NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कवि-एक्टिविस्ट वरवर राव मुंबई के अस्पताल में भर्ती, परिवार ने ज़मानत की मांग की
वरवर राव की पत्नी हेमलता ने कहा कि चूंकि वरवर राव पहले ही “फर्जी आरोपों और बिना किसी सुनवाई के” 18 माह की कैद काट चुके हैं, इसलिए उन्हें तत्काल ज़मानत पर रिहा किया जाना चाहिए। मुंबई की विशेष अदालत ने भी अस्पताल को वरवर राव की स्वास्थ्य रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
30 May 2020
Varvar Rao
फोटो साभार: जनचौक

हैदराबाद: एल्गार परिषद मामले में गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता और कवि वरवर राव को मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनके परिवार ने उन्हें तत्काल ज़मानत पर रिहा करने की शनिवार को मांग की। उधर, मुंबई की एक विशेष अदालत ने अस्पताल को वरवर राव की स्वास्थ्य रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

हैदराबाद के पुलिस आयुक्त अंजनी कुमार ने ट्वीट किया, “यह मालूम चला है कि श्री वरवर राव को न्यायिक हिरासत में रहते हुए मुंबई के जे जे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले की जानकारी परिवार के सदस्यों को दे दी गई है और मुंबई तक यात्रा के लिए डीसीपी सेंट्रल जोन द्वारा परिवार के लिए जरूरी पास जारी किए जा रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “हम मुंबई में एजेंसियों के साथ समन्वय बिठा रहे हैं।”

80 वर्षीय राव फिलहाल नवी मुंबई की तालोजा जेल में बंद हैं।

वरवर राव की पत्नी हेमलता ने शनिवार को एक बयान में उनके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि मुंबई में उनसे मुलाकात की अनुमति प्राप्त करने के लिए कानूनी प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “यह काफी होगा कि सरकार कोविड-19 के संदर्भ में जरूरी मंजूरी दे दे और हम यात्रा का प्रबंध खुद कर लेंगे।”

उन्होंने केंद्र और महाराष्ट्र एवं तेलंगाना की सरकारों से तत्काल उनके साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कराने का अनुरोध किया है ताकि परिवार के सदस्यों को उनके स्वास्थ्य की सही स्थिति का पता चल सके।

हेमलता ने कहा कि चूंकि वरवर राव पहले ही “फर्जी आरोपों और बिना किसी सुनवाई के” 18 माह की कैद काट चुके हैं, इसलिए उन्हें तत्काल जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए।

यह बताते हुए कि राव को पहले से ही हृदय की बीमारी और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं हैं, हेमलता ने कहा कि डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम द्वारा उनकी चिकित्सीय जांच होनी चाहिए ताकि “वर्तमान समस्या” के कारणों का पता चल सके।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय एनआईए को निर्देश दे कि वह राव और अन्य आरोपी के खिलाफ “प्रतिशोधी” दृष्टिकोण को छोड़ दे।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “वरवर राव की सेहत और सुरक्षा की जिम्मेदारी तेलंगाना सरकार की है क्योंकि उन्होंने अलग तेलंगाना राज्य के लिए 1969 से हुए विभिन्न आंदोलनों में हिस्सा लिया है।”

वरवर राव की सेहत पर चिंता जताते हुए भाकपा के पूर्व महासचिव एस सुधाकर रेड्डी ने उनकी रिहाई और उन्हें हैदराबाद के अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की।

इस बीच, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह कानून के अनुरूप काम करेंगे।

दालत ने वरवर राव की स्वास्थ्य रिपोर्ट तलब की

मुंबई: मुंबई की एक विशेष अदालत ने सरकारी जेजे अस्पताल को एल्गार परिषद मामले में गिरफ्तार कार्यकर्ता वरवर राव की स्वास्थ्य रिपोर्ट देने का शनिवार को निर्देश दिया।

उल्लेखनीय है कि तबीयत बिगड़ने पर 81 वर्षीय राव को तलोजा जेल से बृहस्पतिवार देर शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत देने की राव की याचिका अदालत के समक्ष लंबित है और उस पर दो जून को सुनवाई होने का कार्यक्रम है।

राव के वकील ने शनिवार को अदालत से अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करने का अनुरोध किया, जिस पर अदालत ने जेजे अस्पताल से राव की चिकित्सा रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।

सुनवाई के दौरान राव का पक्ष रख रहे वकील ने कहा कि आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराना मामले की गंभीरता को दिखाता है। इसलिए, आरोपी की चिकित्सा रिपोर्ट और मौजूदा परिस्थिति को देखना जरूरी है।

याचिका स्वीकार करते हुए अदालत ने अस्पताल से राव की मेडिकल स्थिति पर रिपोर्ट तलब की।

Activist
Varvar Rao
Hyderabad
Hyderabad Police
Mumbai
Demands bail

Related Stories

हैदराबाद फर्जी एनकाउंटर, यौन हिंसा की आड़ में पुलिसिया बर्बरता पर रोक लगे

मुंबई में अगले साल आईओसी सत्र का आयोजन देश के खेल क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा: प्रमाणिक

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक से ईडी कर रही है पूछताछ

मुंबई में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से 7 लोगों की मौत, 16 अन्य घायल

संभावित लॉकडाउन के ख़तरे के बीच बिहार-यूपी लौटने लगे प्रवासी श्रमिक !

मुंबईः दो साल से वेतन न मिलने से परेशान सफाईकर्मी ने ज़हर खाकर दी जान

‘बुल्ली बाई’ ऐप मामला : मुंबई पुलिस ने एक और छात्र को गिरफ़्तार किया

कोविड-19 मामलों की संख्या में आये भारी उछाल से महाराष्ट्र के कमजोर तबकों को एक और लॉकडाउन का डर सताने लगा है!

पत्रकारिता में दोहरे मापदंड क्यों!

जब सार्वजनिक हित के रास्ते में बाधा बनती आस्था!


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License