NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीन
रामल्ला में पीए सुरक्षा बलों द्वारा एक्टिविस्ट निज़ार की 40 दिन पहले कर दी थी हत्या, फ़िलिस्तीनियों का प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने बनात के लिए न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी की और पीए के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से इस्तीफा देने और पीए को भंग करने की भी मांग की।
पीपल्स डिस्पैच
04 Aug 2021
रामल्ला में पीए सुरक्षा बलों

फिलीस्तीनी अथॉरिटी (पीए) के सुरक्षा बलों ने फिलीस्तीनी एक्टिविस्ट निजार बनात की 40 दिन पहले क्रूर तरीके से हत्या कर दी थी। सैकड़ों फिलिस्तीनियों ने 3 अगस्त को कब्जे वाले वेस्ट बैंक में स्थित रामल्ला में प्रदर्शनों में भाग लिया। प्रसिद्ध फिलीस्तीनी राजनीतिक और सामाजिक एक्टिविस्ट की इस साल 24 जून को बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में तब मौत हो गई थी जब पीए सैनिकों ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में हेब्रोन शहर में उनके घर पर रात के समय में हिंसक छापेमारी की और उन्हें बेरहमी से पीटा और उनके कपड़े उतार लिए।

पीए सुरक्षा बलों ने बाद में उन्हें एक सैन्य वाहन में घसीट कर रखा और उनकी गिरफ्तारी का कोई कारण बताए बिना या जहां वे उन्हें ले जा रहे थे उसे बताए बिना उन्हें ले गए। पीए अधिकारियों ने बाद में कहा की कि अचानक और तेजी से बनात की सेहत खराब होने के बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। अगले कुछ दिनों में व्यापक पीए-विरोधी प्रदर्शन के बाद पीए ने बनात की हत्या और परिवार के सदस्यों द्वारा पीए सुरक्षा बलों के खिलाफ आरोपों की जांच का आदेश दिया।

बुधवार को ये प्रदर्शनकारी अरबी में लिखे बैनरों के साथ बनत की तस्वीरें भी लिए हुए थे, साथ ही पीए के खिलाफ और पीए राष्ट्रपति महमूद अब्बास के खिलाफ नारे भी लगाए। वे अब्बास से इस्तीफा देने का आह्वान करते हुए "अब्बास, अथॉरिटी भंग करो और बाहर जाओ" के नारे लगाए। इजरायल के साथ पैलेस्टिनियन अथॉरिटी के सुरक्षा सहयोग की उन्होंने निंदा की और उन पर इजरायल के कब्जे से लड़ने वाले फिलिस्तीनियों का "पीछा करने और बर्बाद करने" में शामिल होने का आरोप लगाया।

शेख जर्राह जबरन बेदखली मामले में हाल के घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए इन प्रदर्शनकारियों ने पूर्वी येरुशेलम इलाके के फिलीस्तीनी निवासियों को अपने घरों और जमीनों की रक्षा करने और इजरायली यहूदी सेटलर्स को अपनी संपत्ति सरेंडर करने के लिए उन्हें डराने के लिए उनके खिलाफ बेहद पक्षपाती और नस्लवादी इजरायली न्याय प्रणाली के साथ साथ पूरी ताकत के साथ हिंसक और निरंतर इजरायली हमले को रोकने के लिए सराहना की। साधारण कपड़ों में पीए सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों का सामना किया और उनसे भिड़ गए और उनमें से कई को गिरफ्तार करने की कोशिश की लेकिन वे गिरफ्तारी से बचने में सफल रहे।

बनात की निर्मम हत्या के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पीए इस मामले में जांच के निष्कर्षों का खुलासा करे।

Palestine
Israel
Palestinian Authority

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • शशि शेखर
    कांग्रेस का कार्ड, अखिलेश की तस्वीर, लेकिन लाभार्थी सिर्फ़ भाजपा के साथ?
    23 Mar 2022
    मोदी सरकार ने जिस राशन को गरीबों के लिए फ्री किया है, वह राशन पहले से लगभग न के बराबर मूल्य पर गरीबों को मिल रहा था। तो क्या वजह रही कि लाभार्थी समूह सिर्फ़ भाजपा के साथ गया।
  • bhagat singh
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    हमें ये शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है
    23 Mar 2022
    आज शहीद दिवस है। आज़ादी के मतवाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान का दिन। आज ही के दिन 23 मार्च 1931 को इन तीनों क्रांतिकारियों को अंग्रेज़ सरकार ने फांसी दी थी। इन क्रांतिकारियोें को याद करते…
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़
    23 Mar 2022
    देश के पहले प्रधानमंत्री ने सांप्रदायिक भावनाओं को शांत करने का काम किया था जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री धार्मिक नफ़रत को भड़का रहे हैं।
  • Mathura
    मौहम्मद अली, शिवानी
    मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर
    23 Mar 2022
    मथुरा के जैंत क्षेत्र में कुछ हिंदुत्ववादियों ने एक टैंपो चालक को गोवंश का मांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा। इसके अलावा मनोहरपुरा सेल्टर हाउस इलाके में आए दिन काफ़ी लोग बड़ी तादाद में इकट्ठा…
  • toffee
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: विषाक्त टॉफी खाने से चार बच्चों की मौत
    23 Mar 2022
    ग्रामीणों के मुताबिक टॉफी के रैपर पर बैठने वाली मक्खियों की भी मौत हो गई। एक टॉफी सुरक्षित रखी गई है। पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License