NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान
पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने तोड़े गए मंदिर के पुनर्निर्माण के आदेश दिए
अदालत ने निर्देश दिया, ‘‘आपके कर्मचारी मंदिरों एवं गुरुद्वारे की जमीन पर व्यवसाय कर रहे हैं। उन्हें गिरफ्तार कीजिए और मंदिर का पुनर्निर्माण शुरू कराइए।’

भाषा
06 Jan 2021
पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने तोड़े गए मंदिर के पुनर्निर्माण के आदेश दिए

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को ‘इवैक्यू प्रॉपर्टी ट्रस्ट बोर्ड’ (ईपीटीबी) को आदेश दिया कि एक सदी से अधिक पुराने उस हिंदू मंदिर का पुनर्निर्माण प्रारंभ करें, जिसे पिछले हफ्ते खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में भीड़ ने तोड़ दिया था और उसमें आग लगा दी थी। न्यायालय ने कहा कि इस हमले से देश को ‘‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी’’ उठानी पड़ रही है।

‘डॉन’ अखबार ने खबर दी कि उच्चतम न्यायालय ने हमले का संज्ञान लिया था और स्थानीय अधिकारियों को पांच जनवरी को अदालत में पेश होने के आदेश दिए थे। न्यायालय ने बोर्ड को निर्देश दिया कि पाकिस्तान में ऐसे सभी मंदिरों एवं गुरुद्वारों का ब्यौरा अदालत को सौंपे जो चालू या बंद हैं।

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के करक जिले के टेरी गांव में बुधवार को मंदिर पर कट्टरपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी (फजल उर रहमान समूह) के सदस्यों द्वारा हमले की मानवाधिकार समूहों एवं अल्पसंख्यक हिंदू नेताओं ने कड़ी निंदा की है।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश गुलजार अहमद की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने ईपीटीबी को निर्देश दिया कि देश भर के मंदिरों में अतिक्रमण को हटाएं और अतिक्रमण में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें।

न्यायमूर्ति अहमद ने कहा कि करक की घटना ने ‘‘पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदा’’ किया है।

ईपीटीबी एक स्वायत्तशासी बोर्ड है जो विभाजन के बाद भारत चले गए हिंदुओं और सिखों की धार्मिक संपत्तियों और मंदिरों एवं गुरुद्वारों का प्रबंधन करता है।

सुनवाई के दौरान खैबर पख्तूनख्वा के मुख्य सचिव, पुलिस प्रमुख और अल्पसंख्यक अधिकारों के आयोग के प्रमुख डॉ. शोएब सडल भी मौजूद थे।

अखबार ने लिखा कि सडल ने करक जिले में मंदिर का दौरा किया और मामले में विस्तृत रिपोर्ट सोमवार को उच्चतम न्यायालय को सौंपी। उन्होंने अदालत से कहा कि प्रांतीय ईपीटीबी ने ‘‘मंदिर की रक्षा नहीं की।’’ उच्चतम न्यायालय ने अल्पसंख्यक अधिकारों के आयोग के एक सदस्यीय टीम को हमले की जांच करने का आदेश दिया था।

न्यायमूर्ति इजाजुल अहसान ने इसके बाद पुलिस प्रमुख सनाउल्ला अब्बासी से पूछा कि जब मंदिर के पास पुलिस जांच चौकी थी तो हमला कैसे हो सकता है।

न्यायाधीश ने पूछा, ‘‘आपकी खुफिया एजेंसियां कहां थीं?’’

अब्बासी ने अदालत से कहा कि घटना के दिन मंदिर के पास जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल का प्रदर्शन चल रहा था, जो मौलाना फैजुल्लाह द्वारा प्रायोजित था।

पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘‘प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छह उलेमाओं में से केवल मौलाना मोहम्मद शरीफ ने भीड़ को उकसाया।’’

अधिकारी ने अदालत को सूचित किया कि हमले में संलिप्त 109 लोगों को गिरफ्तार किया गया जबकि उस वक्त ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक सहित 92 पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।

मुख्य न्यायाधीश अहमद ने कहा कि ‘‘निलंबन पर्याप्त नहीं है।’’

न्यायाधीश ने ईपीटीबी के अध्यक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें ‘‘सरकार की मानसिकता के साथ अध्यक्ष पद पर नहीं बैठना चाहिए।’’

अदालत ने निर्देश दिया, ‘‘आपके कर्मचारी मंदिरों एवं गुरुद्वारे की जमीन पर व्यवसाय कर रहे हैं। उन्हें गिरफ्तार कीजिए और मंदिर का पुनर्निर्माण शुरू कराइए।’’

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आपको (ईपीटीबी प्रमुख) मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए मौलवी शरीफ और उसके अनुयायियों से धन वसूलना होगा।’’

न्यायमूर्ति अहसन ने टिप्पणी की कि ईपीटीबी के पास ‘‘अपना भवन बनाने के लिए पैसा है लेकिन हिंदुओं के लिए पैसा नहीं है।’’

