NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान
पाकिस्तान : प्रदर्शनकारियों ने रैली में प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के इस्तीफ़े की मांग की
इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन पाकिस्तान में 11 राजनीतिक दलों के गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट द्वारा किया गया।
पीपल्स डिस्पैच
14 Dec 2020
Pakistan Rally

सरकार द्वारा जारी चेतावनी को नकारते हुए और प्रधानमंत्री इमरान खान के इस्तीफे की मांग करते हुए रविवार 13 दिसंबर को विपक्ष की संयुक्त रैली में पाकिस्तान के लाहौर में हज़ारों लोग इकट्ठा हुए। सितंबर महीने में 11 विपक्षी पार्टियों का गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) बनने के बाद से इस गठबंधन द्वारा आयोजित यह तीसरी ऐसी सामूहिक सभा थी।

इस रैली में पाकिस्तान के सभी प्रमुख विपक्षी बलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भाग लिया। पीडीएम के घटकों में देश के सभी वैचारिक मतों संगठन शामिल हैं। इसमें वामपंथी अवामी नेशनल पार्टी से लेकर अति दक्षिणपंथी जमीयत अहले हदिस भी शामिल है। पीडीएम के मुख्य घटक पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी),पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन) और जमीयत उलेमा ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) हैं।

पश्तूनों और अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की राज्य प्रायोजित हत्याओं के ख़िलाफ़ पश्तून तहफुज मूवमेंट (पीटीएम) के एक नेता मोहसिन दावर भी सितंबर महीने में इसके गठन के समय पीडीएम का एक हिस्सा थे। हालांकि वे रविवार को लाहौर की रैली में मौजूद नहीं थे।

पीडीएम ने प्रधानमंत्री इमरान खान पर देश के सभी प्रमुख आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों को हल करने में विफल रहने और पाकिस्तान सेना का कठपुतली होने का आरोप लगाया। इस रैली में वक्ताओं ने देश में बढ़ती बेरोज़गारी दर का मुद्दा उठाया। इनके अनुसार ये बेरोजगारी दोहरे अंकों तक पहुंच गया है। हालांकि आधिकारिक बेरोजगारी दर 4.5% पर कायम है। उन्होंने विश्व बैंक के अनुसार इस वर्ष लगभग 1.5% का अनुबंध करने वाली अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में सरकार की विफलता को उजागर किया जो कि दशकों में पहला कॉन्ट्रेक्शन है। विपक्ष ने इमरान खान सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के उत्पीड़न का भी आरोप लगाया।

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के मामले में कैद करने का प्रसंग देश में राजनीतिक उत्पीड़न के उदाहरण के रूप में बना। वर्ष 2017 में शरीफ के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उनको इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था, जिसके लिए उन्हें एक साल बाद दोषी ठहराया गया था। वे अब यूके में निर्वासित जीवन जी रहे हैं।

रविवार की रैली को सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के पहले दौर में अंतिम रैली के रूप में घोषित किया गया था। पीडीएम ने विरोध प्रदर्शन के दूसरे दौर की शुरुआत के रूप में जनवरी में राजधानी इस्लामाबाद तक रैली निकालने का आह्वान किया है।

Pakistan
Pakistan Rally
Imran Khan
Pakistan People's Party
Pakistan Muslim League

Related Stories

जम्मू-कश्मीर के भीतर आरक्षित सीटों का एक संक्षिप्त इतिहास

पाकिस्तान में बलूच छात्रों पर बढ़ता उत्पीड़न, बार-बार जबरिया अपहरण के विरोध में हुआ प्रदर्शन

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

शहबाज़ शरीफ़ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री निर्वाचित

कार्टून क्लिक: इमरान को हिन्दुस्तान पसंद है...

इमरान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए पाक संसद का सत्र शुरू

पकिस्तान: उच्चतम न्यायालय से झटके के बाद इमरान ने बुलाई कैबिनेट की मीटिंग

पाकिस्तान के राजनीतिक संकट का ख़म्याज़ा समय से पहले चुनाव कराये जाने से कहीं बड़ा होगा

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता के पीछे क्या कारण हैं?


बाकी खबरें

  • सत्यम् तिवारी
    देश भर में निकाली गई हनुमान जयंती की शोभायात्रा, रामनवमी जुलूस में झुलसे घरों की किसी को नहीं याद?
    16 Apr 2022
    एक धार्मिक जुलूस से पैदा हुई दहशत और घायल लोगों की चीख़-पुकार अभी फ़िज़ा में मौजूद है कि राजधानी दिल्ली सहित देश भर में एक और त्योहार के जुलूस निकाले गए। और वह भी बाक़ायदा सरकारी आयोजन की तरह। सवाल…
  • पलानीवेल राजन सी
    अपनी ज़मीन बचाने के लिए संघर्ष करते ईरुला वनवासी, कहा- मरते दम तक लड़ेंगे
    16 Apr 2022
    पिल्लूर में स्थानीय समुदायों की लगभग 24 बस्तियां हैं, जो सामुदायिक वन अधिकारों की मांग कर रही हैं, जैसा कि एफआरए के तहत उन्हें आश्वस्त किया गया था।
  • रूबी सरकार
    बुलडोज़र की राजनीति पर चलता लोकतंत्र, क्या कानून और अदालतों का राज समाप्त हो गया है?
    16 Apr 2022
    जिस तरह एक ख़ास धर्म के ख़िलाफ़ माहौल बनाने के लिए भाजपा की राज्य सरकारें बुलडोज़र को आगे कर रही हैं उससे लोकतंत्र हर रोज़ मरणासन्न स्थिति की ओर जा रहा है। 
  • सत्यम श्रीवास्तव
    कन्क्लूसिव लैंड टाईटलिंग की भारत सरकार की बड़ी छलांग
    16 Apr 2022
    देश में मौजूद ज़मीन के हर एक पीस/प्लॉट का एक आधार नंबर दिया जाना जिसे इस बजट भाषण में यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) कहा गया है। इसके लिए बाज़ाब्ता ज़मीन के हर टुकड़े के अक्षांश और देशांत…
  • विजय विनीत
    पत्रकारों के समर्थन में बलिया में ऐतिहासिक बंद, पूरे ज़िले में जुलूस-प्रदर्शन
    16 Apr 2022
    पेपर लीक मामले में पत्रकारों की गिरफ़्तारी और उत्पीड़न के खिलाफ आज बलिया में ऐतिहासिक बंदी है। बलिया शहर के अलावा बैरिया, बांसडीह, बेलथरा रोड, रसड़ा और सिकंदरपुर समेत ज़िले के सभी छोटे-बड़े बाज़ार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License