NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
रैन बसेरो में तीन वक्त का खाना मुहैया कराने के लिए याचिका, दिल्ली सरकार से जवाब तलब
‘‘रैन बसेरों में रहने वाले अधिकतर लोगों के पास दस्तावेज नहीं हैं। उनमें से कुछ अंतर राज्यीय मजूदर हैं जिनके पास दिल्ली का राशन कार्ड नहीं है और इसलिए कामगारों के पास अपना और बच्चों का पेट भरने का बहुत सीमित विकल्प है।’’
भाषा
08 May 2021
दिल्ली उच्च न्यायालय

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय में शुक्रवार को एक जनहित याचिका दायर कर महामारी और कर्फ्यू के मद्देनजर रैन बसेरों में रह रहे लोगों को तीन वक्त का खाना देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी की सरकार और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने दिल्ली सरकार और डीयूएसआईबी को नोटिस जारी कर बंधुआ मुक्ति मोर्चा (बीएमएम) की याचिका पर जवाब तलब किया है।

हाशिये पर रह रहे लोगों के लिए काम करने वाले संगठन के रूप में पंजीकृत बीएमएम ने अपनी याचिका में पिछले साल अक्टूबर में डीयूएसआईबी को बोर्ड की 29वीं बैठक में लिए गए फैसले को लागू करने का अनुरोध किया है जिसमें रैन बसेरों में तीन वक्त का खाना देने की बात की गई थी।

दिल्ली सरकार के स्थायी वकील संतोष के त्रिपाठी ने अदालत को हालांकि बताया कि तीन वक्त का खाना देने की योजना पिछले साल ही बंद कर दी गई थी और अब दो वक्त का खाना दिया जा रहा है।

संगठन की ओर से पेश वकील अनुप्रदा सिंह ने पीठ से कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर और कर्फ्यू की वजह से कामगारों को रोजगार नहीं मिल रहा और वे आर्थिक रूप से परेशानी का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘रैन बसेरों में रहने वाले अधिकतर लोगों के पास दस्तावेज नहीं हैं। उनमें से कुछ अंतर राज्यीय मजूदर हैं जिनके पास दिल्ली का राशन कार्ड नहीं है और इसलिए कामगारों के पास अपना और बच्चों का पेट भरने का बहुत सीमित विकल्प है।’’

बीएमएम ने अदालत से अनुरोध किया वह डीयूएसआईबी और दिल्ली सरकार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के रैन बसेरों में रहने वाले लोगों को ‘ साबुन, सेनिटाइजर, मास्क’ देने का निर्देश दें।

Delhi High court
Arvind Kejriwal
AAP government
Rain basero

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रपति के नाम पर चर्चा से लेकर ख़ाली होते विदेशी मुद्रा भंडार तक


बाकी खबरें

  • एम. के. भद्रकुमार
    भारत को अब क्वाड छोड़ देना चाहिए! 
    15 Mar 2022
    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन के बयान में अमेरिका के बढ़ते खतरे का भारत की रक्षा क्षमताओं और उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा पर महत्त्वपूर्ण असर पड़ेगा। 
  • Kashmir press club
    राज कुमार
    जम्मू-कश्मीर में मीडिया का गला घोंट रही सरकार : प्रेस काउंसिल
    15 Mar 2022
    ग़ौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सितंबर 2021 में प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया को एक पत्र लिखा था और मांग की थी कि काउंसिल एक फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग टीम भेजकर जम्मू-कश्मीर में…
  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार ने आदिवासी समूहों की मानी मांग, केंद्र के ‘ड्रोन सर्वे’ कार्यक्रम पर लगाईं रोक
    15 Mar 2022
    ‘ड्रोन सर्वे’ और ‘ज़मीन की डिजिटल मैपिंग’ कार्यक्रम के खिलाफ आवाज़ उठा रहे सभी आदिवासी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
  • अजय कुमार
    रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
    15 Mar 2022
    आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार चाहे तो कच्चे तेल की वजह से बढ़े हुए ख़र्च का भार ख़ुद सहन कर सकती है।
  • रौनक छाबड़ा
    ईपीएफओ ब्याज दर 4-दशक के सबसे निचले स्तर पर, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल से पहले खोला मोर्चा 
    15 Mar 2022
    ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने शनिवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अपनी मौजूदा ब्याज दर को 8.5% से घटाकर 8.1% करने की सिफारिश की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License