NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िलीपींस : सेना की गोलीबारी में एक नाबालिग़ सहित 3 आदिवासी मारे गए
मारे गए तीन लोगों विली रोड्रिग्ज, लेनी रिवास और एक 12 वर्षीय लड़की एंजेल रिवास को तीसरे एसएफबी द्वारा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ फिलीपींस (सीपीपी) की सशस्त्र शाखा न्यू पीपुल्स आर्मी (एनपीए) के विद्रोही के रूप में पेश किया गया था।
पीपल्स डिस्पैच
17 Jun 2021
फ़िलीपींस : सेना की गोलीबारी में एक नाबालिग़ सहित 3 आदिवासी मारे गए

दक्षिणी फिलीपींस में सैन्य गोलीबारी की घटना में दो किसान और एक बच्चे की मौत उस समय हो गई जब सेना ने उग्रवादी कम्युनिस्ट विद्रोहियों के साथ संघर्ष को तेज कर दिया। मानवाधिकार समूह, करापाटन के अनुसार बुधवार 15 जून को, फिलीपीन सेना की तीसरी स्पेशल फोर्सेस बटालियन (एसएफबी) ने मिंडानाओ के कारागा क्षेत्र के सुरिगाओ डेल सुर प्रांत के लियांगा में किसानों के एक समूह पर अंधाधुंध गोलीबारी की।

मारे गए तीन लोगों विली रोड्रिग्ज, लेनी रिवास और एक 12 वर्षीय लड़की एंजेल रिवास को तीसरे एसएफबी द्वारा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ फिलीपींस (सीपीपी) की सशस्त्र शाखा न्यू पीपुल्स आर्मी (एनपीए) के विद्रोही के रूप में पेश किया गया था। इस रिपोर्ट को कारापाटन के कारागा चैप्टर ने सामने लाया। रिपोर्टों के अनुसार मारे गए वयस्क लुमाड (एक फिलिपिनो शब्द जो आदिवासी लोगों के बारे में बताते हैं) संगठन, मालाहुतायोंग पाकिगबिसोग अलंग सा सुमुसुनोड (मापासु) का हिस्सा थे।

एंजेल रिवास स्थानीय लुमाड स्कूल में छठी कक्षा की छात्रा थी। फिलीपींस में लुमाड स्कूलों की रक्षा के लिए काम करने वाले सेव आवर स्कूल्स (एसओएस) नेटवर्क के प्रवक्ता रियुस वैले के अनुसार, मारे गए तीनों लोग उन छह लोगों के समूह का हिस्सा थे जो अबाका हेंप इकट्ठा करने के लिए खेत में गए थे। इनमें से तीन गोलीबारी के दौरान बच गए।

किसानों पर गोली चलाने वाले सैनिकों ने कहा कि उन्होंने अपनी रक्षा में कार्रवाई की भले ही उस समूह ने सेना से खेत पर जाने की अनुमति मांगी थी। तीनों लोगों के शवों को लियांगा के सेंट क्रिस्टाइन में सैन्य अड्डे पर ले जाया गया और एक झड़प में मारे गए आतंकवादियों के रूप में पेश किया गया। वैले ने कहा, "सरकारी बल 'नानलाबन' (आत्मरक्षा) के बारे में बता रही है जो जवाबदेही से बचने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक घिसा-पिटा बहाना है।"

पीड़ितों के परिवारों और एसओएस नेटवर्क ने आरोप लगाया है कि शवों को क्षत-विक्षत कर दिया गया था और यह चिंता जताई गई कि पीड़ितों पर यौन हमला किया गया था। महिला अधिकार आंदोलन गैब्रिएला ने हत्याओं और पीड़ितों के अंग-भंग के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की।

उन्होंने सेना को "फिलीपींस के लोगों के खिलाफ अनगिनत अपराधों, विशेष रूप से लुमाड महिलाओं और फिलीपींस में अन्य आदिवासी महिलाओं के खिलाफ किए अपराध के प्रति" जवाबदेह ठहराने की मांग की।

Philippines
Philippines Police
tribals
Special Forces Battalion

Related Stories

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 

दक्षिणी गुजरात में सिंचाई परियोजना के लिए आदिवासियों का विस्थापन

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

ज़रूरी है दलित आदिवासी मज़दूरों के हालात पर भी ग़ौर करना

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण

व्यासी परियोजना की झील में डूबा जनजातीय गांव लोहारी, रिफ्यूज़ी बन गए सैकड़ों लोग

बाघ अभयारण्य की आड़ में आदिवासियों को उजाड़ने की साज़िश मंजूर नहीं: कैमूर मुक्ति मोर्चा

सोनी सोरी और बेला भाटिया: संघर्ष-ग्रस्त बस्तर में आदिवासियों-महिलाओं के लिए मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली योद्धा

मध्य प्रदेश के जनजातीय प्रवासी मज़दूरों के शोषण और यौन उत्पीड़न की कहानी


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License