NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
पटनाः बेघरों को ज़मीन व आवास देने की मांग को लेकर ज़िला पदाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन
सीपीआईएम ने पार्टी के ज़िला सचिव मनोज कुमार चंद्रवंशी के साथ मजिस्ट्रेट द्वारा धक्का मुक्की कर गिरफ्तार करने के प्रयास की निंदा की और मजिस्ट्रेट पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
23 Feb 2021
पटना

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (सीपीआई-एम) ने बेघरों को जमीन व आवास देने, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार की गारंटी सहित अन्य मांगों को लेकर पटना पदाधिकारी कार्यालय के सामने सोमवार को प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। स्थानीय नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान तैनात मजिस्ट्रेट ने जिला सचिव मनोज कुमार चंद्रवंशी पर पुलिस प्रशासन के सहयोग से धक्का मुक्की की और गिरफ्तार करने का प्रयास किया लेकिन जनता के दवाब में प्रशासन उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सके।

बाद में प्रशासन ने पार्टी के अधिकारियों व कार्यकर्ताओं के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को एडीएम से मिलने की अनुमति दी। इस प्रतिनिधिमंडल में सरिता पांडेय, शंकर साह, कमली देवी, राजाराम, इंदु देवी शामिल थीं।

सीपीआईएम के जिला सचिव मनोज कुमार चंद्रवंशी ने बताया का जमीन व आवास की मांग समेत अन्य मांगों को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बिहार की राजधानी पटना स्थित बुद्ध स्मारक पार्क से जुलूस निकाला जो डाक बंगला चौक होते हुए छज्जू बाग स्थित जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय तक गया। यहां जुलूस में शामिल लोगों ने प्रदर्शन किया।

मनोज कुमार ने कहा कि "पटना में स्मार्ट सिटी के नाम पर गरीबों को बेघर किया जा रहा है। झुग्गी झोपड़ी को उजाड़ कर गरीब लोगों को भगाया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना हो या अन्य कोई योजना हो इसके तहत मिलने वाली ज़्यादातर राशि सरकारी पदाधिकारी और दलालों के बीच बंट जाती है। सरकारी योजनाओं का लाभ गरीबों को नहीं मिल रहा है। प्रशासन बलपूर्वक का गरीबों के हक में हो रहे आंदोलन को दबाना चाहती हैं।" 

उन्होंने कहा कि आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

पार्टी ने जिला सचिव मनोज कुमार चंद्रवंशी से बदसूलकी करने वाले मजिस्ट्रेट को बर्खास्त करने की मांग की है।

Bihar
CPIM
Homeless People
landless poor
Manoj Kumar

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License