NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हिमाचल में  पीपीई-सैनिटाइजर घोटाला, क्या यही है ‘आपदा में अवसर’!, उच्चस्तरीय जांच की मांग
यह मामला पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किट और सैनिटाइजर की ख़रीद में रिश्वत लेने से जुड़ा है। जिसके चलते सत्तारूढ़ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष को इस्तीफ़ा देना पड़ा है। विपक्षी दल कांग्रेस और सीपीआई (एम) ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मुकुंद झा
28 May 2020
Rajeev Bindal

हिमाचल प्रदेश में इस कोरोना महामारी संकट के दौरान भी घोटाला सामने आया है। इसमें सत्तारूढ़ बीजेपी के नेताओ के शामिल होने की बात सामने आई हैं। जिसके बाद प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को इस्तीफ़ा देना पड़ा है। एक ऑडियो क्लिप सार्वजनिक हो गया जिसमें स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. अजय गुप्ता 5 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेने की बात कर रहे हैं।

यह मामला पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किट और सैनिटाइजर की ख़रीद में रिश्वत लेने से जुड़ा है। विपक्षी दल कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। सीपीएम ने रविवार 24 मई को इस घोटाले को लेकर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी और स्वास्थ्य विभाग में चल रहे व्यापक भ्रष्टाचार पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसकी उच्च न्यायालय के जज द्वारा निष्पक्ष जांच और जो भी दोषी हैं उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की माँग की थी। इसके साथ ही इस दौरान कोरोना महामारी के नाम पर सरकार के द्वारा किए गए ख़र्च को सार्वजनिक करने की भी मांग की थी।

वायरल ऑडियो क्लिप में गुप्ता जिस शख़्स से बात कर रहे हैं, उसे एक बीजेपी नेता का क़रीबी बताया गया है। विपक्ष ने मांग की है कि इस नेता का नाम उजागर किया जाए।

स्थानीय अख़बारों के मुताबिक़, गुप्ता की कॉल डिटेल से पता चला है कि उनकी गिरफ़्तारी वाले दिन वह बीजेपी ऑफ़िस के पास ही था। इस पर कांग्रेस और बाकी विपक्षी दल सवाल उठा रहे है कि वो बीजेपी ऑफिस के पास क्या कर रहा था।

इस घोटाले में कई लोग राजीव बिंदल का भी नाम ले रहे है। इसके बाद बिंदल ने बीजेपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपना इस्तीफा भेजा दिया हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजीव बिंदल का इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। इस पत्र में उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य निदेशक का कथित ऑडियो जारी हुआ। जिसके बाद कुछ लोग इसे भाजपा से जोड़ने का प्रयास कर रहे थे।

इसके अलावा, बिंदल ने पत्र में लिखा कि इस मामले में विजिलेंस ने केस दर्ज कर पूर्व निदेशक को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि मैं पूर्ण विश्वास दिलाता हूं कि पार्टी का इस प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है। भाजपा का दामन बेदाग़ है,क्योंकि वह भाजपा के अध्यक्ष हैं और बिना किसी दबाव के जांच हो, इसलिए मैं इस्तीफा देता हूं।

bindal.jpg

हालांकि बिंदल को इस साल जनवरी में प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। इससे पहले वह हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष थे। उनके इस्तीफ़ा विपक्ष के बढ़ते दबाव के बाद आया है। हालांकि वो इसे नैतिकता के आधार पर दिया हुआ इस्तीफ़ा कह रहे हैं।

क्या है पूरा मामला ?

