NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पोलैंड की सीनेट ने न्यायपालिका को कमज़ोर करने वाली बिल को खारिज किया
पोलैंड के राष्ट्रपति के अनुमोदन के साथ रूढ़िवादी लॉ एंड जस्टिस (पीआईएस) पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार अभी भी विवादास्पद न्यायिक सुधारों की आलोचना करने वाले न्यायाधीशों के लिए सजा देने वाले इस विधेयक को लागू कर सकती है।
पीपल्स डिस्पैच
18 Jan 2020
poland
विपक्षी दलों के प्रभुत्व वाले 100 सीट के सीनेट में 51 सदस्यों ने इस विधेयक के खिलाफ और 48 सदस्यों ने पक्ष में मतदान किया।

17 जनवरी यानी शुक्रवार को पोलैंड संसद के उच्च सदन सीनेट ने सत्तारूढ़ रूढ़िवादी सरकार द्वारा शुरू किए गए न्यायिक सुधारों की आलोचना करने वाले न्यायाधीशों के लिए सजा देने वाले विवादास्पद बिल को खारिज कर दिया था। तीन वोटों के अंतर इसे खारिज किया गया। 100 सीट वाले इस सीनेट में बिल को खारिज करने के पक्ष में 51 वोट पड़े जबकि बिल के समर्थन में 48 वोट पड़े। भले ही विपक्षी-प्रभुत्व वाले सीनेट ने इस विधेयक को खारिज कर दिया हो लेकिन सरकार अभी भी राष्ट्रपति के अनुमोदन के साथ कानून बना सकती है क्योंकि इस विधेयक को पहले सत्ताधारी लॉ एंड जस्टिस (पीआईएस) पार्टी के वर्चस्व वाले निचले सदन द्वारा पिछले साल दिसंबर में अनुमोदित किया गया था।

देश में रूढ़िवादी सरकार न्यायपालिका को अधीन करने के प्रयास में 2015 से एक विवादास्पद न्यायिक सुधार पर जोर दे रही है और इसने सिविल सोसाइटी, वामपंथी दलों और यहां तक कि यूरोपीय संघ (ईयू) की तरफ से होने वाले व्यापक विरोध प्रदर्शन को भी दबा दिया था। इन सुधारों में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 70 से 65 तक कम करना और पोलैंड के राष्ट्रपति को "योग्य" समझे जाने वाले न्यायाधीशों के कार्यकाल को पांच साल तक बढ़ाना शामिल है।

शुक्रवार को सीनेट में डाले गए वोट के बाद एक्टिविस्ट ग्रुप अक्सजा डेमोक्रासजा ने कहा है कि "पोलैंड की सीनेट द्वारा इस बिल को अस्वीकार करना पोलैंड में कानून के शासन को सुधारने के रास्ते पर एक सफलता है। अब अगला कदम उठाने का समय आ गया है कि हमें न्याय प्रणाली को विनाश से बचाने के लिए सत्तारूढ़ सरकार का विरोध करने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखनी चाहिए।”

इससे पहले 18 दिसंबर को पोलैंड में 160 से अधिक स्थानों पर इस न्यायिक सुधारों के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन हुए थे। इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन कमेटी फॉर डिफेंस ऑफ़ डेमोक्रेसी (केओडी), न्यायपालिका संघ "जस्टिसिया पोल्स्का", नागरिक आंदोलन ओआरपी, अक्सजा डेमोक्रासजा और विपक्षी दल जिसमें पोलैंड की लेफ्ट पार्टी लेविका रेज़ेम और विओसना के नेतृत्व में किया गया था।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Poland
Poland's Senate
PIS
Poland Parliament
Conservative Government
Protests

Related Stories

हापुड़ अग्निकांड: कम से कम 13 लोगों की मौत, किसान-मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन

झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत

सूडान में तख्तापलट के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन जारी, 3 महीने में 76 प्रदर्शनकारियों की मौत

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की

जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?

सूडान : 10 लाख से ज़्यादा नागरिक तख़्तापलट के विरोध में सड़कों पर आए

तमिलनाडु: दलदली या रिहायशी ज़मीन? बेथेल नगर के 4,000 परिवार बेदखली के साये में

पोलैंडः गर्भपात पर प्रतिबंध को लेकर अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन

हिमाचल प्रदेश: बस किराये में बढ़ोतरी पर विपक्ष सहित मज़दूर संगठनों का विरोध

अमेरिका में अश्वेत व्यक्ति की मौत के विरोध में कर्फ़्यू तोड़कर प्रदर्शन, नेशनल गार्ड को बुलाया गया


बाकी खबरें

  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : ‘भाषाई अतिक्रमण’ के खिलाफ सड़कों पर उतरा जनसैलाब, मगही-भोजपुरी-अंगिका को स्थानीय भाषा का दर्जा देने का किया विरोध
    02 Feb 2022
    पिछले दिनों झारखंड सरकार के कर्मचारी चयन आयोग द्वारा प्रदेश के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों की नियुक्तियों के लिए भोजपुरी, मगही व अंगिका भाषा को धनबाद और बोकारो जिला की स्थानीय भाषा का दर्जा…
  • ukraine
    पीपल्स डिस्पैच
    युद्धोन्माद फैलाना बंद करो कि यूक्रेन बारूद के ढेर पर बैठा है
    02 Feb 2022
    मॉर्निंग स्टार के संपादक बेन चाकों लिखते हैं सैन्य अस्थिरता बेहद जोखिम भरी होती है। डोंबास में नव-नाजियों, भाड़े के लड़ाकों और बंदूक का मनोरंजन पसंद करने वाले युद्ध पर्यटकों का जमावड़ा लगा हुआ है।…
  • left candidates
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: मज़बूत विपक्ष के उद्देश्य से चुनावी रण में डटे हैं वामदल
    02 Feb 2022
    “…वामदलों ने ये चुनौती ली है कि लूट-खसोट और उन्माद की राजनीति के खिलाफ एक ध्रुव बनना चाहिए। ये ध्रुव भले ही छोटा ही क्यों न हो, लेकिन इस राजनीतिक शून्यता को खत्म करना चाहिए। इस लिहाज से वामदलों का…
  • health budget
    विकास भदौरिया
    महामारी से नहीं ली सीख, दावों के विपरीत स्वास्थ्य बजट में कटौती नज़र आ रही है
    02 Feb 2022
    कल से पूरे देश में लोकसभा में पेश हुए 2022-2023 बजट की चर्चा हो रही है। एक ओर बेरोज़गारी और गरीबी से त्रस्त देश की आम जनता की सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं हैं, तो
  • 5 election state
    रवि शंकर दुबे
    बजट 2022: क्या मिला चुनावी राज्यों को, क्यों खुश नहीं हैं आम जन
    02 Feb 2022
    पूरा देश भारत सरकार के आम बजट पर ध्यान लगाए बैठा था, खास कर चुनावी राज्यों के लोग। लेकिन सरकार का ये बजट कल्पना मात्र से ज्यादा नहीं दिखता।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License