NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पेगासस मामला : न्यायालय स्वतंत्र जांच का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर अगले हफ्ते सुनाएगा फैसला
पीठ ने कहा, ‘‘हम अगले सप्ताह तक तकनीकी विशेषज्ञ दल के सदस्यों के नाम तय कर पाएंगे और फिर अपना आदेश देंगे।’’
भाषा
23 Sep 2021
SC

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को मौखिक रूप से कहा कि वह पेगासस जासूसी प्रकरण की जांच के लिए एक तकनीकी विशेषज्ञ समिति गठित करेगा और इस मामले की स्वतंत्र जांच का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर अगले हफ्ते अंतरिम आदेश पारित करेगा।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आदेश अगले हफ्ते पारित किया जाएगा।

पीठ ने कहा, ‘‘हम अगले सप्ताह तक तकनीकी विशेषज्ञ दल के सदस्यों के नाम तय कर पाएंगे और फिर अपना आदेश देंगे।’’

ये टिप्पणियां महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्र ने फोन की कथित जासूसी की शिकायतों की जांच करने के लिए खुद विशेषज्ञ समिति गठित करने की पेशकश की थी।

न्यायालय ने 13 सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा था कि वह केवल यह जानना चाहता है कि केंद्र ने नागरिकों की कथित तौर पर जासूसी करने के लिए गैरकानूनी तरीकों से पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया या नहीं।

केंद्र ने जासूसी विवाद की स्वतंत्र जांच के लिए दायर याचिकाओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए विस्तृत हलफनामा दाखिल करने से दृढ़तापूर्वक इनकार कर दिया था।

स्वतंत्र जांच का अनुरोध करने वाली याचिकाएं उन खबरों से संबंधित हैं जिसमें सरकारी एजेंसियों पर कुछ प्रतिष्ठित नागरिकों, नेताओं और पत्रकारों की इजराइली कंपनी एनएसओ के जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस का इस्तेमाल कर जासूसी करने का आरोप है।

एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने खबर दी थी कि पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हुए जासूसी की संभावित सूची में 300 से अधिक पुष्ट भारतीय मोबाइल फोन नंबर थे।

Supreme Court
Pegasus
Spyware Pegasus

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • India State of Forest Report 2021
    सत्यम श्रीवास्तव
    भारत में वनों की स्थिति पर भारतीय वन सर्वेक्षण की 2021 की रिपोर्ट: आंकड़ों पर एक नज़र 
    14 Jan 2022
    देश के प्राकृतिक जंगलों का घनत्व और दायरा सिमटा जबकि प्लांटेशन और कृत्रिम हरियाली का मामूली विस्तार हुआ 
  • up vidhansabha
    रवि शंकर दुबे
    आज़ादी से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश ने दिए 21 मुख्यमंत्री, 10 बार लगा राष्ट्रपति शासन
    14 Jan 2022
    यूपी की राजनीति हर वक़्त दिलचस्प रही है, यहां होने वाले उतार-चढ़ाव हर दिन नई कहानियां गढ़ते हैं, ऐसे में उत्तर प्रदेश की राजनीतिक कब और किस मुख्यमंत्री के हाथ में रही, विस्तार से देखिए।
  • Kamal Khan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कमाल ख़ान का निधन : ख़ामोश हो गई पत्रकारिता जगत की बेबाक और मधुर आवाज़
    14 Jan 2022
    न्यूज़क्लिक कमाल ख़ान के अचानक हुए निधन पर दुख व्यक्त करता है और उनके परिवार और तमाम चाहने वालों के प्रति अपनी संवेदनाएँ ज़ाहिर करता है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2.64 लाख नए मामले, ओमीक्रॉन के मामले बढ़कर 5,753 हुए  
    14 Jan 2022
    महाराष्ट्र में आज फिर 46 हज़ार से ज़्यादा नए मामले सामने आए हैं, वहीं दिल्ली में कोरोना के अब तक के रिकार्ड 28,867 नए मामले दर्ज किए गए हैं।
  • poverty
    अजय कुमार
    खुदरा महंगाई दर में रिकॉर्ड उछाल से आम लोगों पर महंगाई की मार पिछले 6 महीने में सबसे ज़्यादा
    14 Jan 2022
    महंगाई की मार लगातार पड़ती आ रही है। लेकिन फिर भी यह चर्चा के केंद्र में इसलिए नहीं उभरती, क्योंकि महंगाई की मार वह वर्ग नहीं सहन करता जो टीवी पर नियंत्रण रखता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License