NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पेरूः संसदीय चुनावों में फ्यूजीमोरिज़ो की हार और खंडित कांग्रेस की भविष्यवाणी
पेरू के पूर्व तानाशाह अल्बर्टो फुजीमोरी की बेटी के नेतृत्व वाली फाऱ-राइट पॉपुलर फोर्स (एफपी) पार्टी जिसका कांग्रेस में पूर्ण बहुमत था उसे केवल 20 सीटें मिलने का अनुमान है।
पीपल्स डिस्पैच
27 Jan 2020
Peru

26 जनवरी को कांग्रेस के नए सदस्यों का चुनाव करने के लिए पेरू के क़रीब 24 मिलियन लोगों ने मतदान किया। स्थानीय समाचार नेटवर्क अमेरिका टीवी और स्थानीय मतदान सर्वेक्षक इपसोस पेरू द्वारा किए गए एग्जिट पोल के नतीजों के मुताबिक पेरू की नई कांग्रेस में पूर्ण बहुमत किसी भी दल के पास नहीं होगा। एग्जिट पोल ने संकेत दिया कि 10 से अधिक दलों का कांग्रेस में प्रतिनिधित्व होगा जबकि किसी भी दल के पास बहुमत नहीं होगा।

इन नतीजों ने पेरू के पूर्व तानाशाह अल्बर्टो फुजिमोरी की बेटी कीको फुजिमोरी के नेतृत्व वाली अति दक्षिणपंथी पॉपुलर फ़ोर्स (एफपी) पार्टी की हार की भी पुष्टि की जिसका सितंबर 2019 में कांग्रेस के विघटन तक पूर्ण बहुमत था। इपसोस की रिपोर्ट के अनुसार, एफपी को 7.1% वोट मिलेंगे और इससे पहले मिले कांग्रेस के 73 सीटों में से केवल 20 सीटों पर ही संतोष करना पड़ेगा।

इस एग्जिट पोल के नतीजों से पता चला कि सेंटर-राइट पार्टी पॉपुलर एक्शन (एपी) 11.8% वोटों के साथ सबसे बड़ा दल होगा। एपी के बाद 8.8% मतों के साथ अलायंस फॉर प्रोग्रेस, 8.1% के साथ मोरडो पार्टी, 7.4% मतों के साथ पोडेमोस पेरू, 7% के साथ फ़्रीपैप और डेमोक्रेटिक पार्टी, 6.2% के साथ यूनियन फॉर पेरू और ब्रॉड फ्रंट और 5% मतों के साथ टूगेदर फॉर पेरू होंगे।

यह नई कांग्रेस 2021 में अगले राष्ट्रपति चुनाव तक लगभग एक वर्ष तक काम करेगी और फिर पांच साल के लिए नई व्यवस्था द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।

30 सितंबर 2019 को दक्षिणपंथी राष्ट्रपति विजकारा ने अपनी कार्यकारी शक्तियों का प्रयोग किया और विपक्षी सांसदों द्वारा दो विश्वास मतों से इंकार करने के बाद उन्होंने अति दक्षिणपंथी विपक्षी-नियंत्रित राष्ट्रीय विधायिका को संवैधानिक रूप से भंग कर दिया।

कांग्रेस के विघटन के बाद विजकारा जिनके पास कोई राजनीतिक पार्टी का गठबंधन नहीं है और अपने भ्रष्टाचार-विरोधी एजेंडे के लिए दक्षिण और वामपंथी दलों का समर्थन प्राप्त किया है ऐसे में नई कांग्रेस के गठन के साथ उनके भ्रष्टाचार-विरोधी सुधारों को आगे बढ़ाने का उनके पास एक नया अवसर है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Peru
Alberto Fujimori
Peru Parliamentary elections
Congress
Presidential Election

Related Stories

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

कांग्रेस के चिंतन शिविर का क्या असर रहा? 3 मुख्य नेताओं ने छोड़ा पार्टी का साथ

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

15 राज्यों की 57 सीटों पर राज्यसभा चुनाव; कैसे चुने जाते हैं सांसद, यहां समझिए...


बाकी खबरें

  • भाषा
    मोहाली में पुलिस मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला
    10 May 2022
    मोहाली पुलिस ने एक बयान में कहा, ''शाम 7.45 बजे सेक्टर 77, एसएएस नगर में पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय परिसर में एक मामूली विस्फोट की सूचना मिली। किसी नुकसान की सूचना नहीं है। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल…
  • पीपल्स डिस्पैच
    अनिश्चितता के इस दौर में रौशनी दिखाता श्रमिकों का संघर्ष  
    10 May 2022
    पोटेरे अल पोपोलो के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने 6 से 8 मई तक इटली के रोम में आयोजित वर्ल्ड फ़ेडरेशन ऑफ़ ट्रेड यूनियन्स की 18वीं कांग्रेस को संबोधित किया।
  • शाओनी दास
    ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून और न्याय की एक लंबी लड़ाई
    10 May 2022
    ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून, 1967 [यूएपीए] को 14 सितंबर, 2020 को हुए दिल्ली दंगों में कथित साज़िशकर्ताओं के ख़िलाफ़ इस्तेमाल गया है।
  • अजय कुमार
    क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?
    10 May 2022
    मौजूदा वक़्त की हालत यह है कि वित्तीय बाजार की पूरी दुनिया पर डॉलर का दबदबा है। लंदन, न्यूयॉर्क से वित्तीय बाजार नियंत्रित हो रहा है लेकिन दुनिया के उत्पादन श्रृंखला पर अमेरिका का दबदबा नहीं है।
  • राज वाल्मीकि
    मेरे लेखन का उद्देश्य मूलरूप से दलित और स्त्री विमर्श है: सुशीला टाकभौरे
    10 May 2022
    सुशीला टाकभौरे ने कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक आदि कई विधाओं में लेखन किया है। कई कहानियां, कविता और उपन्यास, आत्मकथा विभिन्न राज्यों के पाठ्यक्रम में लगी हुई हैं। आपको कई पुरस्कारों से सम्मानित किया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License