NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान की संसद ने बाल शोषण को लेकर आजीवन कारावास विधेयक पारित किया
विधायिका द्वारा नए कानून के पारित होने पर टिप्पणी करते हुए पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने उम्मीद जताई थी कि ये विधेयक जल्द ही एक कानून बन जाएगा।
पीपल्स डिस्पैच
12 Mar 2020
पाकिस्तान की संसद ने बाल शोषण को लेकर आजीवन कारावास विधेयक पारित किया

पाकिस्तान की संसद ने 11 मार्च को अपना पहला राष्ट्रीय बाल शोषण कानून ज़ैनब अलर्ट बिल पारित किया। इस कानून के तहत बाल शोषण में लिप्त पाए जाने वालों को आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी। यह विधेयक सात साल की बच्ची के जघन्य बलात्कार और हत्या के लगभग दो साल बाद आया है। इसने देश में बाल-शोषण की घटना के मुद्दे को उजागर किया था।

लाहौर के कासुर जिले में ज़ैनब अब्बासी के शव को मलबे से निकाले के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए जिसने आरोपी 24 वर्षीय इमरान अली के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को मजबूर किया। इस आरोपी को बाद में दोषी ठहराया गया और सरकारी अभियोजक एहतिशाम शाह द्वारा सीरियल किलर के रूप में बताया गया।


विधायिका द्वारा नए कानून के पारित होने पर टिप्पणी करते हुए पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने उम्मीद जताई थी कि ये विधेयक जल्द ही एक कानून बन जाएगा।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से उम्मीद है कि वे जल्द ही कानून बनाने के लिए इस पर हस्ताक्षर करेंगे।

बच्चों से जुड़े शोषण के मामले पूरे पाकिस्तान में हैं। लगभग 10 मामले हर दिन सामने आते हैं, जिनमें से कम उम्र की लड़कियां बच्चों से यौन हिंसा करने वालों के हमलों का सबसे ज्यादा शिकार होती हैं। ये नया कानून बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के दो घंटे के भीतर पुलिस को मामला दर्ज करने के लिए बाध्य करता है।

बच्चों के लिए एक सुरक्षित वातावरण के लिए काम करने वाली संस्था और बाल शोषण से जुड़े मामलों के लिए काम करने वाले मानवाधिकार संगठन एसएएचएल द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार: “2007 में बाल शोषण के लगभग 2,321 मामले सामने आए वहीं 2008 में 1838, 2009 में 2012, 2010 में 2252 और 2011 में 2303 बाल शोषण के सामने आए थे।"

इसी तरह 2017 में यह 3445 मामलों के आसपास पाई गई, जबकि सच्चाई बताती है कि 2018 में भी बाल शोषण के मामलों में खतरनाक स्तर पर वृद्धि हुई है जिनमें से अधिकांश मामलों के रिपोर्ट सामाजिक दबावों और पाकिस्तानी समाज की रूढ़िवादी प्रकृति के कारण दर्ज नहीं हुए हैं।

2018 की क्रुएल नंबर की रिपोर्ट से पता चलता है कि 65% बाल शोषण के मामले केवल पाकिस्तान के पंजाब में पाए गए इसके बाद सिंध में 25%, खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में 3%, बलूचिस्तान में 2% और पाकिस्तान प्रशासित जम्मू-कश्मीर में 21 मामले सामने आए।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Pakistan
Pakistan Parliament
Law against Child Exploitation
exploitation on Child
Shireen Mazari

Related Stories

जम्मू-कश्मीर के भीतर आरक्षित सीटों का एक संक्षिप्त इतिहास

पाकिस्तान में बलूच छात्रों पर बढ़ता उत्पीड़न, बार-बार जबरिया अपहरण के विरोध में हुआ प्रदर्शन

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

शहबाज़ शरीफ़ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री निर्वाचित

कार्टून क्लिक: इमरान को हिन्दुस्तान पसंद है...

इमरान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए पाक संसद का सत्र शुरू

पकिस्तान: उच्चतम न्यायालय से झटके के बाद इमरान ने बुलाई कैबिनेट की मीटिंग

पाकिस्तान के राजनीतिक संकट का ख़म्याज़ा समय से पहले चुनाव कराये जाने से कहीं बड़ा होगा

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता के पीछे क्या कारण हैं?


बाकी खबरें

  • समीना खान
    हिजाब बनाम परचम: मजाज़ साहब के नाम खुली चिट्ठी
    12 Apr 2022
    यहां मसला ये है कि आंचल, घूंघट, हिजाब, नक़ाब हो या बिकनी, हमेशा से पगड़ी के फ़ैसले इन सब पर भारी रहे हैं। इसलिए अब हमें आपके नज़रिए में ज़रा सा बदलाव चाहिए। जी! इस बार हमें आंचल भी चाहिए और आज़ादी भी…
  • ज़ाहिद खान
    सफ़दर भविष्य में भी प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे
    12 Apr 2022
    12 अप्रैल, सफ़दर हाशमी जयंती और ‘राष्ट्रीय नुक्कड़ नाटक दिवस’ पर विशेष।
  • jnu
    न्यूज़क्लिक टीम
    ‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र
    11 Apr 2022
    जेएनयू में रविवार को हुई हिंसा के बाद विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र अपना विरोध जताने के लिए दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुँचे जहाँ उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया. छात्रों की बड़ी माँग थी कि पुलिस…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU में अब नॉन वेज को लेकर विवाद? ऐसे बनोगे विश्वगुरु ?
    11 Apr 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा JNU में हुए ABVP द्वारा राम नवमी के दिन मांसाहारी खाना खाने पर छात्रों की पिटाई की खबर पर चर्चा कर रहे हैं और वह भारत में तेज़ी से बढ़ रहे…
  • मुकुंद झा
    जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए
    11 Apr 2022
    घटना के विरोध में दिल्ली भर के छात्र सड़क पर उतरे। छात्र, पुलिस मुख्यालय पर विरोध जताने के लिए एकत्रित हुए परन्तु पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को अस्थायी हिरासत में ले लिया और चाणक्यपुरी, संसद मार्ग…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License