NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
निज़ार बनात के लिए न्याय की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों पर पीए की कार्रवाई
सुरक्षा बलों ने कई प्रसिद्ध फ़िलीस्तीनी पॉलिटिकल एक्टिविस्ट और नागरिक समाज के लोगों को गिरफ़्तार किया जिनमें पूर्व राजनीतिक क़ैदी शामिल हैं जिन्हें पहले इज़रायल ने गिरफ़्तार कर रखा था।
पीपल्स डिस्पैच
24 Aug 2021
निज़ार बनात के लिए न्याय की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों पर पीए की कार्रवाई

पैलेस्टिनियन अथॉरिटी (पीए) ने पॉलिटिकल एक्टिविस्ट निज़ार बनात की हत्या के विरोध में एक दिन बाद प्रदर्शन में भाग लेने को लेकर गिरफ्तार किए गए कई कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को सोमवार 23 अगस्त को रिहा कर दिया है। एक दिन पहले यानी रविवार को पीए सुरक्षा बलों ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में रामल्ला में आयोजित विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक हमला किया और करीब 24 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया ताकि उन्हें सफलतापूर्वक विरोध प्रदर्शन करने से रोका जा सके।

सुरक्षा बलों ने शनिवार को भी विरोध प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की थी। अधिकारियों ने कथित तौर पर दावा किया कि इन प्रदर्शनकारियों के पास प्रदर्शन करने की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी। इन प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि बनात की हत्या की निष्पक्ष और व्यापक जांच की जाए और उनकी हत्या के दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

पीए ने हाल में उन फिलिस्तीनियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज करता रहा है जो व्यापक भ्रष्टाचार, इसके अलोकतांत्रिक और सत्तावादी कार्यों और अधिकारों के उल्लंघन के लिए इसका विरोध या आलोचना करते रहे हैं। वे फतह के नेतृत्व वाले पीए के राष्ट्रपति महमूद अब्बास पर कब्जे वाले क्षेत्रों में किसी भी या सभी राजनीतिक विपक्ष को चुप कराने की कोशिश करने का आरोप लगाते हैं कि अब्बास को इसका डर है कि इससे उन्हें सत्ता खोनी पड़ेगी और अन्य फिलिस्तीनी राजनीतिक संगठनों द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा जो काफी अधिक लोकप्रिय हैं और जिसके पास राजनीतिक समर्थन है। इसने कई असंवैधानिक, अत्यंत कठोर कानून पेश किए हैं जैसे कि 'अनधिकृत' विरोध पर प्रतिबंध लगाना और कई कानूनों को लागू किया है जिसमें बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां करना, लोगों पर झूठे और आधारहीन आपराधिक आरोप लगाना, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल करना, स्वतंत्र पत्रकारों, कार्यकर्ता, विपक्षी राजनीतिक हस्तियां और अन्य लोगों को निशाना बनाना और उनका उत्पीड़न करना ताकि सत्ता पर कड़ी पकड़ बनाए रखा जाए।

रविवार को गिरफ्तार किए गए दो दर्जन से अधिक फ़िलिस्तीनियों में फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज और राजनीति के कई प्रमुख सदस्य थे। हिरासत में लिए गए लोगों के परिवार के सदस्यों ने पीए मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया और कैदियों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की।

सामाजिक कार्यकर्ता और रद्द किए गए फ़िलिस्तीनी विधायी चुनावों में खड़े होने वाले राजनीतिक उम्मीदवार निज़ार बनात को पीए सुरक्षा बलों ने इस साल 24 जून को उनके घर पर हिंसक छापेमारी में हत्या कर दी थी।

Nizar Banat
Palestine
Israel

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    पंजाब: धार्मिक ग्रंथों का अपमान निंदनीय, लेकिन इसके लिए 'लिंचिंग' कितनी जायज़?
    20 Dec 2021
    पंजाब में बेअदबी की घटनाओं पर राजनीति जारी है। लेकिन बीते दो दिन में दो लिंचिंग के मामलों पर सरकार से लेकर विपक्ष तक सब ख़ामोश हैं।
  • उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की : चिली में वामपंथी छात्र नेता होंगे सबसे युवा राष्ट्रपति
    20 Dec 2021
    चिली के ‘नवउदारवादी’ आर्थिक मॉडल को दफ़न कर देने का वादा करने वाले कानून के इस पूर्व छात्र ने रविवार को राष्ट्रपति के पद के लिए हुए चुनावों (रन-ऑफ़) में धुर दक्षिणपंथी जोस एंटोनियो कास्त को क़रारी मात…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    प्रशासन की अनदेखी का खामियाज़ा भुगत रहे मरीज़़ : अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टर्स, अब मरीज़ों का क्या होगा?
    20 Dec 2021
    NEET, पीजी काउंसलिंग समेत कई मांगों के नहीं माने जाने पर जूनियर डॉक्टर्स ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, इतना ही नहीं डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाएं देने से भी मना कर दिया है, जिसके कारण मरीज़ों…
  • modi
    बादल सरोज
    हिंदुत्व की काशी करवट: यूपी चुनाव से पहले ख़ास नैरिटेव की तैयारी
    20 Dec 2021
    काशी और फिर अयोध्या में जो किया और दिखाया गया वह हिंदू आचरण नहीं, हिंदुत्व लीला का मंचन है। एकदम शुद्ध रेडियोएक्टिव और खांटी हिन्दुत्व का मंचन।
  • banaras
    विजय विनीत
    फिर बनारस आ रहे हैं मोदी, रखेंगे अमूल प्लांट की आधारशिला, लेकिन किसान नाराज़, नहीं मिला ज़मीन का मुआवज़ा 
    20 Dec 2021
    औद्योगिक विकास प्राधिकरण (सीडा) यह दावा कर रहा है कि सभी किसानों को मुआवजा दे दिया गया है। जबकि सच यह है कि ज़्यादातर किसानों को फूटी कौड़ी नहीं मिल सकी है। ज़मीन का मुआवज़ा न मिलने की वजह के कई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License