NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पोलैंड : व्यापक आलोचना के दबाव में राष्ट्रपति चुनाव की तारीख़ आगे बढ़ी
कोविड-19 के ख़तरे के बावजूद लॉ एंड जस्टिस (PiS) के नेतृत्व वाली सरकार राष्ट्रपति चुनाव का गठन करवाने के लिये बेचैन नज़र आ रही थी।
पीपल्स डिस्पैच
08 May 2020
पोलैंड

विपक्ष, गठबंधन पार्टियों और समाज के विभिन्न संगठनों से आलोचना का सामना करने के बाद, 6 मई को सत्तारूढ़ दक्षिणपंथी पार्टी लॉ एंड जस्टिस(PiS) ने 10 मई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की तारीख़ आगे बढ़ाने का फ़ैसला किया है। PiS द्वारा राष्ट्रपति आंद्रज़ेज को कोविड-19 के ख़तरे के बावजूद दोबारा राष्ट्रपति बनाने की कोशिशों ने सरकार की कोविड-19 विरोधी नीतियों पर गहरा असर डाला है।

हालांकि 5 मई को विपक्षी बहुमत ने 10 मई के राष्ट्रपति चुनाव को पोस्टल बैलट से करवाने के निर्णय पर वोट किया था, PiS बहुमत वाले Sejm(लोअर हाउस) ने 7 मई को मंज़ूर किया कि पोस्टल ही होगी।

पोलिश के वामपंथी गठबंधन के सदस्य राज़ेम ने इल्ज़ाम लगाया है कि "हमने दक्षिणपंथी गुट द्वारा शुरू किये गए राजनीतिक खेल में डेढ़ महीने बर्बाद कर दिए हैं । जिस दौरान वह चुनाव की तैयारी कर रहे थे, पोलैंड की जनता अपनी नौकरी खो रही थी, सैंकड़ों हज़ारों कंपनियां बंद हो गईं और देश में कोविड-19 की वजह से बेरोज़गारी बढ़ रही है।"

इससे पहले पोलैंड की कम्युनिस्ट पार्टी(केपीपी) सहित अन्य पार्टियों और WZZ Walka सहित ट्रेड यूनियन ने सरकार के कोविड-19 के दौरान चुनाव करवाने के निर्णय, और वह भी पोस्टल वोटिंग के ज़रिए चुनाव करवाने के निर्णय का विरोध किया था।
पोलैंड में 7 मई तक 15047 लोग कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं, और 755 लोगों की मौत हो चुकी है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Poland
Presidential Election
PIS
Communist Party of Poland
KPP

Related Stories

यूक्रेन: यूरोप द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाना इसलिए आसान नहीं है! 

भारत की तरह पौलेंड में भी पेगासस पर मचा हंगामा, विपक्षी नेताओं के फोन हैक करने का आरोप

पोलैंडः पैरोक प्लांट के कर्मचारियों को एक सप्ताह की हड़ताल के बाद जीत मिली

कितना व्यावहारिक है पश्चिम बंगाल का विभाजन और एक अलग राज्य उत्तर बंगाल का निर्माण

पेरूः कैस्टिलो ने राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता, फुजीमोरी का मानने से इनकार

पेरूः राष्ट्रपति पद की मतगणना में कैस्टिलो को बढ़त मिलने पर फुजीमोरी का धोखाधड़ी का आरोप

पेरू के राष्ट्रपति पद चुनावों में दूसरे दौर के प्रारंभिक परिणाम में फुजीमोरी को कैस्टिलो पर मामूली बढ़त

बशर अल-असद ने 95% से ज़्यादा वोट से जीता सीरिया का राष्ट्रपति चुनाव

लेफ़्ट उम्मीदवार पेड्रो कास्टिलो ने पेरू में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में जीत दर्ज की

दक्षिणपंथी गुइलर्मो लास्सो ने इक्वाडोर के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में करीब दो महीने बाद एक दिन में कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज
    07 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,805 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 20 हज़ार से भी ज़्यादा यानी 20 हज़ार 303 हो गयी है।
  • मुकुंद झा
    जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!
    07 May 2022
    कर्मचारियों को वेतन से वंचित करने के अलावा, जेएनयू प्रशासन 2020 से परिसर में कर्मचारियों की संख्या लगातार कम कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप मौजूदा कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव है। कर्मचारियों की…
  • असद रिज़वी
    केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार
    07 May 2022
    कोल इंडिया का कोयल लगभग रुपया 3000 प्रति टन है.अगर विदेशी कोयला जो सबसे कम दर रुपया 17000 प्रति टन को भी आधार मान लिया जाए, तो एक साल में केवल 10 प्रतिशत  विदेशी कोयला खरीदने से 11000 करोड़ से ज्यादा…
  • बी. सिवरामन
    प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री के लिए यह सरासर दुर्भाग्य की बात थी कि यद्यपि पश्चिमी मीडिया में उनके दौरे के सकारात्मक कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए उनके बैकरूम प्रचारक ओवरटाइम काम कर रहे थे, विश्व प्रेस स्वतंत्रता…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    सिख इतिहास की जटिलताओं को नज़रअंदाज़ करता प्रधानमंत्री का भाषण 
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री द्वारा 400वें प्रकाश पर्व समारोह के मौके पर दिए भाषण में कुछ अंश ऐसे हैं जिनका दूरगामी महत्व है और बतौर शासक  देश के संचालन हेतु उनकी भावी कार्यप्रणाली एवं चिंतन प्रक्रिया के संकेत भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License