NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
गाज़ा में जारी इज़रायली हमले के विरोध में फ़िलीस्तीनियों ने मंगलवार को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया
मंगलवार को इज़रायल की ओर से किया जा रहा हमला नौवें दिन में प्रवेश कर गया। क़ब्ज़े वाले गाज़ा में क़रीब 61 बच्चों के साथ 212 लोगों की मौत हो गई। इन हमलों में अन्य 1,500 फ़िलिस्तीनी नागरिक घायल हुए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
18 May 2021
गाज़ा में जारी इज़रायली हमले के विरोध में फ़िलीस्तीनियों ने मंगलवार को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया

फिलीस्तीनियों ने मंगलवार 18 मई को गाजा में जारी इजरायली हमले के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। कब्जे वाले सभी क्षेत्रों और इजरायल के फिलिस्तीनी एक कार्रवाई दिवस मनाएंगे जिसके चलते दिन भर सभी गतिविधियां पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी।

राष्ट्रीय हड़ताल का आह्वान आम फिलीस्तीनियों द्वारा सोशल मीडिया पर किया गया था और बाद में सभी राजनीतिक दलों, नागरिक समाज समूहों और यूनियनों द्वारा समर्थन दिया गया। इज़रायल के अरब नागरिकों की हाई फॉलो अप कमेटी, फ़तह सेंट्रल कमेटी, कब्जे वाले सीरियाई गोलन हाइट्स के लोगों ने भी इस हड़ताल को अपना दिया है।

गाजा के भीतर 10 मई से शुरू हुआ इजरायल का निरंतर हवाई हमला मंगलवार सुबह तक जारी रहा। इन हमलों में अब तक 61 बच्चों सहित करीब 212 लोग मारे गए हैं और 1,500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

ये हड़ताल कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम के शेख जर्राह के निवासियों को बेदखल करने के इजरायल के प्रयासों और अल-अक्सा परिसर पर इसके हालिया हमलों के विरोध में है जिसमें सैकड़ों फिलिस्तीनी घायल हुए थे।

इज़रायली अदालतों ने शेखा जर्राह इलाके के निवासियों को उनके घरों से बेदखल करने का आदेश दिया है क्योंकि इज़रायल उस जगह पर एक अवैध यहूदी बस्ती बनाना चाहता है। बेदखली का विरोध कर रहे फिलिस्तीनियों पर इस महीने की शुरुआत में एक सप्ताह के भीतर अल-अक्सा मस्जिद के अंदर इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा हमला किया गया, जिसके बाद हमास ने विरोध में इजरायल के अंदर रॉकेट दागे। इजरायल ने तब से नागरिक आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए घनी आबादी वाले गाजा पट्टी के अंदर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं।

सोमवार 17 मई को इजरायली हवाई हमले के चलते क्षतिग्रस्त हुआ गाजा का मुख्य COVID-19 प्रयोगशाला काम करना बंद कर दिया। इस हमले में एक अनाथालय, एक महिला हाई स्कूल और फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय का कार्यालय भी नष्ट हो गया।

इजरायल की जेल में बंद फ़िलिस्तीनियों ने भी इस राष्ट्रीय हड़ताल के आह्वान का समर्थन किया है। कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों ने भी फिलिस्तीन के हड़ताल के साथ एकजुटता का आह्वान किया है।

Israel
Palestine
Gaza strip
Gaza
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप


बाकी खबरें

  • भाषा
    किसी को भी कोविड-19 टीकाकरण कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता : न्यायालय
    02 May 2022
    पीठ ने कहा, “संख्या कम होने तक, हम सुझाव देते हैं कि संबंधित आदेशों का पालन किया जाए और टीकाकरण नहीं करवाने वाले व्यक्तियों के सार्वजनिक स्थानों में जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाए। यदि पहले से…
  • नाइश हसन
    कितने मसलक… कितनी टोपियां...!
    02 May 2022
    सुन्नी जमात हैं तो गोल टोपी... बरेलवी से हैं तो हरी टोपी...., अज़मेरी हैं तो ख़ादिम वाली टोपी.... जमाती होे तो जाली वाली टोपी..... आला हज़रत के मुरीद हों तो लम्बी टोपी। कौन सी टोपी चाहती हैं आप?
  • शिरीष खरे
    कोरोना महामारी अनुभव: प्राइवेट अस्पताल की मुनाफ़ाखोरी पर अंकुश कब?
    02 May 2022
    महाराष्ट्र राज्य के ग़ैर-सरकारी समूहों द्वारा प्रशासनिक स्तर पर अब बड़ी तादाद में शिकायतें कोरोना उपचार के लिए अतिरिक्त खर्च का आरोप लगाते हुए दर्ज कराई गई हैं। एक नजर उन प्रकरणों पर जहां कोरोनाकाल…
  • सुबोध वर्मा
    पेट्रोल/डीज़ल की बढ़ती क़ीमतें : इस कमर तोड़ महंगाई के लिए कौन है ज़िम्मेदार?
    02 May 2022
    केंद्र सरकार ने पिछले आठ वर्षों में सभी राज्य सरकारों द्वारा करों के माध्यम से कमाए गए 14 लाख करोड़ रुपये की तुलना में केवल उत्पाद शुल्क से ही 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है।
  • ज़ाहिद खान
    सत्यजित रे : सिनेमा के ग्रेट मास्टर
    02 May 2022
    2 मई, 1921 को कोलकाता में जन्मे सत्यजित रे सिनेमा ही नहीं कला की तमाम विधाओं में निपुण थे। उनकी जयंती पर पढ़िये यह विशेष लेख।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License