NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पीएम को ऐसी स्थिति नहीं आने देनी चाहिए कि चीन उनके बयान का इस्तेमाल करे: मनमोहन सिंह
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने शब्दों व घोषणाओं द्वारा देश की सुरक्षा एवं सामरिक तथा भूभागीय हितों पर पड़ने वाले प्रभाव के प्रति सदैव बेहद सावधान होना चाहिए।
भाषा
22 Jun 2020
Manmohan Singh

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को लेकर उनकी आलोचना करते हुए सोमवार को कहा कि मोदी को अपने बयान से चीन के षड्यंत्रकारी रुख को ताकत नहीं देनी चाहिए तथा सरकार के सभी अंगों को मिलकर मौजूदा चुनौती का सामना करना चाहिए।

सिंह ने यह भी कहा कि भ्रामक प्रचार कभी भी कूटनीति एवं मजबूत नेतृत्व का विकल्प नहीं हो सकता तथा यह सुनिश्चित होना चाहिए कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाए। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-चीन तनाव विषय पर शुक्रवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कहा था कि न कोई हमारे क्षेत्र में घुसा और न ही किसी ने हमारी चौकी पर कब्जा किया है।

उनके इस बयान को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सर्वदलीय बैठक में की गई टिप्पणियों की कुछ हलकों में ‘शरारतपूर्ण व्याख्या’ की कोशिश की जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री सिंह ने एक बयान में कहा, ‘15-16 जून, 2020 को गलवान घाटी में भारत के 20 बहादुर जवानों ने वीरता के साथ अपना कर्तव्य निभाते हुए देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इस सर्वोच्च बलिदान के लिए हम इन साहसी सैनिकों एवं उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञ हैं। लेकिन उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए।’

सिंह ने कहा, ‘आज हम इतिहास के एक नाजुक मोड़ पर खड़े हैं। हमारी सरकार के निर्णय एवं सरकार द्वारा उठाए गए कदम तय करेंगे कि भविष्य की पीढ़ियां हमारा आकलन कैसे करेंगी। जो देश का नेतृत्व कर रहे हैं, उनके कंधों पर कर्तव्य का गहन दायित्व है।’

उनके मुताबिक हमारे प्रजातंत्र में यह दायित्व देश के प्रधानमंत्री का है। प्रधानमंत्री को अपने शब्दों व घोषणाओं द्वारा देश की सुरक्षा एवं सामरिक तथा भूभागीय हितों पर पड़ने वाले प्रभाव के प्रति सदैव बेहद सावधान होना चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘चीन ने अप्रैल, 2020 से लेकर आज तक भारतीय सीमा में गलवान घाटी एवं पांगोंग सो झील इलाके में अनेकों बार घुसपैठ की है। हम न तो उनकी धमकियों एवं दबाव के सामने झुकेंगे और न ही अपनी भूभागीय अखंडता से कोई समझौता स्वीकार करेंगे।’

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री को अपने बयान से उनके षड्यंत्रकारी रुख को ताकत नहीं देनी चाहिए तथा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकार के सभी अंग इस खतरे का सामना करने तथा स्थिति को और ज्यादा गंभीर होने से रोकने के लिए परस्पर सहमति से काम करें।’ सिंह ने कहा, ‘यही समय है जब पूरे राष्ट्र को एकजुट होना है तथा संगठित होकर इस दुस्साहस का जवाब देना है। हम सरकार को आगाह करेंगे कि भ्रामक प्रचार कभी भी कूटनीति तथा मजबूत नेतृत्व का विकल्प नहीं हो सकता। पिछलग्गू सहयोगियों द्वारा प्रचारित झूठ के आडंबर से सच्चाई को नहीं दबाया जा सकता।’

उन्होंने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री एवं केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वे वक्त की चुनौतियों का सामना करें और कर्नल बी. संतोष बाबू एवं हमारे सैनिकों की कुर्बानी की कसौटी पर खरा उतरें, जिन्होंने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ एवं ‘भूभागीय अखंडता’ के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।’ पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे कुछ भी कम किया जाना जनादेश से ऐतिहासिक विश्वासघात होगा।

MANMOHAN SINGH
Narendra modi
China
India-China Tension

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • job advertisement
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर भर्ती की शर्तों का विरोध, इंटरव्यू के 100 नंबर पर न हो जाए खेल!
    21 Dec 2021
    इन पदों के लिए आवेदन करने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को एक ज्ञापन भेजा है। इसमें नियुक्ति का आधार एपीआई और साक्षात्कार बनाए जाने को नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के…
  •  Jayant and Akhilesh
    असद शेख़
    मुज़फ़्फ़रनगर: क्या सपा-रालोद गठबंधन किसी भी सीट से मुस्लिम उम्मीदवार नहीं देगा?
    21 Dec 2021
    चुनाव विश्लेषण: सपा-रालोद गठबंधन की ओर से ज़िले में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार के चुनाव लड़ने की फिलहाल में कोई स्थिति बनती हुई नज़र नहीं रही है। हालांकि किसी भी पार्टी ने अपने टिकट फाइनल नहीं किए हैं,…
  • Tamil Nadu
    नीलाबंरन ए
    कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि से एमएसएमई क्षेत्र प्रभावित, विरोध में उद्यमियों ने बंद किये शटर
    21 Dec 2021
    विमुद्रीकरण, जीएसटी के हड़बड़ी में क्रियान्वयन, और बिना सोचे-विचारे कोविड-19 लॉकडाउन को लागू करने के कारण गंभीर झटके झेलने के बाद अब कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि के चलते एमएसएमई उद्योग का साँस…
  • covid
    एपी/भाषा
    अमेरिका में कोविड-19 के 75 प्रतिशत मामले ओमीक्रॉन स्वरूप के, ऑस्ट्रेलिया में भी मामले बढ़े
    21 Dec 2021
    अमेरिका के टेक्सास राज्य में ओमीक्रॉन से एक मरीज की मौत भी हो गयी है। अमेरिका में ओमीक्रॉन से से मौत का यह पहला मामला है। 
  • LIC
    गौरव गुलमोहर
    बुंदेलखंड में LIC के नाम पर घोटाला, अपने पैसों के लिए भटक रहे हैं ग्रामीण
    21 Dec 2021
    एलआईसी एजेंट गिरोह द्वारा हजारों लोगों का बीमा किया गया और उस बीमा को बिना ग्राहक की अनुमति के बीच में ही लोन में बदल दिया गया। इस तरह यह काम बांदा जिले में एलआईसी के अंतर्गत लम्बे समय से हो रहा है।…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License