NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िलिस्तीनी गुटों ने आगामी चुनावों को लेकर एक तंत्र को अंतिम रूप देने के लिए काहिरा में बैठक की
यदि निर्धारित समय के अनुसार चुनाव होते हैं तो क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में ये चुनावों 15 वर्षों में पहला चुनाव होगा। देश में हमास और फतह सहित सभी समूह नतीजों का सम्मान करने और स्वीकार करने के लिए सहमत हुए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
10 Feb 2021
फ़िलिस्तीनी

आगामी चुनावों को लेकर मंगलवार 9 फरवरी को काहिरा में दो दिनों की बैठक के समापन पर सभी फिलिस्तीनी गुटों ने कुछ बुनियादी तंत्र तैयार किए और जनादेश का सम्मान करने और स्वीकार करने का फैसला किया। फिलिस्तीन में चुनाव के अलग-अलग चरण 15 साल के अंतराल के बाद इस साल मई से अगस्त तक निर्धारित की गई हैं।

इस बैठक में फतह और हमास सहित 14 गुटों ने भाग लिया। ये समूह पिछले महीने जारी किए गए राष्ट्रपति के फैसले का पालन करने के लिए सहमत हुए जिसमें क्रमशः 22 मई, 31 जुलाई और 31 अगस्त को विधायी, राष्ट्रपति और फिलिस्तीनी राष्ट्रीय परिषद चुनावों की तारीख का विवरण है। उन्होंने वेस्ट बैंक, गाजा और पूर्वी येरुशेलम के तीनों कब्जे वाले क्षेत्रों में चुनाव कराने का भी फैसला किया।

इन गुटों ने परिणामों और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों से संबंधित विवादों को हल करने के लिए एक विशेष अदालत बनाने पर भी सहमति व्यक्त की। इस अदालत का गठन तीनों अधिकृत क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से किया जाएगा। इन गुटों ने चुनावों के दौरान प्रचार और मतदान के लिए पूरी स्वतंत्रता का पालन करने पर भी सहमति व्यक्त की और अपनी राजनीतिक राय या संबद्धता के आधार पर हिरासत में रह रहे सभी कैदियों को रिहा करने पर सहमति व्यक्त की।

अगर तय कार्यक्रम के अनुसार चुनाव किया जाता है तो पिछले 15 वर्षों में फिलिस्तीन में यह पहला चुनाव होगा। साल 2006 में हुए पिछले चुनाव के परिणाम सभी गुटों द्वारा स्वीकार नहीं किए गए थे। इस विवाद के बाद हमास और फतह ने क्रमशः गाजा और वेस्ट बैंक को नियंत्रित कर लिया।

इन समूहों ने इस पर भी सहमति व्यक्त की कि "वर्दीधारी फिलिस्तीनी पुलिस" को छोड़कर किसी और को चुनाव के दौरान रक्षा करने और मतदान स्थल की रक्षा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने फैसला किया कि राष्ट्रपति महमूद अब्बास इन सभी फैसलों को औपचारिक रूप देने के लिए एक फरमान जारी करेंगे और उनके कार्यान्वयन का पालन करने के लिए एक राष्ट्रीय निगरानी समिति भी बनाएंगे।

कब्जे वाले तीनों फिलिस्तीनी क्षेत्रों में 2.8 मिलियन मतदाता हैं। फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण के पास ओस्लो समझौते के अनुसार इन अधिकृत क्षेत्रों पर नियंत्रण करने की सीमित शक्तियां हैं।

 

Palestine
cairo
Hamas
elections in palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

इज़राइल, फ़लस्तीन के बीच नए सिरे से हिंसा भड़कने की आशंका : संयुक्त राष्ट्र दूत

फ़िलिस्तीनी प्रशासनिक बंदी लोय अल-अश्क़र ने रिहाई पर हुए समझौते के बाद भूख हड़ताल ख़त्म की

फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ़ नई बसाहटों वाले इज़रायलियों द्वारा 451 हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 7,992 नए मामले, 393 मरीज़ों की मौत
    11 Dec 2021
    इसके अलावा देश में अब तक ओमिक्रोन के 32 मामले सामने आ चुके है | जिनमे से 17 मामले महाराष्ट्र से सामने आए हैं|
  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    सिर्फ भारत में ही नहीं, अमेरिका में भी फेल हुए ' आर्थिक सुधार'
    10 Dec 2021
    देश में 3 दशक पहले शुरू हुए आर्थिक सुधारों के चलते अमीर और गरीब के बीच की खाई और गहरी हो गयी है. देश ही नहीं बल्कि दुनिया के अन्य बड़े देशों में भी यही हाल हुआ है। कैसे आर्थिक सुधारों से बढ़ रही है…
  • Bundelkhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    कृषि संकट और नौकरी की कमी से बुंदेलखंड के लोग कर रहे हैं पलायन
    10 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के इस ग्राउंड रिपोर्ट में हमने बुंदेलखंड के प्रवासी मजदूरों से बात की और जानना चाहा कि मजदूरों को आखिर क्यों पलायन करना पड़ रहा है|
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्टः मोदी को झुकाया, जीत की ख़ुशी पर भारी मन से छोड़ रहे बॉर्डर
    10 Dec 2021
    ग्राउंड रिपोर्ट में भाषा सिंह ने टिकरी बॉर्डर के गुलाब बीबी नगर में मनाए गये मानवाधिकार दिवस पर, किसानी के सवाल को बड़े राजनीतिक सवालों से जोड़ने की तैयारी को रेखांकित किया। यहां मानवाधिकार दिवस पर…
  • nagaland
    अजय कुमार
    क्या नागालैंड से AFSPA हटा देना चाहिए?
    10 Dec 2021
    पिछले साठ सालों से अधिक समय से नागालैंड में अफस्पा लगा है, लेकिन अब तक नागालैंड की अशांति खत्म नहीं हुई है। इसका क्या मतलब है?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License