NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
पद्मश्री सम्मानित वैज्ञानिक डॉ मानस बिहारी वर्मा का निधन
"देश और समाज के साम्प्रदायीकरण के खतरे के विरुद्ध चल रहे अभियान में वे चट्टान की तरह खड़े रहे।  मिथिलांचल ने एक बड़े वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता को खो दिया है जो बहुत बड़ी क्षति है।... "
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 May 2021
पद्मश्री सम्मानित वैज्ञानिक डॉ मानस बिहारी वर्मा का निधन
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

दरभंगा-पटना: पद्मश्री सम्मान से सम्मानित वैज्ञानिक डॉ मानस बिहारी वर्मा का बिहार के दरभंगा शहर के लहेरियासराय मुहल्ला स्थित उनके आवास पर मंगलवार को निधन हो गया।

वर्मा के भांजे और वरिष्ठ पत्रकार प्रणव कुमार चौधरी ने बताया कि कल देर रात दिल का दौरा पड़ने के कारण उनके मामा का देहांत दरभंगा स्थित उनके आवास पर हो गया । उन्होंने बताया कि वह 78 साल के थे ।

दरभंगा जिले के घनश्यामपुर प्रखंड के बाउर गांव में जन्में वर्मा वर्ष 2005 में डीआरडीओ से सेवानिवृत्त होने के बाद अपने पैतृक जिले में रह रहे थे ।

राज्यपाल फागू चैहान ने रक्षा वैज्ञानिक पद्मश्री वर्मा के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि देश के पहले सुपरसोनिक लड़ाकू विमान ‘तेजस’ के निर्माण में उनकी अहम भूमिका थी। वह पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के सहयोगी भी रहे थे। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ से सेवानिवृति के बाद वह समाज सेवा से जुड़े रहे। उनका निधन अत्यंत दुखद है।

राज्यपाल ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति एवं परिजनों को धैर्य, साहस एवं संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी वर्मा के निधन पर गहरी शोक जताया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना को अधिक मारक बनाने में डॉ वर्मा का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि निधन से वैज्ञानिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में अपूरणीय क्षति हुई है।

उन्होंने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

भाकपा-माले ने देश के जाने-माने वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता मानस बिहारी वर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है।

अपने शोक बयान में भाकपा-माले ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति कलाम के अनन्य सहयोगी वर्मा जी ने रिटायरमेंट के बाद मिथिलांचल में समाज सेवा के कई नए अध्यायों की शुरुआत की थी।  दरभंगा में महिला इंजीनियरिंग कालेज खुलवाने में उनकी अहम भूमिका थी, जिसके वे कई वर्षों तक डायरेक्टर रहे. कोसी-कमला के बाढ़ पीड़ित इलाके में उन्होंने कई सफल अभियान चलाए और नदियों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक बनाया। दलित-गरीबों के बच्चों के बीच सुदूर ग्रामीण इलाके में शिक्षा अभियान और वैज्ञानिक सोच-समझ के अभियान की नींव डाली।

माले ने अपने बयान में कहा "देश और समाज के साम्प्रदायीकरण के खतरे के विरुद्ध चल रहे अभियान में वे चट्टान की तरह खड़े रहे।  मिथिलांचल ने एक बड़े वैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता को खो दिया है जो बहुत बड़ी क्षति है। इस दौर में उनकी बड़ी जरूरत थी।  विगत विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने एक बुद्धिजीवी के बतौर देश और समाज को बचाने के लिये भाजपा को हराने की मुहिम में भी शामिल हुए।  उन्होंने भाकपा माले के कई अभियानों को मदद की और अक्सर अपना सलाह-सुझाव देते रहते थे."

( समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Dr. Manas Bihari Verma
Manas Bihari Verma Passed Away
social activists

Related Stories

मानवाधिकार-कर्मियों और लेखकों-पत्रकारों की गिरफ्तारियों का सिलसिला बंद करो! 

भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई को आरटीआई से छूट नहीं : सीआईसी

व्यवस्था के खिलाफ बोलने वाले लेखक-बुद्धिजीवी सत्ता को पसंद नहीं

भीमा कोरेगाँव मामले में हाई कोर्ट ने पुणे कोर्ट का आदेश किया ख़ारिज, सुप्रीम कोर्ट गयी महाराष्ट्र सरकार

मुखर हो रही है आवाज़ : हटाओ “ देशद्रोह “ और राज्य – दमन का राज !


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License