NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
ट्रम्प और फ्लोरिडा बीच पर इकट्ठे हुए लोग देश में ‘‘सबसे मूर्ख’’
अमेरिकी मीडिया सलाहकार ने ‘अप्रैल फूल डे’ पर किया गया एक सर्वेक्षण जारी किया, जिसमें जनता ने दोनों की कड़ी आलोचना की।
एएफपी
02 Apr 2020
ट्रम्प और फ्लोरिडा बीच

लॉस एंजिलिस: वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने के तरीकों में चूक के चलते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और लॉकडाउन को तोड़ फ्लोरिडा में बीच पर इकट्ठे हुए अमेरिकी छात्रों को लोगों ने देश का ‘‘सबसे बड़ा मूर्ख’’ माना है।

कोरोनो वायरस के संक्रमण के खतरे को नजरअंदाज कर बीच पर सैर सपाटा करते कई हजार लोगों की तस्वीरें पिछले महीने सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं थी, जिसकी कड़ी आलोचना हुई थी।

वहीं कोविड-19 से निपटने के तरीकों, जांच में देरी और जल्दबाजी में ईस्टर पर देश को खोलने के फैसले को वापस लेने के लिए ट्रम्प की भी काफी आलोचना हो रही है।

अमेरिकी मीडिया सलाहकार ने ‘अप्रैल फूल डे’ पर किया गया एक सर्वेक्षण जारी किया, जिसमें जनता ने दोनों की कड़ी आलोचना की।

सर्वेक्षण में 1000 से अधिक अमेरिकियों को 25 से 27 मार्च के बीच फोन किया गया, जिनमें से 51 प्रतिशत लोगों ने ट्रम्प के मूर्खतापूर्ण तरीके से पेश आने की बात मानी, जबकि 50 प्रतिशत लोगों की यही राय मियामी में इकट्ठी हुई भीड़ को लेकर भी थी।

सर्वेक्षण के आयोजक जेफ बार्ज ने दोनों की करीबी टक्कर देखते हुए इसे ‘टाई’ (बराबर) घोषित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण केवल ‘‘मजाक में किया गया’’।

इस सर्वे में अन्य नेताओं को भी शामिल किया गया जिनमें नेंसी पेलोसी, जो बाइडेन और रैंड पॉल शामिल हैं। पॉल पहले अमेरिकी सीनेटर हैं जो कोरोना से संक्रमित पाए गए थे और उन्होंने आपात स्थिति में इस महामारी पर नियंत्रण के लिए धन खर्च किए जाने की आलोचना की थी।

इस सूची में बलात्कार के दोषी करार दिए गए हार्वे वाइंस्टीन तीसरे नंबर पर हैं । ये सर्वे आपेनियन रिसर्च कोरपोरेशन ने करवाया था।

COVID-19
Donand Trump
America
Trump and Florida beach

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी


बाकी खबरें

  • प्रभात पटनायक
    गिरते टीकाकरण का कारण कम उत्पादन या निजीकरण की नीति?
    07 Jun 2021
    18 से 44 वर्ष तक आयु के लोगों के टीकाकरण के लिए राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों के बीच यह होड़ हो रही है। उनसे अलग-अलग दाम तो लिए ही जा रहे हैं। पर उन्हें आपूर्तियों के एक ही हिस्से में से आपस में…
  • क्या सेंट्रल विस्टा से होगा देश के इतिहास पर ख़तरा?
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या सेंट्रल विस्टा से होगा देश के इतिहास पर ख़तरा?
    06 Jun 2021
    सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के कारण कुछ पुरानी इमारतों को तोड़ा जा सकता है. क्या नेशनल archives को भी इससे नुकसान होगा? नीलांजन के साथ 'इतिहास के पन्ने ' के इस अंक में पर चर्चा करते हैं
  • ‘इतवार की कविता’ : यह सदी किसके नाम
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    ‘इतवार की कविता’ : यह सदी किसके नाम
    06 Jun 2021
    “अन्न का उजाला”, एक शानदार रूपक है। जिसे रचा है वरिष्ठ कवि और संस्कृतिकर्मी शोभा सिंह ने और जिसके जरिये उन्होंने सत्ता द्वारा रचे गए आज के अंधेरे को रेखांकित किया है, उसे चुनौती दी है। वह कहती हैं-“…
  • तिरछी नज़र: शौक़ बड़ों की चीज़ है
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: शौक़ बड़ों की चीज़ है
    06 Jun 2021
    प्रधान सेवक का बड़ा मन है, बड़ी इच्छा है, बड़ा सपना है, उन्हें बड़ा शौक़ है...। उनका शौक़ बड़ा है, इसलिये उनके मकान का काम चल रहा है, आम आदमी का शौक़ छोटा है इसलिये आम आदमी के मकान का काम बंद है।
  • हेल्थ बीमा होने के बावजूद अगर इलाज का खर्च जेब से करना पड़े तो बीमा लेने का क्या फ़ायदा? 
    अजय कुमार
    हेल्थ बीमा होने के बावजूद अगर इलाज का खर्च जेब से करना पड़े तो बीमा लेने का क्या फ़ायदा? 
    06 Jun 2021
    आजकल हेल्थ बीमा होने के बाद भी कोरोना के साथ-साथ एक और लड़ाई लड़नी पड़ रही है। स्वास्थ्य बीमा कंपनियां तरह-तरह का पेच लगाकर हॉस्पिटल का खर्चा देने में आनाकानी कर रही हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License