NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पीएम एंड्रयू होल्नेस ने जमैका के आम चुनावों में शानदार जीत हासिल की
80% से अधिक मतों की गिनती के साथ सत्तारूढ़ सेंटर-राइट जमैका लेबर पार्टी (जेएलपी) ने पीएम होल्नेस के नेतृत्व में संसद में 63 सीटों में से 49 सीटों पर जीत हासिल की।
पीपल्स डिस्पैच
04 Sep 2020
एंड्रयू होल्नेस

जमैका के वर्तमान प्रधानमंत्री एंड्रेस होल्नेस को कैरेबियाई देश में 3 सितंबर को हुए आम चुनावों में शानदार जीत के साथ दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुना गया है। 80% से अधिक मतों की गिनती के साथ प्रारंभिक परिणाम में दिखाया गया है कि सत्तारूढ़ सेंटर-राइट जमैका लेबर पार्टी (जेएलपी) ने संसद की 63 में से 49 सीटें जीत ली, जबकि विपक्षी पार्टी पीपल्स नेशनल पार्टी (पीएनपी) ने पीटर फिलिप्स के नेतृत्व में केवल 14 सीटें जीतीं। जेएलपी को 57.1% वोट मिले जबकि पीएनपी को 42.8% वोट मिले।

इस जीत के साथ होल्नेस 1967 के बाद से लगातार दो आम चुनावों में निर्वाचित होने वाले पहले जेएलपी नेता बन गए। जेएलपी ने ये चुनाव इन दशकों में सबसे बड़े अंतर के साथ जीता, साथ ही इसको पहले केवल 37 % वोट भी मिले।

प्रारंभिक परिणामों की घोषणा के बाद पीएम होल्नेस ने कहा "जश्न की बात होती है, लेकिन विचार करने के लिए महत्वपूर्ण वजह भी है। कई जमैका वासी ऐसे हैं जिन्होंने भाग नहीं लिया, कई जमैका वासी जो वायरस के डर से वोट गिराने नहीं आए थे, लेकिन अन्य कारणों जैसे उदासीनता, निराशा के चलते भी भाग नहीं लेने का फैसला किया।"

1.9 मिलियन से अधिक नागरिक मतदान के पात्र थे और इस संसदीय चुनावों में कुल 126 उम्मीदवारों ने ये चुनाव लड़ा था।

संविधान के तहत 25 फरवरी से 10 जून 2021 के बीच चुनावों करानी थी। हालांकि, पीएम होल्नेस ने पिछले महीने COVID-19 महामारी के बीच जल्द चुनाव कराने का आह्वान किया। तीन हफ्ते पहले, 13 अगस्त को जमैका की संसद को भंग कर दिया गया था।

विश्लेषकों ने समय से पहले चुनाव कराने के होल्नेस के निर्णय को अपने आर्थिक एजेंडे के साथ लोगों की संतुष्टि को भुनाने के लिए और महामारी की शुरुआती प्रतिक्रिया के रूप में देखा। इन चुनावों में जेएलपी को 16 सीटों का फायदा हुआ।

पोलिंग स्टेशन में प्रवेश करने से पहले अन्य नियमों के साथ टेम्परेचर जांच से गुजरना, फेस मास्क पहनना, मतदान केंद्र में प्रवेश करने पर हाथ धोना, शारीरिक दूरी के नियमों का मानना अनिवार्य था। उन लोगों के लिए विशेष नियमों की घोषणा की गई थी जो कोरोनोवायरस के पॉजिटिव गए थे या संदेह के चलते क्वारंटीन सेंटर में थे। इन लोगों को मतदान करने के समय रोक दिया गया था।

Andrew Holness
Jamaica
Center-Right Jamaica Labor Party
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • भाषा
    अदालत ने कहा जहांगीरपुरी हिंसा रोकने में दिल्ली पुलिस ‘पूरी तरह विफल’
    09 May 2022
    अदालत ने कहा कि 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर हुए घटनाक्रम और दंगे रोकने तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय प्रशासन की भूमिका की जांच किए जाने की आवश्यकता है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,207 नए मामले, 29 मरीज़ों की मौत 
    09 May 2022
    राज्यों में कोरोना जगह-जगह पर विस्पोट की तरह सामने आ रहा है | कोरोना ज़्यादातर शैक्षणिक संस्थानों में बच्चो को अपनी चपेट में ले रहा है |
  • Wheat
    सुबोध वर्मा
    क्या मोदी सरकार गेहूं संकट से निपट सकती है?
    09 May 2022
    मोदी युग में पहली बार गेहूं के उत्पादन में गिरावट आई है और ख़रीद घट गई है, जिससे गेहूं का स्टॉक कम हो गया है और खाद्यान्न आधारित योजनाओं पर इसका असर पड़ रहा है।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: एक निशान, अलग-अलग विधान, फिर भी नया इंडिया महान!
    09 May 2022
    क्या मोदी जी के राज में बग्गाओं की आज़ादी ही आज़ादी है, मेवाणियों की आज़ादी अपराध है? क्या देश में बग्गाओं के लिए अलग का़ानून है और मेवाणियों के लिए अलग क़ानून?
  • एम. के. भद्रकुमार
    सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति
    09 May 2022
    सीआईए प्रमुख का फ़ोन कॉल प्रिंस मोहम्मद के साथ मैत्रीपूर्ण बातचीत के लिए तो नहीं ही होगी, क्योंकि सऊदी चीन के बीआरआई का अहम साथी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License