NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पीएम ‘सुरक्षा चूक’: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और पंजाब की जांच रोकी, पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति का होगा गठन
चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल प्रस्तावित समिति का हिस्सा हो सकते हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Jan 2022
sc

नयी दिल्ली: पंजाब के फिरोजपुर दौरे के दौरान प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कथित चूक के मामले को लेकर हो रही राजनीति के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा हस्तक्षेप किया है और केंद्र और राज्य की अलग-अलग जांच को रोकते हुए एक जांच कमेटी बनाने का फ़ैसला लिया है।

इस मामले में आज सोमवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में वह एक समिति गठित करेगा।

प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण ने कहा कि इस संबंध में औपचारिक आदेश जल्द पारित किया जाएगा। चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल प्रस्तावित समिति का हिस्सा हो सकते हैं।

शीर्ष अदालत ‘लॉयर्स वॉइस’ की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में कथित चूक की गहन जांच और भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो, यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।

गौरतलब है कि पंजाब में पांच जनवरी को प्रदर्शनकारियों द्वारा नाकेबंदी करने के कारण प्रधानमंत्री का काफिला एक फ्लाईओवर पर कुछ देर तक फंसा रहा था। इसके बाद वह एक रैली सहित किसी भी कार्यक्रम में शामिल हुए बिना पंजाब से दिल्ली लौट गए थे।

आज सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कुछ सख्त टिप्पणियां भी कीं।

पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि राज्य के सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। उनसे पूछा गया है कि पीएम की सुरक्षा में चूक मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। वहीं केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत में कहा कि पूरे मामले में डीजी और खुफिया अधिकारी जिम्मेदार हैं। क्योंकि उनकी ओर से रोड ब्लॉक के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। कारण बताओ नोटिस जारी करने का यही आधार है। केंद्र की ओर से इस मामले में पंजाब के डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

इससे पहले सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने शीर्ष अदालत से मांग की थी कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और एक कमेटी उसकी देखरेख में गठित की जाए। हालांकि, केंद्र का कहना था कि उसकी ओर से एक कमेटी पहले से बनाई गई है। केंद्र कमेटी की जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगा और समीक्षा करके उसी रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट कार्रवाई तय करे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट इस पर सहमत नहीं हुआ। और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति गठन का फ़ैसला दिया।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Supreme Court
punjab
BJP Punjab
PM security lapse case
Assembly elections
Narendra modi
BJP
Charanjit Singh Channi

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • राजा मुज़फ़्फ़र भट
    जम्मू-कश्मीर में उपभोक्ता क़ानून सिर्फ़ काग़ज़ों में है 
    28 Mar 2022
    सैंकड़ों उपभोक्ताओं की शिकायतों का अभी तक कोई हल नहीं हुआ है। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से एक भी नया मामला दर्ज नहीं किया गया है। क़ानूनों को बड़ी तेज़ी से निरस्त और लागू किया जा रहा है, लेकिन…
  • सोनिया यादव
    'राइटिंग विद फायर’ को नहीं मिला ऑस्कर, लेकिन 'खबर लहरिया' ने दिल ज़रूर जीत लिया
    28 Mar 2022
    खबर लहरिया देश का अकेला ऐसा न्यूज़ नेटवर्क है जिसे सिर्फ़ महिलाएं चलाती हैं। यह महिलाएं दलित, मुस्लिम, आदिवासी और पिछड़ी माने जाने वाली जातियों से हैं, जिन्होंने पिछले 20 साल में सुदूर ग्रामीण इलाकों…
  • एम.ओबैद
    बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता
    28 Mar 2022
    देश भर में जारी ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय आम हड़ताल का व्यापक असर बिहार में भी देखने को मिला है। इस हड़ताल का सभी वर्गों ने समर्थन किया और इसमें शामिल हुए।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    संसद अपडेट: लोकसभा में मतविभाजन के जरिये ‘दंड प्रक्रिया (पहचान) विधेयक’ पेश, राज्यसभा में उठा महंगाई का मुद्दा
    28 Mar 2022
    लोकसभा में सोमवार को ‘दंड प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022’ और संविधान (अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक पेश किया गया।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    ऑस्कर 2022: स्मिथ और जेसिका सर्वश्रेष्ठ अभिनेता व अभिनेत्री, ‘ड्राइव माय कार’ सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म
    28 Mar 2022
    सर्वश्रेष्ठ एनिमेटेड फीचर के लिए ‘एनकैंटो’ ने ऑस्कर जीता जबकि भारतीय वृत्तचित्र ‘राइटिंग विद फायर’ को ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र की श्रेणी में ‘समर ऑफ सोल’ ने मात दे दी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License