अखबार के अनुसार पीठ ने निर्देश दिया कि चालू एवं बंद मंदिरों एवं गुरुद्वारों, ईपीटीबी की जमीन पर विवादों के रिकॉर्ड और ईपीटीबी अध्यक्ष के कामकाज को लेकर रिपोर्ट दो हफ्ते के अंदर अदालत को सौंपे जाएं। इसने ईपीटीबी के खैबर पख्तूनख्वा शाखा को निर्देश दिया कि प्रांतीय अल्पसंख्यक आयोग के साथ विचार-विमर्श करें।

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि विस्तृत फैसला बाद में जारी किया जाएगा और मामले में सुनवाई दो हफ्ते के लिए स्थगित कर दी।

सडल ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के लिए चार हिंदू मंदिरों को खोला जाना चाहिए जिसमें परमहंस जी महाराज समाधि (जिस पर करक में हमला हुआ), बलूचिस्तान जिले के लसबेला में स्थित हिंगोल नेशनल पार्क का हिंगलाज माता मंदिर, पंजाब के चकवाल जिले का कटास राज मंदिर और पंजाब के मुल्तान जिले का प्रह्लाद भगत मंदिर शामिल है।

उन्होंने यह भी सुझाव दिए कि इन हिंदू मंदिरों में गुरुद्वारा करतारपुर साहिब की तर्ज पर ठहरने और सुरक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए।

पिछले हफ्ते खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने कहा था कि उनकी सरकार मंदिर का पुनर्निर्माण कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए आदेश जारी कर दिए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दशकों पुराने मंदिर के पुनरूद्धार के लिए स्थानीय अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद हिंदू समुदाय के सदस्यों ने मंदिर परिसर में काम शुरू करवाया जिसके बाद भीड़ ने उस पर हमला कर दिया। भीड़ ने पुराने ढांचे के साथ ही नवनिर्मित ढांचे को भी ढहा दिया।

पाकिस्तान में हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। आधिकारिक अनुमान के मुताबिक पाकिस्तान में 75 लाख हिंदू रहते हैं। बहरहाल, समुदाय के मुताबिक देश में 90 लाख से अधिक हिंदू रह रहे हैं। अधिकतर पाकिस्तानी हिंदू सिंध प्रांत में बसे हुए हैं। वे अकसर चरमपंथियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायतें करते हैं।

 

Pakistan's Supreme Court
hindu temple
Pakistan

Related Stories

पाकिस्तान में बलूच छात्रों पर बढ़ता उत्पीड़न, बार-बार जबरिया अपहरण के विरोध में हुआ प्रदर्शन

पाकिस्तान ने फिर छेड़ा पश्तून का मसला

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

पाकिस्तान में नए प्रधानमंत्री का चयन सोमवार को होगा

कार्टून क्लिक: इमरान को हिन्दुस्तान पसंद है...

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

पाकिस्तान: इमरान की कुर्सी बचाने की अंतिम कवायद, अमेरिका के प्रति अपनाया हमलावर रुख

पाकिस्तान में संकटग्रस्त प्रधानमंत्री इमरान ने कैबिनेट का विशेष सत्र बुलाया

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

पाकिस्तान किस प्रकार से बलूचिस्तान में शांति के लिए पहले-विकास की राह को तलाश सकता है


बाकी खबरें

  • Modi
    राज कुमार
    ‘दमदार’ नेता लोकतंत्र कमजोर करते हैं!
    07 Mar 2022
    हम यहां लोकतंत्र की स्थिति को दमदार नेता के संदर्भ में समझ रहे हैं। सवाल ये उठता है कि क्या दमदार नेता के शासनकाल में देश और लोकतंत्र भी दमदार हुआ है? इसे समझने के लिए हमें वी-डेम संस्थान की लोकतंत्र…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में क़रीब 22 महीने बाद 5 हज़ार से कम नए मामले सामने आए 
    07 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 4,362 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 54 हज़ार 118 हो गयी है।
  • Modi
    सुबोध वर्मा
    ज़्यादातर राज्यों में एक कार्यकाल के बाद गिरता है बीजेपी का वोट शेयर
    07 Mar 2022
    हालांकि 'डबल इंजन' वाली सरकारों को फ़ायदेमंद बताकर प्रचारित किया जाता है, मगर आंकड़े कुछ और ही बताते हैं।
  • New pension scheme
    न्यूज़क्लिक टीम
    New Pension Scheme पर गुस्सा फूटा, महंगाई मारक, मोदी मैजिक नहीं चला
    06 Mar 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने घोसी विधानसभा में अलग-अलग राजनीतिक दलों के समर्थकों से बात की। New Pension Scheme पर नाराजगी फूटी, बासफोर समाज में वंचना की मार, भाजपा को मोदी का भरोसा।
  • communalism
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोधरा, भाजपा और देश में बढ़ती सांप्रदायिकता
    06 Mar 2022
    कुछ ऐसी घटनाएं होती है जो न केवल समाज बल्कि पूरे देश की दिशा बदल देते हैं। उनमें से एक है गोधरा त्रासदी। इतिहास के पन्ने के इस अंक में नीलांजन बात कर रहे हैं उसी घटना की और कैसे गोधरा त्रासदी ने देश…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License