NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पीएलओ और अन्य गुटों ने फ़िलिस्तीनियों के बीच एकता का आह्वान किया
हमास और इस्लामिक जिहाद सहित सभी प्रमुख फ़िलिस्तीनी गुटों ने प्रमुख चुनौतियों और एकता की आवश्यकता पर चर्चा करने के लिए वर्चुअल तरीक़े से बैठक की।
पीपल्स डिस्पैच
04 Sep 2020
पीएलओ

राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने गुरुवार 3 सितंबर को राष्ट्रीय एकता के लिए "इन्क्लूसिव इंट्रा-पैलेस्टिनिनय नेशनल डायलॉग" के लिए आह्वान किया। वह बेरूत और रामल्लाह में आयोजित वर्चुअल विभिन्न फिलिस्तीनी गुटों के सेक्रेटरी जनरलों की एक बैठक में बोल रहे थे।

उन्होंने दो प्रमुख फिलिस्तीनी गुटों फताह और हमास से आंदोलन के भीतर मौजूदा विभाजन को समाप्त करने के लिए बातचीत का नेतृत्व करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बातचीत "वन पीपल एंड वन पॉलिटिकल सिस्टम" के सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने जल्द ही फिलिस्तीनी सेंट्रल काउंसिल को आयोजित करने का भी वादा किया और सभी गुटों को फिलिस्तीनी लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (पीएलओ) में शामिल होने की अपील की ताकि क़ब्ज़े वाले प्रदेशों और बढ़ती चुनौतियों के समक्ष समूहों में फिलिस्तीनियों की विशालता के रूप में अपनी स्थिति को सुदृढ़ किया जा सके।

बैठक में गाजा आधारित हमास और इस्लामिक जिहाद के नेताओं ने भी भाग लिया। राष्ट्रपति अब्बास ने इस साल जनवरी में प्रस्तावित ट्रम्प की तथाकथित "डील ऑफ द कंट्री", इज़रायल का क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक का प्रस्तावित एनेक्सेशन और अरब देशों के प्रति संबंधों के सामान्यीकरण के लिए इजरायल के आकर्षण के रूप में फिलिस्तीनी आंदोलन के लिए तीन तात्कालिक चुनौतियों की पहचान की।

इज़रायल के साथ यूएई के संबंधों को सामान्य बनाने और फिलिस्तीनी मामलों के लिए काम करने के अपने दावों का खंडन करते हुए राष्ट्रपति अब्बास ने कहा कि "हमने किसी को भी अधिकृत नहीं किया है" कि वे हमारी तरफ से बोलें। उन्होंने कहा, "हमारा राष्ट्रीय निर्णय हमारा विशेष अधिकार है और हम हमारे नाम से बोलने वाले किसी को भी स्वीकार नहीं कर सकते।"

राष्ट्रपति अब्बास ने विशाल अरब एकता और अरब शांति पहल की पुनरावृत्ति का आह्वान किया, जिसके अनुसार अरब लीग का कोई भी सदस्य फिलिस्तीन के इसके क़ब्ज़े को समाप्त करने से पहले इज़रायल के साथ अपने संबंधों को सामान्य नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी भविष्य की वार्ता में शांति का अकेला ब्रोकर नहीं हो सकता है।

इस बैठक में बोलते हुए हमास के राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख इस्माइल हनियेह ने ओस्लो शांति समझौते को समाप्त करने और सभी फिलिस्तीनियों के बीच राजनीतिक एकता पुनः प्राप्त करने के लिए एक राजनीतिक कार्यक्रम की नींव डालने का आह्वान किया। इस बैठक में इस्लामिक जिहाद के नेता ज़ियाध अल-नखला भी मौजूद था।

PLO
Palestinians
Islamic Jihad
Mahmoud Abbas

Related Stories

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण ने चुनाव टालने के कुछ दिनों बाद यूनिटी गवर्नमेंट बनाने के लिए वार्ता करने का आह्वान किया

इज़रायल के निवासियों ने क़ब्ज़े वाले जेरुसलम में फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ व्यापक हिंसा की

फ़िलिस्तीनियों ने यूएनआरडब्ल्यूए को मिलने वाली सहायता बहाल करने के अमेरिकी फैसले का स्वागत किया

फ़िलिस्तीन में 15 साल बाद विधायी और राष्ट्रपति चुनाव

फ़िलिस्तीनी गुटों ने तुर्की में सुलह वार्ता शुरू की

फिलिस्तीनियों ने इज़रायल-यूएई समझौते की निंदा करते हुए उसे विश्वासघात बताया

इज़रायल के प्रस्तावित एनेक्सेशन के विरोध में कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि फिलिस्तीनियों के साथ शामिल हुए

अब्बास ने यूएनएससी में अमेरिका की मध्य-पूर्व शांति योजना को फिर नकारा

इजरायली सैनिकों ने दो दिनों की छापे में एक पत्रकार सहित 20 फिलिस्तीनियों को उठाया


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License