NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीनी मानवाधिकार समूह ने इज़रायली बस्ती से होने वाली बार-बार हिंसा पर यूएन को लिखा
मानवाधिकार समूह ने साल 2013 में पूरा हुए इज़रायली बस्ती को लेकर संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय फैक्ट फाइंडिंग मिशन का हवाला दिया और संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से इसकी सिफारिशों को लागू करने का आह्वान किया।
पीपल्स डिस्पैच
18 Feb 2021
फिलिस्तीनी मानवाधिकार समूह ने इज़रायली बस्ती से होने वाली बार-बार हिंसा पर यूएन को लिखा

फिलिस्तीनी मानवाधिकार समूह अल हक ने यूनाइटेड नेशन्स (यूएन) स्पेशल प्रोसिजर्स से अपील करते हुए लिखा है कि वह कब्जे वाले वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ यित्जर बस्ती से होने वाली इज़रायली बस्ती के लोगों की हिंसा की जांच करे और ऐसे हमलों के खिलाफ कार्रवाई करे। फिलिस्तीन की डब्ल्यूएएफए समाचार एजेंसी 18 फरवरी को ये रिपोर्ट प्रकाशित किया।

अल हक ने लिखा कि इन हमलों में मार-पीट करना, पत्थरबाजी करना, ग्रामीणों पर गोलीबारी करना, कृषि भूमि, पेड़ और कारों को आग के हवाले करना, पेड़ों को उखाड़ना, प्राकृतिक संसाधनों अर्थात भूमि तथा जल को नष्ट करना और लूटना, शांतिपूर्ण सभाओं को कुचलना और हमला करना, संपत्ति और आजीविका के स्रोतों तक पहुंच को रोकना और कार, दीवारों व अन्य फिलिस्तीनी संपत्तियों पर नफरत फैलाने वाली भाषा का स्प्रे-पेंटिंग के जरिए इस्तेमाल करना शामिल है।

मानवाधिकार समूह ने यूएन को इजरायली अवैध यित्ज़र बस्ती के लोगों की ओर से किए गए 10 ऐसे हमलों की सबूतों को पेश किया है जिसमें फिलिस्तीनियों की मौत के आंकड़े, घायलों के आंकड़े और उनकी संपत्तियों के नुकसान का विवरण है जिसका वे वर्षों से शिकार हैं।

इसने संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया कि वह इजरायल पर कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में बस्तियों के अवैध निर्माण और विस्तार पर रोक लगाए। इजरायल इस प्रक्रिया में सैकड़ों फिलिस्तीनियों को विस्थापित करते हुए फिलिस्तीनियों के स्वामित्व वाली भूमि को जब्त करना जारी रखे हुए।

अल हक के अनुसार फिलिस्तीनियों पर इजरायली बस्ती के लोगों द्वारा हमला इजरायली सेना और सुरक्षा बलों की पूरी सुरक्षा में किया जाता है जो कथित तौर पर न केवल फिलीस्तीनियों पर इन लोगों के क्रूर और हिंसक हमलों को लेकर आंखें बंद कर लेते हैं बल्कि कई बार सक्रिय रूप से भाग भी लेते हैं। इतना ही नहीं वे इन हमलों के बाद फिलिस्तीनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं और आरोप लगाते हैं।

मानवाधिकार समूह ने यह भी मांग की कि फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ मानवाधिकारों के उल्लंघन और युद्ध अपराधों के लिए इजरायल पर अंतर्राष्ट्रीय जांच की जाए और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय से फिलिस्तीन में स्थिति की पूर्ण व व्यापक आईसीसी जांच शुरू करने का आग्रह किया।

Palestine
Palestinian human rights
Israel
United nations

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License