NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पेट्रोल, डीजल अकेलापन महसूस न करें, इसलिए LPG गैस के भी दाम बढ़ाये जा रहे है!
पेट्रोल, डीजल के बाद अब रसोई गैस के भी दाम बढ़ गए हैं। इसे लेकर आज सोशल मीडिया पर तमाम मीम वायरल हो रहे हैं। कई लोगों ने इसे ‘अच्छे दिनों’ की सौगात कहकर मोदी सरकार पर तंज़ किया है
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Feb 2021
पेट्रोल, डीजल अकेलापन महसूस न करें, इसलिए LPG गैस के भी दाम बढ़ाये जा रहे है!

पेट्रोल, डीजल अकेलापन महसूस न करें,

इसलिए LPG गैस के भी दाम बढ़ाये जा रहे है!

आज सोशल मीडिया पर इस तरह के मीम वायरल हो रहे हैं। कई लोगों ने इसे ‘अच्छे दिनों’ की सौगात कहकर भी मोदी सरकार पर तंज़ किया है और कई ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और स्मृति ईरानी पर भी व्यंग्य किए हैं। साथ ही स्वामी रामदेव को भी लोगों ने निशाना बनाया है।

दरअसल स्मृति ईरानी यूपीए सरकार के दौरान इन मसलों को लेकर काफी सक्रिय रही थीं और गैस सिलेंडर लेकर धरने पर भी बैठती थीं। इसी तरह स्वामी रामदेव यूपीए सरकार के दौरान पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर काफी हमलावर रहते थे और उन्होंने भी 2014 में चुनाव से पहले जनता से मोदी जी की एवज में वादा किया था कि अगर मोदी सरकार आती है तो पेट्रोल-डीजल बेहद सस्ता लगभग 35-40 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा।

image

यूपीए सरकार के दौरान रसोई गैस के दाम बढ़ने पर प्रदर्शन करतीं स्मृति ईरानी (फाइल फोटो)

आज जब सातवें दिन पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ें हैं और मध्यप्रदेश समेत कई जगह प्रीमियम पेट्रोल सैकड़ा पार कर गया है। इसी के साथ रसोई गैस भी महंगी हो गई है। बिना सब्सिडी के सिलेंडर के दामों में एक बार फिर 50 रुपये का इज़ाफा हुआ है, ऐसे में लोगों को मनमोहन सरकार के दौरान मोदी समेत इन सब नेताओं के बयान और दावे याद आ रहे हैं और सोशल मीडिया खासकर फेसबुक-ट्वीटर पर खूब मीम और बीजेपी के दावों की तस्वीरें तैर रही हैं।  

साहब सिर्फ दाढ़ी ही नहीं बढ़ा रहे हैं,
पेट्रोल डीजल और गैस के दाम भी तों बढ़ा रहे हैं।
मोदी मोदी

— Sweta Yadav (@SwetaYadav3132) February 15, 2021

संवाददाता सम्मेलन में सिलेंडर के साथ पहुंचीं कांग्रेस प्रवक्ता, रसोई गैस के दाम घटाने की मांग की

image

नयी दिल्ली: कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत रसोई गैस के दाम में बढ़ोतरी के विरोध में सोमवार को सिलेंडर के साथ संवाददाता सम्मेलन में पहुंचीं और सरकार से बढ़ी हुई कीमतें तत्काल वापस लेने की मांग की।

उन्होंने सरकार पर ‘कुप्रबंधन, मुनाफाखोरी करने और आम लोगों की फिक्र नहीं करने’ का आरोप लगाया और सवाल किया कि संप्रग सरकार के समय सिलेंडर लेकर सड़क पर बैठने वाली भाजपा की महिला नेता अब चुप क्यों हैं?

कांग्रेस प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले 10 दिनों के भीतर इस सरकार ने रसोई गैस के सिलेंडर में 75 रुपये की बढ़ोतरी की है। चार फरवरी को दाम 25 रुपये बढ़ाए गए थे और अब 50 रुपये बढ़ा दिए गए। यही नहीं, दो महीने के भीतर सिलेंडर की कीमत में 175 रुपये की वृद्धि की जा चुकी है। आज के समय में दिल्ली में एक सिलेंडर 769 रुपये का बिक रहा है।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘संप्रग सरकार के समय एक सिलेंडर की कीमत 400 रुपये के करीब थी। उस समय कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा थी, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखा गया था। अब पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस सरकार के कुप्रबंधन के कारण देश को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह सरकार डीजल पर उत्पाद शुल्क को आठ गुना और पेट्रोल पर ढाई गुना बढ़ा चुकी है। इस सरकार की कृपा है कि देश ने पेट्रोल की कीमत के मामले में शतक लगा दिया है और नया कीर्तिमान गढ़ दिया है। ऐसा लगता है कि इस सरकार को आम आदमी की रत्ती भर फिक्र नहीं है।’’

सुप्रिया ने सवाल किया कि क्या सरकार का काम ‘मुनाफाखोरी’ करना है?