20 मई को यह पूरा मामला सामने आया था, जब 43 सेकेंड का एक ऑडियो वायरल हुआ। इसमें दो लोगों के बीच बीतचीत हो रही है, जिसमें पांच लाख रुपये के लेने की बात की जा रही है। साथ ही कहा गया है कि बैंक वाले सहयोग नहीं कर रहे हैं। विजिलेंस ने इस संबंध में केस दर्ज किया था। इस केस से बिंदल का नाम जुड़ रहा है और उन पर आरोपी को शय देने के आरोप लग रहे हैं।

इसी मामले में बीते गुरुवार को हिमाचल स्वास्थ्य विभाग के पूर्व निदेशक अजय कुमार गुप्ता को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था। वह पांच दिन के पुलिस हिरासत में हैं।

नवभारत टाइम्स के मुताबिक अजय गुप्ता के निर्देशन में परचेजिंग कमिटी ने 9 करोड़ के सप्लाई ऑर्डर दिए थे। इसमें मोहाली की एक ही फर्म को पांच हजार पीपीई किट का ऑर्डर दिया गया था। हालांकि देशभर की 40 कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। खास है कि ऑडियो में पांच लाख की दलाली भी इन्हीं पीपीई किट की डील के लिए की जा रही थी। दरअसल कोरोना से निपटने के लिए राज्य सरकार ने निदेशालय और जिला स्तर पर खरीद की छूट दे रखी थी। विजिलेंस का कहना है कि हेल्थ डिपार्टमेंट में हुई इस दलाली के तार जिला स्तर तक जुड़े हैं।

हालंकि अभी जानकरी 5 लाख रुपये की बताई जा रही है लेकिन विपक्ष का कहना है ये घोटाला बहुत बड़ा है, इसमें निष्पक्ष जांच हो तो बड़े बड़े लोगो की पोल खुलेगी।

सरकार सवालों के घेरे में और विपक्ष की घेरबंदी !

इस कोरोना महामारी से उत्पन्न विषम परिस्थिति के समय प्रदेश सचिवालय व स्वास्थ्य विभाग में हुए व्यापक भ्रष्टाचार से प्रदेश की बीजेपी सरकार की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है। सीपीएम ने कहा कि सचिवालय में पीपीई-सैनिटाइजर घोटाले व स्वास्थ्य विभाग में निदेशक की गिरफ्तारी के पश्चात बीजेपी से जुड़े नेताओं के नाम सामने आने से इसकी गंभीरता देखते हुए इस निष्पक्ष जांच की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ जाती है।

सीपीएम नेताओं का कहना है कि यह सरकार में सत्ता के करीबी राजनेता, अफ़सरशाही व ठेकेदार का गठजोड़ के भ्रष्टाचार को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। यदि सरकार इसकी निष्पक्ष जांच नहीं करवाती है तो यह प्रदेश की सरकार द्वारा लोकतंत्र व जनता से विश्वासघात होगा।

सीपीएम के नेता और शिमला के पूर्व मेयर संजय चौहान ने कहा कि सचिवालय में सैनिटाइजर को लेकर हुए घोटाले का पर्दाफाश हुआ व विजिलेंस जांच के आदेश को करीब 20 दिन से अधिक समय हो गया है परन्तु अभी तक कोई भी ठोस कानूनी कार्यवाही शुरू नहीं हुई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग में हुए व्यापक घोटाले में निदेशक के घर मे छापेमारी में पुख्ता सबूत मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी के पश्चात जिस प्रकार से सरकार इस जांच को आगे ले जा रही है उससे सरकार की मंशा पर भी सवालिया निशान लगता है। क्योंकि इसमे स्पष्ट है कि कई और लोग भी इस घोटाले में संलिप्त है और पुख्ता सबूत होने के बावजूद अभी तक उनमें से किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

आगे उन्होंने कहा कि "सरकार प्रदेश की जनता के प्रति जवाबदेह है और उसे स्पष्ट करना होगा कि क्या सरकार इन घोटालों में अन्य दोषियों को बचाने का कार्य कर रही हैं और जिनके नाम इन घोटालों में उजागर हुए हैं इनमें से कुछ सत्ता के करीबी होने के कारण सरकार ने इस पर चुप्पी साध ली है।"

