NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीन
फ़िलिस्तीनः एक व्यक्ति की पुलिस द्वारा हत्या के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन
30 मई को इज़रायल की पुलिस द्वारा एक ऑटिस्टिक व्यक्ति ईयाद हल्लाक की हत्या पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए फ़िलिस्तीन और इजरायल के शहरों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए।
पीपल्स डिस्पैच
03 Jun 2020
 Palestine: Protest against the killing of a person by the police

32 वर्षीय ऑटिस्टिक फिलिस्तीनी व्यक्ति ईयाद हल्लाक की पुलिस द्वारा हत्या की निंदा करते हुए 2 जून को क़ब्ज़े वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों के साथ-साथ इज़रायल के भीतर कई विरोध प्रदर्शन किए गए। तेल अवीव, हाइफा, क़ब्ज़़े वाले पूर्वी यरूशलेम के साथ साथ कई छोटे शहरों और कस्बों में इस घृणित हत्या के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हुए।

क़ब्ज़े वाले पूर्वी यरुशलम में इजरायली पुलिस चौकी से भागने के समय शनिवार 30 मई को हल्लाक को मारा गया था। हल्लाक को पुलिस अधिकारियों ने दस से अधिक बार गोली मारी और ख़ून से लथपथ वहीं ज़मीन पर मरने के लिए छोड़ दिया।

प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने "फिलिस्तीनियों की ज़िंदगी मायने रखती है" (पैलेस्टिनियन लाइव्स मैटर) का नारा भी लगाया जो कि अमेरिका में निहत्थे, निर्दोष अफ्रीकी अमेरिकियों की पुलिस हत्याओं के ख़िलाफ़ 'ब्लैक लाइव्स मैटर' (अश्वेत की ज़िंदगी मायने रखती है) के आंदोलन से प्रेरित है। प्रदर्शनकारी अपने हाथों में बैनर और तख्तियां लिए हुए थे जिस पर लिखा था ‘पैलेस्टिनियन लाइव्स मैटर’ और ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’, जस्टिस फॉर ईयाद, जस्टिस फॉर जार्ज’। प्रदर्शनकारी अमेरिका में जारी आंदोलन के साथ अपनी एकजुटता दिखाते हुए ईयाद हल्लाक की स्केच और पोस्टर लिए हुए थे।

हाइफा में प्रदर्शनकारियों ने अन्य फिलिस्तीनियों के नाम वाले बैनर और फोटो लिए हुए थे जो पिछले दिनों इज़रायली पुलिस या सेना द्वारा मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 में इजरायल के सुरक्षा बलों द्वारा कम से कम 132 फिलिस्तीनियों को मार दिया गया था, वर्ष 2018 में यह संख्या 296 थी। 2020 में अब तक लगभग 20 फिलिस्तीनियों को इज़रायली बलों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

इस बीच, ईयाद हल्लाक की हत्या में शामिल एक इज़रायली पुलिस अधिकारी को कल पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया और उसे नज़रबंद कर दिया गया। विचाराधीन पुलिस अधिकारी के कमांडिंग अधिकारी को भी हिरासत से रिहा कर दिया गया था, एक बार फिर इज़रायल के क़ब्ज़े में फिलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ किए गए हिंसक अपराधों से उनके लिए जवाबदेही और न्याय की कमी की ओर इशारा करता है। फिलिस्तीनी एक्टिविस्ट और मानवाधिकार समूहों द्वारा दो पुलिस अधिकारियों की रिहाई की भारी निंदा की गई। उन्होंने इसे क्रूरतम हत्या क़रार देते हुए इस हत्या की जांच की मांग की।


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या
    19 Mar 2022
    कुछ दिनों में यूपी की सत्ता पर बीजेपी की योगी सरकार दूसरी बार काबिज़ होगी। ऐसे में बीते कार्यकाल में 'बेहतर कानून व्यवस्था' के नाम पर सबसे ज्यादा नाकामी का आरोप झेल चुकी बीजेपी के लिए इसे लेकर एक बार…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 
    19 Mar 2022
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी ट्रेड यूनियन जुट गए हैं। देश भर में इन संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठकों का सिलसिला जारी है।
  • रवि कौशल
    पंजाब: शपथ के बाद की वे चुनौतियाँ जिनसे लड़ना नए मुख्यमंत्री के लिए मुश्किल भी और ज़रूरी भी
    19 Mar 2022
    आप के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने बढ़ते क़र्ज़ से लेकर राजस्व-रिसाव को रोकने, रेत खनन माफ़िया पर लगाम कसने और मादक पदार्थो के ख़तरे से निबटने जैसी कई विकट चुनौतियां हैं।
  • संदीपन तालुकदार
    अल्ज़ाइमर बीमारी : कॉग्निटिव डिक्लाइन लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी का प्रमुख संकेतक है
    19 Mar 2022
    आम तौर पर अल्ज़ाइमर बीमारी के मरीज़ों की लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी 3-12 सालों तक रहती है।
  • पीपल्स डिस्पैच
    स्लोवेनिया : स्वास्थ्य कर्मचारी वेतन वृद्धि और समान अधिकारों के लिए कर रहे संघर्ष
    19 Mar 2022
    16 फ़रवरी को स्लोवेनिया के क़रीब 50,000 स्वास्थ्य कर्मचारी काम करने की ख़राब स्थिति, कम वेतन, पुराने नियम और समझौते के उल्लंघन के ख़िलाफ़ हड़ताल पर चले गए थे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License