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार से मांग है कि बढ़ी हुई कीमतें वापस ली जाएं और उत्पाद शुल्क कम करके लोगों राहत दी जाए।’’

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी और कांग्रेस की सरकार में कीमत 10 रुपये बढ़ने पर सिलेंडर लेकर सड़क पर उतरने वाली महिला नेता से पूछना चाहती हूं कि क्या आज सत्ता का सुख इतना बड़ा हो गया है कि वह बोल नहीं पा रही हैं? आपको पता है कि मैं किसके बारे में बात कर रही हूं।’’

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने पेट्रोल-डीज़ल और गैस के बढ़े दाम के विरोध में 20 फरवरी को आधे दिन के प्रदेश बंद का आह्वान किया है।

कमर तोड़ महंगाई के विरोध में 20 फरवरी, 2021 को मध्यप्रदेश बंद...

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री @OfficeOfKNath जी ने पेट्रोल-डीजल तथा गैस सिलेण्डर के दामों में बेतहाशा वृद्धि के विरोध स्वरूप 20 फरवरी,को प्रदेशव्यापी आधे दिन के बंद का आव्हान किया है।#Pcsharmainc pic.twitter.com/8l7JZjc9qh

— P C Sharma (@pcsharmainc) February 15, 2021

पेट्रोलियम पदार्थो के बढ़ते मूल्य पर मायावती ने केंद्र पर निशाना साधा

लखनऊ: देश में पेट्रोलियम पदार्थो की बढ़ती कीमतों को लेकर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनहित के इस मुद्दे पर सरकार का चुप रहना दुखद है।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ट्वीट कर कहा, 'देश में पेट्रोल, डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं तथा करोड़ों मध्यम वर्ग एवं मेहनतकश जनता में त्राहि-त्राहि मची हुई है, लेकिन जनहित के इस मुद्दे पर भी सरकार का मूक दर्शक बने रहना दुखद है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बसपा की मांग है कि महंगाई बढ़ाने वाले इस मुद्दे पर सरकार को तुरंत ध्यान देना चाहिए।’’

इसी तरह समाजवादी पार्टी ने भी गैस और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने पर सरकार को आड़े हाथों लिया है।

भाजपा सरकार में जारी है अच्छे दिनों की सौगात!

रसोई गैस सिलेंडर ₹50 फिर हुआ महंगा। बजट आने के बाद से 11 दिनों के अंदर ₹75 बढ़ चुके दाम।

पूंजीपतियों की तिजोरी भरने के लिए मध्यमवर्ग और गरीब जनता की जेब खाली करना बंद कर, "दम बांधे सरकार" । pic.twitter.com/DsPmfeddfD

— Samajwadi Party (@samajwadiparty) February 15, 2021

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

LPG
LPG price hike
Narendra modi
Modi government
petrol price hike

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

ध्यान देने वाली बात: 1 जून से आपकी जेब पर अतिरिक्त ख़र्च

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"


बाकी खबरें

  • किसान राष्ट्रीय सम्मेलन में आंदोलन को अखिल भारतीय विस्तार देने पर हुई चर्चा
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसान राष्ट्रीय सम्मेलन में आंदोलन को अखिल भारतीय विस्तार देने पर हुई चर्चा
    26 Aug 2021
    सम्मेलन में नेताओं ने किसान तीन कॉर्पोरेट-समर्थक, किसान-विरोधी केंद्रीय कानूनों को पूरी तरह से निरस्त करने पर क्यों जोर दे रहे हैं, और  संशोधनों के साथ छेड़छाड़ करने से क्यों काम नहीं चलेगा उसका तर्क…
  • तमिलनाडु : कथित सेक्स चैट से बीजेपी को बड़ा झटका
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु : कथित सेक्स चैट से बीजेपी को बड़ा झटका
    26 Aug 2021
    जहाँ एक तरफ़ पार्टी राज्य में अपनी साख जमाना चाह रही है, वहीं तमिलनाडु बीजेपी के जनरल सेक्रेटी ने इस्तीफ़ा दे दिया है।
  • गुजरात उच्च न्यायालय ने धर्मांतरण विरोधी क़ानून की धारा 5 हटवाने वाली राज्य सरकार की अर्ज़ी खारिज़ की
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गुजरात उच्च न्यायालय ने धर्मांतरण विरोधी क़ानून की धारा 5 हटवाने वाली राज्य सरकार की अर्ज़ी खारिज़ की
    26 Aug 2021
    गुजरात सरकार ने नए धर्मांतरण रोधी कानून की धारा पांच के क्रियान्वयन पर रोक के संबंध में अदालत के हालिया फैसले में संशोधन का अनुरोध करने वाली राज्य सरकार की अर्जी बृहस्पतिवार को खारिज कर दी।
  • ओडिसा: जबरन जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रही आदिवासी महिला नेता को किया नज़रबंद
    अनिल अंशुमन
    ओडिसा: जबरन जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रही आदिवासी महिला नेता को किया नज़रबंद
    26 Aug 2021
    ओडिसा में आदिवासी महिला हॉकी खिलाड़ियों का हुआ स्वागत और जबरन ज़मीन अधिग्रहण का विरोध कर रही आदिवासी महिला नेता को किया नज़रबंद ! 
  • श्रम मोलभावों के लिए आईआरसी एक ग़ैरज़रूरी कानून है
    डॉ के आर श्याम सुंदर
    श्रम मोलभावों के लिए आईआरसी एक ग़ैरज़रूरी कानून है
    26 Aug 2021
    औद्योगिक संबंध संहिता (इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड-आईआरसी) औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा मोलभाव के लिए बनाई गई परिषदों/संघों और कर्मचारियों के बीच सेवा-शर्तों से संबंधित बातचीत/मोलभावों के ऊपर नियम बना रहा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License