रहे हैं। पूरी उम्मीद है कि अस्पताल की ऑक्सीजन आपूर्ति तेजी से बहाल हो जाएगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली को कम ऑक्सीजन आपूर्ति किए जाने की वजह से सरकार के ऑक्सीजन भंडार काफी सीमित हैं लेकिन हम किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।’’

सीताराम भरतिया इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड रिसर्च ने भी सोशल मीडिया के जरिए अधिकारियों से मदद मांगी।

संस्थान ने ट्वीट किया, ‘‘45 कोविड रोगियों को भर्ती कराया गया। पांच बजे तक तरल ऑक्सीजन की आपूर्ति की जरूरत है। मदद !!’’

अभी यह पता नहीं चल सका है कि सुविधा मिली या नहीं।

इस बीच बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने कहा कि उसने ‘‘एक ऑक्सीजन उत्पादक और उच्च-दबाव वाले सिलेंडर भरने की प्रणाली की स्थापना की है, जो अस्पताल में मेडिकल ऑक्सीजन की मौजूदा मांग के मुकाबले लगभग 15 प्रतिशत अतिरिक्त बैक-अप देगा।’’

शनिवार को, कोविड-19 के 12 मरीजों की दक्षिण दिल्ली के बत्रा अस्पताल में मौत हो गई थी, जब दोपहर में करीब 80 मिनट तक अस्पताल के पास चिकित्सीय ऑक्सीजन नहीं थी। मृतकों में एक वरिष्ठ चिकित्सक भी शामिल हैं।

दो हफ्ते के भीतर राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन संकट के कारण हुई यह तीसरी घटना है। इससे पहले जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 कोरोना मरीजों और सर गंगाराम अस्पताल में 25 मरीजों की मौत हो गई थी।

कोरोना वायरस के मामले हर दिन बढ़ने से दिल्ली के कई अस्पताल ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं।

दिल्ली सरकार मौजूदा 490 मीट्रिक टन कोटे की बजाय केंद्र से 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मांग कर रही है।

एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली सरकार को महज 312 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली।

COVID-19
Coronavirus
Oxygen shortage
Oxygen Shortage in Delhi
Modi government
Arvind Kejriwal
Narendra modi

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2 हज़ार नए मामले, 71 मरीज़ों की मौत
    19 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,075 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.06 फ़ीसदी यानी 27 हज़ार 802 हो गयी है।
  • Nehru
    न्यूज़क्लिक टीम
    पैगाम-ए-आज़ादी। जवाहरलाल नेहरु पर लेक्चर अदित्या मुख़र्जी द्वारा। लोकतंत्रशाला
    18 Mar 2022
    पैगाम-ए-आजादी श्रंखला लोकतंत्रशाला और न्यूजक्लिक की एक संयुक्त पहल है, जो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर केंद्रित है। श्रृंखला का यह व्याख्यान जवाहरलाल नेहरू पर केंद्रित होगा और आदित्य…
  • असद शेख़
    ओवैसी की AIMIM, मुसलमानों के लिए राजनीतिक विकल्प या मुसीबत? 
    18 Mar 2022
    यूपी चुनाव के परिणाम आ चुके हैं, भाजपा सरकार बनाने जा रही है, इस परिप्रेक्ष्य में हम ओवैसी की पार्टी से जुड़े तीन मुख्य मुद्दों पर चर्चा करेंगें– पहला ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल…
  • neo librelism
    प्रभात पटनायक
    नवउदारवादी व्यवस्था में पाबंदियों का खेल
    18 Mar 2022
    रूस के ख़िलाफ़ अब तक जो पाबंदियां लगायी गयी हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रूसी बैंकों तथा अन्य वित्तीय संस्थाओं को, पश्चिमी दुनिया के वित्तीय ताने-बाने से काटे जाने का ही है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    विज्ञापन में फ़ायदा पहुंचाने का एल्गोरिदम : फ़ेसबुक ने विपक्षियों की तुलना में "बीजेपी से लिए कम पैसे"  
    18 Mar 2022
    रिपोर्ट्स में पता चला है कि 2019-2020 में हुए दस चुनावों में से नौ में बीजेपी को कांग्रेस की तुलना में विज्ञापनों के लिए फ़ेसबुक पर 29 फ़ीसदी कम कीमत चुकानी पड़ी थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License