NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पश्तून तहाफ़ुज़ मूवमेंट ने अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध के ख़िलाफ़ केपीके में लंबी रैली निकाली
रैली में वक्ताओं ने कहा कि "इस क्षेत्र में छद्म युद्ध तुरंत समाप्त होना चाहिए" और हस्तक्षेप करने वाले देशों को अफ़ग़ान राष्ट्र की इच्छाओं का सम्मान करना चाहिए और लंबे युद्ध को तुरंत समाप्त करना चाहिए।
पीपल्स डिस्पैच
28 Jul 2021
पश्तून तहाफ़ुज़ मूवमेंट

27 जुलाई को पश्तून तहफुज मूवमेंट (पीटीएम) के बैनर तले खैबर पख्तूनखा के दक्षिण वजीरिस्तान में बड़ी संख्या में पश्तून समाज के लोग इकट्ठा हुए। वजीरिस्तान के मकिन इलाके में इकट्ठा हुए हजारों प्रदर्शनकारियों ने "अफगानिस्तान के लोगों के खिलाफ अघोषित युद्ध" और पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में हत्याओं का विरोध किया।

इस रैली के आयोजकों ने कहा कि अफगानिस्तान युद्ध और बाद की हिंसा के पीड़ितों के साथ "एकजुटता में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया गया"और राजनीतिक उथल-पुथल ने सीमावर्ती उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में युद्ध की स्थिति पैदा कर दी।

अफगान शांति के लिए एकत्र इस सभा को "हाल के दिनों में सबसे बड़ी" सभा करार दिया गया। रैली को संबोधित करने वालों ने दावा किया कि "इस क्षेत्र में छद्म युद्ध तुरंत समाप्त होना चाहिए" और हस्तक्षेप करने वाले देशों को अफगान राष्ट्र की इच्छाओं का सम्मान करना चाहिए और उस लंबे युद्ध को तुरंत समाप्त करना चाहिए जिसने पूरे देश को वर्षों से तबाही और मानवीय संकट पैदा कर तबाह दिया है।

पीटीएम पश्तून के अधिकारों के लिए लड़ने वाला एक नागरिक संगठन है जिसका नेतृत्व मंज़ूर पश्तीन, मोहसिन दावर, अली वज़ीर सहित कई प्रमुख नेता करते हैं जो 2019 से गिरफ़्तार हैं।

पिछले कई वर्षों से पीटीएम पाकिस्तान की हाशिए पर रहने वाले पश्तून लोगों की किए गए न्यायेतर हत्याओं, जबरन गुम होने और अन्य अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान चला रहा है।

एक्टिविस्ट द्वारा पूर्व आदिवासी क्षेत्रों से विस्फोटक खदान हटाने और देश के उत्तर-पश्चिमी पट्टी के लिए अधिक स्वायत्तता की कानूनी मांग के बाद इस आंदोलन को गति मिली।

पीटीएम नेता मंजूर पश्तीन ने जोर देकर कहा कि पश्तून समुदाय पाकिस्तानी सेना को अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा: "हमारा संदेश स्पष्ट है, हम अब अपनी जमीन पर किसी भी युद्ध नीति को स्वीकार नहीं करते हैं। अफगानिस्तान में पाकिस्तान के नकारात्मक हस्तक्षेप को रोकना चाहिए।"

मंजूर ने आगे कहा, “अफगानिस्तान में इस्लाम को लागू करने के लिए शक्ति का उपयोग सही है और पाकिस्तान में इस्लाम को लागू करने के लिए शक्ति का इस्तेमाल गलत है। क्या इस्लाम दोनों देशों के लिए अलग है?”

pashtoon tahafuz movement
Afghanistan
anti war rally

Related Stories

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?

अफ़ग़ानिस्तान हो या यूक्रेन, युद्ध से क्या हासिल है अमेरिका को

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?

सीमांत गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष: सभी रूढ़िवादिता को तोड़ती उनकी दिलेरी की याद में 

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की

पाकिस्तान को मिला अफ़ग़ानिस्तान से झटका


बाकी खबरें

  • CDSCO
    भाषा
    CDSCO ने कोवोवैक्स, कोर्बेवैक्स और मोलनुपिराविर के आपात इस्तेमाल को स्वीकृति दी
    28 Dec 2021
    सीडीएससीओ की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने ‘कोवोवैक्स’ और ‘कोर्बेवैक्स’ को कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति देने की सिफारिश की है। कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ (…
  • sunil
    भाषा
    पेले से आगे निकले छेत्री, भारत ने आठवां सैफ ख़िताब जीता, महिला टीम भी चमकी
    28 Dec 2021
    भारतीय फुटबॉल को वर्ष 2021 में कोई बड़ी सफलता नहीं मिली । पचास और साठ के दशक का अपना खोया गौरव लौटाने की कोशिश में जुटी टीम उस पल का इंतजार ही करती रही जो देश में इस खेल की दशा और दिशा बदल सके।
  • UP Elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: किसानों की आय दोगुनी होने का टूटता वादा, आत्महत्या का सिलसिला जारी
    28 Dec 2021
    बुंदेलखंड के बाँदा ज़िले में युवा किसान राम रुचि और प्रमोद पटेल ने इसी साल क़र्ज़ के दबाव में आत्महत्या कर ली। न्यूज़क्लिक ने दोनों परिवारों से मिल कर बात की और जानने की कोशिश की कि सरकार का किसानों…
  • officers of Edu dept eating MDM with students
    राजेश डोबरियाल
    उत्तराखंड: 'अपने हक़ की' लड़ाई अंजाम तक पहुंचाने को तैयार हैं दलित भोजन माता सुनीता देवी
    28 Dec 2021
    “...चूंकि क्रिसमस की बैठक में सभी पक्ष अभी क्षेत्र का माहौल सौहार्दपूर्ण बनाए रखने पर सहमत हुए हैं इसलिए वे जांच कमेटी की रिपोर्ट आने का इंतज़ार कर रहे हैं। नियमानुसार तो सुनीता देवी की ही भोजनमाता…
  • UP Election 2022
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव 2022: बेरोज़गार युवा इस चुनाव में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं
    28 Dec 2021
    मोदी-योगी से नाउम्मीद युवाओं को विपक्ष से चाहिए रोजगार का भरोसा
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License