NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पेगासस मामला: विस्तृत हलफनामा देने से केंद्र का इंकार, कोर्ट ने कहा- जारी करेंगे अंतरिम आदेश
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वो अदालत में विस्तृत हलफनामा पेश नहीं करना चाहती। सरकार ने किसी विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है या नहीं, यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं है।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
13 Sep 2021
पेगासस मामला: विस्तृत हलफनामा देने से केंद्र का इंकार, कोर्ट ने कहा- जारी करेंगे अंतरिम आदेश

पेगासस का मामला केंद्र सरकार के गले की फांस बनती नजर आ रही है, इस फंदे से बाहर निकलने के लिए केंद्र ने अब नया दाव खेला है, मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि उसके पास पेगासस के बारे में बताने के लिए अधिक कुछ नहीं है, जो कुछ था जो पहले हलफनामें में बता ही दिया है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वो अदालत में विस्तृत हलफनामा पेश नहीं करना चाहती। सरकार ने किसी विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है या नहीं, यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं है। दूसरी तरफ अदालत ने भी कह दिया है कि वो अंतरिम आदेश पारित करेगी।

मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की बेंच ने केंद्र की तरफ से आए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, ‘‘हम आदेश सुरक्षित रख रहे हैं। अंतरिम आदेश दिया जाएगा जिसमें दो से तीन दिन का वक्त लगेगा। यदि आप इस बारे में पुन: विचार करते हैं तो मामले का उल्लेख हमारे समक्ष कर सकते हैं।’’

कोर्ट ने कहा ‘‘आप बार-बार कह रहे हैं कि सरकार हलफनामा दायर नहीं करना चाहती। हम भी नहीं चाहते कि सुरक्षा संबंधी कोई मुद्दे हमारे समक्ष रखे जाएं। आपने कहा कि एक समिति बनाई जाएगी और रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। हमें तो पूरे मुद्दे को देखना है और अंतरिम आदेश देना है।’’

दूसरी तरफ केंद्र ने अदालत से कहा कि वह विस्तृत हलफनामा दायर नहीं करना चाहता। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा ''सरकार ने किसी विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है या नहीं, यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं है। ये राष्ट्रहित में नहीं होगा। विशेषज्ञों की समिति की रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष पेश की जाएगी।''

तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और यही वजह है कि उसने अपनी ओर से कहा है कि आरोपों की जांच के लिए वह क्षेत्र के विशेषज्ञों की समिति का गठन करेगा। इस पर, पीठ ने दोबारा से स्पष्ट किया कि वे भी नहीं चाहते कि सरकार ऐसी कोई भी जानकारी का खुलासा करे जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ती हो।

आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सात सितंबर को पेगासस मामले की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र को अपना जवाब दाखिल करने के लिए कुछ और समय प्रदान किया था और कहा था कि इस मामले में न्यायालय अब 13 सितंबर को सुनवाई करेगा। उस समय सरकार की तरफ से आए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा था कि कुछ वजहों से वे दूसरा हलफनामा दायर करने के संबंध में संबंधित अधिकारियों से नहीं मिल सके थे इसलिए मामले को बृहस्पतिवार या सोमवार को सूचीबद्ध कर दिया जाए।

इससे पहले केंद्र ने, कोर्ट में एक संक्षिप्त हलफनामा दायर किया था और कहा था कि पेगासस जासूसी अरोपों में स्वतंत्र जांच के अनुरोध वाली याचिकाएं ‘‘अप्रमाणित मीडिया रिपोर्टों या अधूरी या अपुष्ट सामग्री’’ पर आधारित हैं। केंद्र ने कहा था कि इस संबंध में संसद में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। केंद्र ने कहा कि कुछ निहित स्वार्थों के तहत फैलाई गई किसी भी गलत धारणा को दूर करने और उठाए गए मुद्दों की जांच करने के लिए सरकार विशेषज्ञों की एक समिति का गठन करेगी।

शीर्ष अदालत ने इस मामले में 17 अगस्त को केन्द्र को नोटिस जारी करते हुए कहा था कि वह नही चाहती कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित किसी जानकारी का खुलासा करे। न्यायालय ने केन्द्र से सवाल किया था कि इस मुद्दे पर अगर सक्षम प्राधिकारी उसके समक्ष हलफनामा दाखिल करते हैं तो इसमें क्या समस्या है।

समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ

Pegasus
Supreme Court
BJP
Modi Govt

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट


बाकी खबरें

  • jammu and kashmir
    अजय सिंह
    मुद्दा: कश्मीर में लाशों की गिनती जारी है
    13 Jan 2022
    वर्ष 2020 और वर्ष 2021 में सेना ने, अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर 197 मुठभेड़ अभियानों को अंजाम दिया। इनमें 400 से ज्यादा कश्मीरी नौजवान मारे गये।
  • Tilka Majhi
    जीतेंद्र मीना
    आज़ादी का पहला नायक आदिविद्रोही– तिलका मांझी
    13 Jan 2022
    ब्रिटिश साम्राज्य की स्थापना के बाद प्रथम प्रतिरोध के रूप में पहाड़िया आदिवासियों का यह उलगुलान राजमहल की पहाड़ियों और संथाल परगना में 1771 से लेकर 1791 तक ब्रिटिश हुकूमत, महाजन, जमींदार, जोतदार और…
  • marital rape
    सोनिया यादव
    मैरिटल रेप को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, क्या अब ख़त्म होगा महिलाओं का संघर्ष?
    13 Jan 2022
    गैर-सरकारी संगठनों द्वारा दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि मैरिटल रेप के लिए भी सज़ा मिलनी चाहिए। विवाहिता हो या नहीं, हर महिला को असहमति से बनाए जाने वाले यौन संबंध को न कहने का हक़…
  • muslim women
    अनिल सिन्हा
    मुस्लिम महिलाओं की नीलामीः सिर्फ क़ानून से नहीं निकलेगा हल, बडे़ राजनीतिक संघर्ष की ज़रूरत हैं
    13 Jan 2022
    बुल्ली और सुल्ली डील का निशाना बनी औरतों की जितनी गहरी जानकारी इन अपराधियों के पास है, उससे यह साफ हो जाता है कि यह किसी अकेले व्यक्ति या छोटे समूह का काम नहीं है। कुछ लोगों को लगता है कि सख्त कानूनी…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी चुनाव 2022: बीजेपी में भगदड़ ,3 दिन में हुए सात इस्तीफ़े
    13 Jan 2022
    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि रोजाना राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार के एक-दो मंत्री इस्तीफा देंगे और 20 जनवरी तक यह…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License