NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीन
फ़िलिस्तीनी क़ैदी रुश्दी अबू मोख इज़रायल की हिरासत से 35 साल बाद रिहा
क्रांतिकारी पीएफ़एलपी के सदस्य अबू मोख को 1986 में गिरफ़्तार किया गया था और इज़रायल के क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ विरोध करने को लेकर 1984 में तीन अन्य लोगों के साथ आरोपी बनाया गया था।
पीपल्स डिस्पैच
06 Apr 2021
फ़िलिस्तीनी क़ैदी रुश्दी अबू मोख इज़रायल की हिरासत से 35 साल बाद रिहा

इजरायल के कब्जे के खिलाफ विरोध करने के मामले में 35 साल की सजा काटने के बाद फिलिस्तीनी कैदी रुश्दी अबू मोख को सोमवार 5 अप्रैल को इजरायली जेल से रिहा कर दिया गया।

अबू मोख को 1986 में गिरफ्तार किया गया था और दो साल पहले 1984 में एक इजरायली सैनिक के अपहरण और हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया गया था साथ ही उन पर प्रतिबंधित वामपंथी फिलिस्तीनी राजनीतिक संगठन पॉपुलर फ्रंड फॉर द लिबरेशन ऑफ पैलेस्टाइन (पीएफएलपी) का सदस्य होने का आरोप था। फिलिस्तीनी मामले को लेकर संगठन के विरोध और राजनीतिक कार्य के कारण इज़रायल द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था।

58 वर्षीय अबू मोख को मार्च में रिहा किया जाना था। हालांकि, इजरायली अधिकारियों ने उन्हें 35 साल पहले एक पार्किंग का भुगतान न किए जाने के चलते जुर्माना के तौर पर 12 दिनों के लिए हिरासत में रखा था। दक्षिणी इज़रायल में नेगेव रेगिस्तान में इज़रायली केटिजियोट जेल से सोमवार को रिहा होने के बाद अबू मोख अपने माता-पिता और अपने भाई की कब्रों पर गए जो उनके जेल में बंद होने के दौरान गुजर गए थे।

अबू मोख के जेल में बंद होने के दौरान कई बार इज़रायल को फतह और हमास जैसे फिलिस्तीनी समूहों द्वारा दोनों पक्षों के बीच कैदी के अदला बदली समझौते के मद्देनजर उन्हें रिहा किया जाने के बारे में कहा गया था। इजरायल ने पहले अबू मोख को रिहा करने से इनकार कर दिया था।

अबू मोख को 1986 के मार्च में जब गिरफ्तार किया गया तो उनकी उम्र करीब 23 साल थी। इनके साथ तीन अन्य फिलिस्तीनी नागरिक इब्राहिम अबू मोख, वालिद दक्का और इब्राहिम बियादसे को गिरफ्तार किया गया था। इन पर इजरायल के सैनिक मोशे तमाम की हत्या का आरोप लगाया था। अन्य तीन फिलिस्तीनी नागरिक अभी भी इजरायल की हिरासत में जेल की सजा काट रहे हैं। इनकी रिहाई के बाद सैनिक के परिवार ने मांग की कि इजरायल का आंतरिक मंत्रालय अबू मोख की इजरायली नागरिकता को रद्द करे। ये मांग अवैध है और इसका इजरायल या अंतर्राष्ट्रीय कानून में कोई मिसाल या आधार नहीं है।

फिलिस्तीनी कैदियों के अधिकारों और मानवाधिकार समूहों का अनुमान है कि वर्तमान में इजरायल के अंदर विभिन्न जेलों और हिरासत केंद्रों में लगभग 4400 फिलिस्तीनी हैं जिसमें 18 वर्ष से कम उम्र की 39 महिलाएं और 155 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा इजरायल अवैध, मनमानी 'प्रशासनिक हिरासत आदेश' नीति के तहत करीब 350 फिलिस्तीनियों को हिरासत में रखे हुए है।

Palestine
PFLP
Israel

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • sbi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    DCW का SBI को नोटिस, गर्भवती महिलाओं से संबंधित रोजगार दिशा-निर्देश वापस लेने की मांग
    29 Jan 2022
    एसबीआई ने नयी भर्तियों या पदोन्नत लोगों के लिए अपने नवीनतम मेडिकल फिटनेस दिशानिर्देशों में कहा कि तीन महीने से अधिक अवधि की गर्भवती महिला उम्मीदवारों को ‘‘अस्थायी रूप से अयोग्य’’ माना जाएगा।
  • Yogi
    रश्मि सहगल
    यूपी चुनाव: पिछले 5 साल के वे मुद्दे, जो योगी सरकार को पलट सकते हैं! 
    29 Jan 2022
    यूपी की जनता में इस सरकार का एक अजीब ही डर का माहौल है, लोग डर के मारे खुलकर अपना मत ज़ाहिर नहीं कर रहे हैं लेकिन अंदर ही अंदर एक अलग ही लहर जन्म ले रही है, जो दिखाई नहीं देती। 
  • Pegasus
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    पेगासस मामले में नया खुलासा, सीधे प्रधानमंत्री कठघरे में, कांग्रेस हुई हमलावर
    29 Jan 2022
    अमेरिकी समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की खबर के अनुसार, 2017 में भारत और इजराइल के बीच हुए लगभग दो अरब डॉलर के अत्याधुनिक हथियारों एवं खुफिया उपकरणों के सौदे में पेगासस स्पाईवेयर तथा एक मिसाइल…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: कैसे करेंगे चुनाव प्रचार? जब बागों में ही नहीं है कोई बहार! 
    29 Jan 2022
    बिहार चुनाव होते हैं तो नीतीश बाबू अपने 15 साल के शासन को भुलाकर लालू-राबड़ी की सरकार को कोसते रहते हैं, लेकिन यूपी में किसको कोसेंगे? यहाँ तो उनके ही भाई-बंधुओं की सरकार है।
  • potato farming UP
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: आलू की कीमतों में भारी गिरावट ने उत्तर प्रदेश के किसानों की बढ़ाईं मुश्किलें
    29 Jan 2022
    ख़राब मौसम और फसल की बीमारियों के बावजूद, यूपी की आलू बेल्ट में किसानों ने ऊंचे दामों की चाह में आलू की अच्छी पैदावार की है। हालांकि, मौजूदा खुदाई के मौसम में गिरती कीमतों ने उनकी उम्मीदों पर पानी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License