NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीन
फ़िलिस्तीनी छात्र मेज़ अबू घोष को 15 महीने बाद इज़रायल की जेल से रिहा किया गया
बिरजीत विश्वविद्यालय की 23 वर्षीय छात्रा को इज़रायली सुरक्षा बलों ने वामपंथी समूह से जुड़े छात्र समूह पॉपुलर फ्रंट फॉर द लिबरेशन ऑफ़ पैलेस्टाइन (पीएफएलपी) के सदस्य होने के आरोप में गिरफ़्तार किया था।
पीपल्स डिस्पैच
02 Dec 2020
फ़िलिस्तीनी छात्र

इज़रायल द्वारा एक साल से अधिक समय तक कैद किए गए फिलिस्तीन की पत्रकारिता की छात्रा मैस अबू घोष को सोमवार 30 नवंबर को इजरायल ने रिहा कर दिया। उनकी रिहाई के बाद चौकी के दूसरी तरफ उनके परिवार के सदस्यों, पूर्व की अन्य महिला कैदी और इज़रायल की जेलों में कैद अन्य फिलिस्तीनी राजनीतिक कैदियों के रिश्तेदारों द्वारा द्वारा उनका स्वागत किया गया।

अबू घोष को इजरायल की सैन्य अदालत में सुनवाई के बाद 2000 इजरायली शेकेल (600 डॉलर) का जुर्माना भरने के लिए मजबूर करने के बाद रिहा कर दिया गया। उन पर जो आरोप लगाए गए उनमें दो आरोपों में सजा सुनाई गई।

बिरजीत विश्वविद्यालय के 23 वर्षीय छात्रा को पिछले साल के 29 अगस्त को इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ्तार किया गया था और फिलिस्तीनी छात्र संगठन डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव स्टूडेंट पोल के सदस्य होने का आरोप लगाया गया था। इस छात्र संगठन को इजरायली सैन्य आदेश के तहत प्रमुख वामपंथी मार्क्सवादी फिलिस्तीनी राजनीतिक संगठन पॉप्युलर फ्रंट फॉर द लिबरेशन ऑफ पैलेस्टाइन (पीएफएलपी) से संबंधित होने के कारण प्रतिबंध कर दिया गया था।

किसी सशस्त्र या हिंसक कार्रवाई में शामिल नहीं होने या इस तरह का इसका इतिहास नहीं होने के बावजूद इजरायल के अधिकारियों ने इस छात्र संगठन को 'आतंकवादी समूह' करार दिया है।

लेबनान की राजधानी बेरूत में 2018 में एक सम्मेलन में भाग लेने के बाद अबू घोष की गिरफ्तारी के बाद उन पर इज़रायल के "एक शत्रु के साथ बातचीत" करने का भी आरोप लगाया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद इज़रायली सेनाओं ने उन्हें मोस्कोबीयेह पूछताछ तथा हिरासत केंद्र में रखा जहां कथित तौर पर इजरायल के अधिकारियों द्वारा उनसे बेहद क्रूर और अमानवीय व्यवहार किया गया।

अपनी रिहाई के बाद पत्रकारों को दिए एक बयान में अबू घोष ने कहा कि, “इजरायल जेल प्रशासन महिला कैदियों के स्वास्थ्य की परवाह नहीं करता है, खासकर ठंड के महीनों के दौरान। जेल में कठोर परिस्थितियों के बावजूद महिला कैदियों में साहस काफी अधिक है। पूछताछ और यातना अवधि के दौरान मेरे साथ जो कुछ हुआ उसे मैं सभी से बताना चाहती हूं। न मेरे साथ बल्कि अन्य फिलिस्तीनियों के साथ जो कुछ हुआ है उसे यह जानना है कि जब इजरायल उन्हें गिरफ्तार करता है तो क्या उम्मीद की जाए।"

Palestine
palestinian student
mays abu ghosh

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

इज़राइल, फ़लस्तीन के बीच नए सिरे से हिंसा भड़कने की आशंका : संयुक्त राष्ट्र दूत

फ़िलिस्तीनी प्रशासनिक बंदी लोय अल-अश्क़र ने रिहाई पर हुए समझौते के बाद भूख हड़ताल ख़त्म की

फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ़ नई बसाहटों वाले इज़रायलियों द्वारा 451 हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया


बाकी खबरें

  • yogi
    एम.ओबैद
    सीएम योगी अपने कार्यकाल में हुई हिंसा की घटनाओं को भूल गए!
    05 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में एक बार फिर कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य में दंगा और पलायन कराया है। लेकिन वे अपने कार्यकाल में हुए हिंसा को भूल जाते हैं।
  • Goa election
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनाव: राज्य में क्या है खनन का मुद्दा और ये क्यों महत्वपूर्ण है?
    05 Feb 2022
    गोवा में खनन एक प्रमुख मुद्दा है। सभी पार्टियां कह रही हैं कि अगर वो सत्ता में आती हैं तो माइनिंग शुरु कराएंगे। लेकिन कैसे कराएंगे, इसका ब्लू प्रिंट किसी के पास नहीं है। क्योंकि, खनन सुप्रीम कोर्ट के…
  • ajay mishra teni
    भाषा
    लखीमपुर घटना में मारे गए किसान के बेटे ने टेनी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा जताया
    05 Feb 2022
    जगदीप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने उन्हें लखीमपुर खीरी की धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे 2024 के लोकसभा…
  • up elections
    भाषा
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहला चरण: 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े
    05 Feb 2022
    239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    "चुनाव से पहले की अंदरूनी लड़ाई से कांग्रेस को नुकसान" - राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह
    05 Feb 2022
    पंजाब में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करना राहुल गाँधी का गलत राजनीतिक निर्णय था। न्यूज़क्लिक के साथ एक खास बातचीत में राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह ने कहा कि अब तक जो मुकाबला…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License