आगे उन्होंने कहा कि जनता द्वारा महामारी के लिए सरकार के आह्वान पर पीएम केयर फण्ड व हिमाचल प्रदेश कोविड-19 सोलिडेरिटी रेस्पॉन्स फण्ड में खुल कर दान किया है। परन्तु इन घोटालों से जनता के द्वारा दिए गए इस दान के दुरुपयोग की आशंका भी जनता के मन मे पैदा हो गई है। इसके लिए सरकार को इसमें किये गये खर्च का स्पष्टीकरण देना होगा ताकि जनता को भी मालूम हो कि सरकार उनके मेहनत की कमाई का कैसे उपयोग कर रही है। इसके अतिरिक्त इस दौरान केंद्र व अन्य संस्थाओं से आए धन को किस प्रकार से सरकार ने ख़र्च किया है इस पर भी श्वेतपत्र जारी करे।

ऐसी विषम परिस्थिति में प्रदेश सरकार में इस प्रकार के घोटालों व भ्रष्टाचार ने हिमाचल प्रदेश की सरकार की छवि पर भी बुरा असर पड़ता दिख रहा है। आज हिमाचल प्रदेश जोकि देश के बेहतर राज्यों में जाना जाता है पर भी इस प्रकार की घटनाओं से इसकी साख पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में प्रदेश की जनता सरकार से इस प्रकार के भ्रष्टाचार व घोटालों पर रोक लगाने के लिए निष्पक्ष जांच व दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की अपेक्षा करती है। 

Himachal Pradesh
Rajeev Bindal
BJP
Coronavirus
COVID-19
PPE Kits
PPE-sanitizer scam

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • एक दिन बारिश में दिल्ली दिखी बेहाल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एक दिन बारिश में दिल्ली दिखी बेहाल, कई स्थानों पर जलभराव, यातायात बाधित, एक व्यक्ति की डूबने से मौत
    20 Jul 2021
    दिल्ली सरकार चला रही 'आप' निगम में शासन कर रही बीजेपी को इसके लिए दोषी ठहरा रही है, जबकि बीजेपी बदहाल दिल्ली के लिए आप को ज़िम्मेदार बता रही है। जबकि सच्चाई यह है कि दिल्ली में जल निकासी का ज़िम्मा…
  • वन संरक्षण कानून में संशोधन मसौदा तैयार करने का ठेका कॉर्पोरेट को : किसान सभा ने जताया विरोध
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    वन संरक्षण कानून में संशोधन मसौदा तैयार करने का ठेका कॉर्पोरेट को : किसान सभा ने जताया विरोध
    20 Jul 2021
    छत्तीसगढ़ किसान सभा ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा भारतीय वन कानून, 1927 में संशोधन मसौदा तैयार करने का ठेका कॉर्पोरेट कंपनियों को देने की तीखी आलोचना करते हुए विरोध जताया है।
  • नवजोत सिंह सिद्धू
    सोनिया यादव
    पंजाब: नवजोत सिंह सिद्धू के चक्कर में कांग्रेस के साथ कहीं खेल न हो जाए!
    20 Jul 2021
    पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के अंदर उठापठक और राज्य में केंद्रीय नेतृत्व का हस्तक्षेप पार्टी के भविष्य पर जो भी असर छोड़े, फिलहाल कई जानकारों को लगता है कि कांग्रेस अपने पैरों पर खुद ही…
  • कोरोना
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में आज चार महीने बाद सबसे कम 30 हज़ार नए मामले दर्ज  
    20 Jul 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 30,093 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.30 फ़ीसदी यानी 4 लाख 6 हज़ार 130 हो गयी है।
  • UP की जनसंख्या नीति: मोहसिन रज़ा का 'पंचर' बयान और वर्तमान राजनीति
    सबरंग इंडिया
    UP की जनसंख्या नीति: मोहसिन रज़ा का 'पंचर' बयान और वर्तमान राजनीति
    20 Jul 2021
    उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मोहसीन रज़ा जब यह कहते हैं कि 8 बच्चे होंगे तो पंचर ही लगाएंगे, नई जनसंख्या नीति के माध्यम से हम मुसलमान को टोपी से टाई तक लाना चाहते हैं, तो वे जनसंख्या नीति के पीछे के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License